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Hardoi News: ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में तौलिया भूले चिकित्सक, संक्रमण से मौत
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फोटो-19- जदुरानी। फाइल फोटो
हरदोई। लगभग पांच माह पहले महिला का पथरी का ऑपरेशन करने के दौरान चिकित्सक ने तौलिया पेट में ही छोड़ दी। बीती पांच फरवरी को दूसरे चिकित्सक को दिखाने पर इसका पता चला। फिर से ऑपरेशन करवाकर तौलिया निकाली गई। पांच माह तक पेट में तौलिया रहने के कारण पूरा शरीर संक्रमित हो गया। बीते रविवार को महिला की मौत हो गई। महिला के पति ने आईजीआरएस पर पूरे मामले की शिकायत की है। घटना टड़ियावां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला के साथ हुई।
टड़ियावां थाना क्षेत्र के ग्राम सड़िला निवासी कमलेश खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी जदुरानी (46) के पित्त की थैली में पथरी थी। उन्होंने देहात कोतवाली क्षेत्र के मुरलीपुरवा के पास एक प्राइवेट अस्पताल में जदुरानी को 16 सितंबर 2025 को भर्ती कराया था। वहां 17 सितंबर 2025 को चिकित्सक ने जदुरानी का ऑपरेशन किया था। 28 सितंबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद भी उनके पेट में दर्द होता रहा। चार माह तक वह उसी अस्पताल में इलाज कराती रहीं। फायदा न होने पर जदुरानी ने शहर में लखनऊ रोड स्थित एक प्रतिष्ठित अस्पताल में खुद को दिखाया। यहां हुई जांच में पता चला कि ऑपरेशन के दौरान तौलिया जदुरानी के पेट में छूट गई है।
बीती पांच फरवरी को फिर से ऑपरेशन कर तौलिया बाहर निकाली गई। हालांकि इस दौरान डॉक्टर ने परिजनों को बता दिया था कि लगभग पांच माह तक पेट में तौलिया रहने के कारण शरीर के ज्यादातर अंगों में संक्रमण हो गया है। कमलेश ने बताया कि 20 फरवरी को वह जदुरानी को अस्पताल से घर ले आए और यहीं उपचार कराने लगे। रविवार को जदुरानी की हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। मृतका के परिवार में पति, दो पुत्र और एक पुत्री है। थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के शिकायती पत्र के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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टड़ियावां थाना क्षेत्र के ग्राम सड़िला निवासी कमलेश खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी जदुरानी (46) के पित्त की थैली में पथरी थी। उन्होंने देहात कोतवाली क्षेत्र के मुरलीपुरवा के पास एक प्राइवेट अस्पताल में जदुरानी को 16 सितंबर 2025 को भर्ती कराया था। वहां 17 सितंबर 2025 को चिकित्सक ने जदुरानी का ऑपरेशन किया था। 28 सितंबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद भी उनके पेट में दर्द होता रहा। चार माह तक वह उसी अस्पताल में इलाज कराती रहीं। फायदा न होने पर जदुरानी ने शहर में लखनऊ रोड स्थित एक प्रतिष्ठित अस्पताल में खुद को दिखाया। यहां हुई जांच में पता चला कि ऑपरेशन के दौरान तौलिया जदुरानी के पेट में छूट गई है।
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बीती पांच फरवरी को फिर से ऑपरेशन कर तौलिया बाहर निकाली गई। हालांकि इस दौरान डॉक्टर ने परिजनों को बता दिया था कि लगभग पांच माह तक पेट में तौलिया रहने के कारण शरीर के ज्यादातर अंगों में संक्रमण हो गया है। कमलेश ने बताया कि 20 फरवरी को वह जदुरानी को अस्पताल से घर ले आए और यहीं उपचार कराने लगे। रविवार को जदुरानी की हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। मृतका के परिवार में पति, दो पुत्र और एक पुत्री है। थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के शिकायती पत्र के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

फोटो-19- जदुरानी। फाइल फोटो
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