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डीएम ने अनाथ दो बच्चों को लिया गोद
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Thu, 26 Feb 2015 11:59 PM IST
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विकास खंड भरखनी के ग्राम चकौती खुर्द निवासी दो अनाथ
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बच्चों को डीएम ने गोद लेकर उनके देखरेख की जिम्मेदारी सौंप दी। डीएम ने
एक नई पहल करते हुए पदेन डीएम को बच्चों का अभिभावक निर्धारित किया है। साथ
ही बाल विकास विभाग को जिले के अनाथ बच्चों को चिह्नित करने के निर्देश
दिए हैं, ताकि उनके भविष्य को बेहतर किया जा सके।
डीएम रमेश मिश्र ने दो अनाथ बच्चों को गोद लेकर उनके भविष्य को बेहतर बनाने की बात कही है। विकास खंड भरखनी के ग्राम चकौती खुर्द निवासी कौशल कुमार की मृत्यु मार्ग दुर्घटना में हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी की मृत्यु भी हो चुकी है।
परिवार के एक मात्र कमाऊ व्यक्ति होने से उनके नाबालिग पुत्र सात वर्षीय दीपक तथा चार वर्षीय सीटू के भरण पोषण व भविष्य के लिए जिलाधिकारी ने जहां एक ओर पांच लाख रुपये एफडी बच्चों के नाम कराई है। वहीं दोनों बच्चों को पदेन जिलाधिकारी द्वारा गोद लेना निर्धारित किया।
उन्होंने बच्चों के भरण पोषण को परिवार में बच्चों की दादी धनदेवी के पेंशन खाते में एफडी से प्राप्त होने वाले ब्याज की आधी राशि हर माह देने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों की देखभाल को हर तीन माह पर एसडीएम व तहसीलदार गांव जाकर बच्चों की जानकारी लेंगे और हर छह माह पर प्रधान व एसडीएम इन बच्चों को मौजूदा डीएम से मिलाएंगे।
कहा कि जिले में जो डीएम रहेगा, वह इन बच्चों का अभिभावक होगा। इसके अलावा आईसीडीएस विभाग को अनाथ बच्चों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम रमेश मिश्र ने दो अनाथ बच्चों को गोद लेकर उनके भविष्य को बेहतर बनाने की बात कही है। विकास खंड भरखनी के ग्राम चकौती खुर्द निवासी कौशल कुमार की मृत्यु मार्ग दुर्घटना में हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी की मृत्यु भी हो चुकी है।
परिवार के एक मात्र कमाऊ व्यक्ति होने से उनके नाबालिग पुत्र सात वर्षीय दीपक तथा चार वर्षीय सीटू के भरण पोषण व भविष्य के लिए जिलाधिकारी ने जहां एक ओर पांच लाख रुपये एफडी बच्चों के नाम कराई है। वहीं दोनों बच्चों को पदेन जिलाधिकारी द्वारा गोद लेना निर्धारित किया।
उन्होंने बच्चों के भरण पोषण को परिवार में बच्चों की दादी धनदेवी के पेंशन खाते में एफडी से प्राप्त होने वाले ब्याज की आधी राशि हर माह देने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों की देखभाल को हर तीन माह पर एसडीएम व तहसीलदार गांव जाकर बच्चों की जानकारी लेंगे और हर छह माह पर प्रधान व एसडीएम इन बच्चों को मौजूदा डीएम से मिलाएंगे।
कहा कि जिले में जो डीएम रहेगा, वह इन बच्चों का अभिभावक होगा। इसके अलावा आईसीडीएस विभाग को अनाथ बच्चों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।