{"_id":"f936767df5ed20b7c1165b88e2a17cbf","slug":"disappeared-in-the-fog-cloud-suryadev-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोहरा और बादल में गायब हुए सूर्यदेव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोहरा और बादल में गायब हुए सूर्यदेव
ब्यूरो/अमर उजाला हरदोई
Updated Fri, 09 Jan 2015 12:38 AM IST
विज्ञापन
गुरुवार की सुबह पूरी तरह से कोहरे की चादर से ढकी
विज्ञापन
रही। सुबह 9 बजे के बाद कोहरा छंटना शुरू हुआ, पर बादल छाए रहने से सूरज के
न निकलने से दिन के समय में ही सर्दी बढ़ गई, जिससे लोग परेशान नजर आए।
सर्दी से बचने को लोगों ने गर्म कपड़ों के साथ ही अलाव आदि का सहारा लिया।
आज तापमान का अधिकतम स्तर 19.0 एवं न्यूनतम 7.0 डिग्री सेल्सियस रहा। घने कोहरे से एक ओर जहां यातायात लड़खड़ा रहा, तो दूसरी तरफ सर्दी भी बढ़ी हुई है। कोहरे के साथ आसमान में छाए रहने वाले बादल मौसम के तेवराें को और तीखा बना रहे, जिससे शीत लहर चलने के हालात है।
सर्दी बढ़ रही, ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी गरीब तबके के लोगों को हो रही। जिनके पास अपने आशियाने नहीं हैं, उनके लिए सर्दी बढ़ने के साथ ही मुश्किलें भी बढ़ती जा रही है। गुरुवार को सूरज ने बादलों को चीर कर बाहर आने के खूब प्रयास किए, पर प्रयास सफल नहीं हो सके। हां कुछ देर के लिए प्रकाश देने में कामयाब हुए।
सूर्यदेव के तेज पर बादलों के तेवर भारी पड़ते रहे, जिससे लोगों को गुनगुनी धूप का आनंद न मिल सका और दिन के समय में ही कड़ाके की सर्दी सताती रही। यह अलग बात है कि बादलों को परास्त कर लोगों को राहत देने के सूर्यदेव के प्रयासों से बादल घने काले न हो सके और और प्रकाश मिलता रहा, पर शाम होते ही वातावरण पूरी तरह से ठंड के आगोश में समा गया और पारा में गिरावट के साथ ही सर्दी बढ़ गई।
आज तापमान का अधिकतम स्तर 19.0 एवं न्यूनतम 7.0 डिग्री सेल्सियस रहा। घने कोहरे से एक ओर जहां यातायात लड़खड़ा रहा, तो दूसरी तरफ सर्दी भी बढ़ी हुई है। कोहरे के साथ आसमान में छाए रहने वाले बादल मौसम के तेवराें को और तीखा बना रहे, जिससे शीत लहर चलने के हालात है।
सर्दी बढ़ रही, ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी गरीब तबके के लोगों को हो रही। जिनके पास अपने आशियाने नहीं हैं, उनके लिए सर्दी बढ़ने के साथ ही मुश्किलें भी बढ़ती जा रही है। गुरुवार को सूरज ने बादलों को चीर कर बाहर आने के खूब प्रयास किए, पर प्रयास सफल नहीं हो सके। हां कुछ देर के लिए प्रकाश देने में कामयाब हुए।
सूर्यदेव के तेज पर बादलों के तेवर भारी पड़ते रहे, जिससे लोगों को गुनगुनी धूप का आनंद न मिल सका और दिन के समय में ही कड़ाके की सर्दी सताती रही। यह अलग बात है कि बादलों को परास्त कर लोगों को राहत देने के सूर्यदेव के प्रयासों से बादल घने काले न हो सके और और प्रकाश मिलता रहा, पर शाम होते ही वातावरण पूरी तरह से ठंड के आगोश में समा गया और पारा में गिरावट के साथ ही सर्दी बढ़ गई।