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शाहाबाद में नाली खड़ंजे के निर्माण और भुगतान पर रोक
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हरदोई। मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान सीडीओ आकांक्षा राना ने शाहाबाद में निर्देशों की अनदेखी किए जाने का मामला पकड़ा है। उन्होंने शाहाबाद के बीडीओ को चेतावनी जारी की है।
शासन के निर्देश हैं कि प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (एनआरएम) के कार्यों को प्रमुखता दी जाए। इसके तहत शाहाबाद विकास खंड का चयन मिशन वाटर कंजर्वेशन (एमडब्लूसी) के तहत हो चुका है। इसके बावजूद यहां नॉन एनआरएम कार्य यानी नाली, खड़ंजा, गोट शेड, काऊ शेड आदि बनाने का कार्य किया जा रहा है। सीडीओ आकांक्षा राना ने इसकी समीक्षा की तो पता चला कि अधिकांश कार्य नॉन एनआरएम के ही हो रहे हैं।
शाहाबाद के बीडीओ डॉ. धर्मेंद्र वर्मा को जारी चेतावनी और नोटिस में सीडीओ ने कहा है कि एनआरएम के कार्यों पर कुल खर्च के सापेक्ष 65 फीसदी से कम खर्च नहीं होना चाहिए, लेकिन शाहाबाद में यह 34 से 46 फीसदी ही हैं। ऐसे में सीडीओ ने निर्देश दिए हैं कि जब तक एनआरएम के कार्यों पर 65 फीसदी खर्च न हो जाए, तब तक नॉन एनआरएम के कार्यों का न तो भुगतान किया जाए और न ही स्वीकृति दी जाए। एक सप्ताह के अंदर सुधार करने के निर्देश सीडीओ ने दिए हैं।
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शासन के निर्देश हैं कि प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (एनआरएम) के कार्यों को प्रमुखता दी जाए। इसके तहत शाहाबाद विकास खंड का चयन मिशन वाटर कंजर्वेशन (एमडब्लूसी) के तहत हो चुका है। इसके बावजूद यहां नॉन एनआरएम कार्य यानी नाली, खड़ंजा, गोट शेड, काऊ शेड आदि बनाने का कार्य किया जा रहा है। सीडीओ आकांक्षा राना ने इसकी समीक्षा की तो पता चला कि अधिकांश कार्य नॉन एनआरएम के ही हो रहे हैं।
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शाहाबाद के बीडीओ डॉ. धर्मेंद्र वर्मा को जारी चेतावनी और नोटिस में सीडीओ ने कहा है कि एनआरएम के कार्यों पर कुल खर्च के सापेक्ष 65 फीसदी से कम खर्च नहीं होना चाहिए, लेकिन शाहाबाद में यह 34 से 46 फीसदी ही हैं। ऐसे में सीडीओ ने निर्देश दिए हैं कि जब तक एनआरएम के कार्यों पर 65 फीसदी खर्च न हो जाए, तब तक नॉन एनआरएम के कार्यों का न तो भुगतान किया जाए और न ही स्वीकृति दी जाए। एक सप्ताह के अंदर सुधार करने के निर्देश सीडीओ ने दिए हैं।
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