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54 लाख मानव दिवस सृजित कर होगा विकास
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 05 Apr 2015 12:39 AM IST
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नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ ही अब विकास कार्य
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के लिए नवीन रूपरेखा भी तय होने लगी। मनरेगा के अंतर्गत भी वित्तीय वर्ष
के दौरान कराए जाने वाले कार्यों के लिए श्रम बजट का अनुमोदन हो गया है। केंद्र
सरकार ने पूरे प्रदेश को बजट का अनुमोदन करते हुए जिले के लिए भी मानव
दिवस और उस पर व्यय होने वाली धनराशि का निर्धारण कर दिया।
जिसके अनुसार ही अब मनरेगा के मार्च तक कार्य कराए जाएंगे। मनरेगा से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कराने को लोगों को रोजगार मुहैया कराया जाता है। गांवों में कच्ची मिट्टी से होने वाले कार्यों के लिए हर वित्तीय वर्ष में श्रम बजट का निर्धारण होता है।
वित्तीय वर्ष 15-16 के शुरू होने से पहले भी जिले में श्रम बजट को लेकर विभागों से सूचनाएं मांग ली गई थीं। सभी सूचनाएं एकत्रित करते हुए श्रम बजट के अनुमोदन के लिए भारत सरकार को प्रस्तावित बजट भेज दिया गया। चूंकि अब वित्तीय वर्ष 15-16 शुरू हो गया है ऐसे में नवीन वित्तीय वर्ष का श्रम बजट भी लागू कर दिया गया।
केंद्र सरकार ने पूरे प्रदेश में मनरेगा के अंतर्गत प्रस्तावित 1984.01 लाख मानव दिवसों के सृजन के सापेक्ष कुल 1632.23 लाख मानव दिवस सृजन करने को अनुमोदन प्रदान किया। जिसके अनुसार ही कार्य कराया जाएगा। प्रदेश भर के श्रम बजट का अनुमोदन होने के बाद अब जिले के लिए भी श्रम बजट का निर्धारण दिया गया।
ग्राम्य विकास आयुक्त ने जिले में वित्तीय वर्ष के दौरान मार्च तक 54,06,536 मानव दिवसों का सृजन करने को 14064.79 लाख रुपये का निर्धारण किया गया है। श्रम बजट का अनुमोदन प्राप्त होने के बाद अब कार्य शुरू कराने के निर्देश दे दिए गए।
जिसके अनुसार ही अब मनरेगा के मार्च तक कार्य कराए जाएंगे। मनरेगा से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कराने को लोगों को रोजगार मुहैया कराया जाता है। गांवों में कच्ची मिट्टी से होने वाले कार्यों के लिए हर वित्तीय वर्ष में श्रम बजट का निर्धारण होता है।
वित्तीय वर्ष 15-16 के शुरू होने से पहले भी जिले में श्रम बजट को लेकर विभागों से सूचनाएं मांग ली गई थीं। सभी सूचनाएं एकत्रित करते हुए श्रम बजट के अनुमोदन के लिए भारत सरकार को प्रस्तावित बजट भेज दिया गया। चूंकि अब वित्तीय वर्ष 15-16 शुरू हो गया है ऐसे में नवीन वित्तीय वर्ष का श्रम बजट भी लागू कर दिया गया।
केंद्र सरकार ने पूरे प्रदेश में मनरेगा के अंतर्गत प्रस्तावित 1984.01 लाख मानव दिवसों के सृजन के सापेक्ष कुल 1632.23 लाख मानव दिवस सृजन करने को अनुमोदन प्रदान किया। जिसके अनुसार ही कार्य कराया जाएगा। प्रदेश भर के श्रम बजट का अनुमोदन होने के बाद अब जिले के लिए भी श्रम बजट का निर्धारण दिया गया।
ग्राम्य विकास आयुक्त ने जिले में वित्तीय वर्ष के दौरान मार्च तक 54,06,536 मानव दिवसों का सृजन करने को 14064.79 लाख रुपये का निर्धारण किया गया है। श्रम बजट का अनुमोदन प्राप्त होने के बाद अब कार्य शुरू कराने के निर्देश दे दिए गए।