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रेल लाइन जोड़ने की मांग के लिए प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 26 May 2015 12:26 AM IST
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औहदपुर सांडी में रेलवे लाइन जोड़ने और कसबे में पुन:
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रेल लाने की मांग को लेकर बनाई गई रेल लाओ अभियान संघर्ष समिति के
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन
करते हुए जिलाधिकारी रमेश मिश्र के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी
लक्ष्मी शंकर सिंह को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान ज्ञापन सौंपते हुए समिति के अध्यक्ष डा. पंकज त्रिवेदी ने कहा कि कसबे के थाने के पास आजादी के पूर्व औहदपुर सांडी के नाम से रेलवे स्टेशन था। बताया कि तब कसबे से माधौगंज होते हुए कानपुर तक रेल का आवागमन होता था, लेकिन वर्ष 1945 से रेल सेवा ठप हो गई और दोबारा अभी तक रेल सेवा को शुरू नहीं किया जा सका है।
उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन भी धीरे-धीरे ध्वस्त होकर समाप्त होने की कगार पर चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चोरी छिपे अब तक रेलवे लाइन की पटरियां भी चोर पार कर ले गए हैं। उन्होंने कहा कि कई बार चुनाव दौरान रेल लाने का आश्वासन तो दिया गया, पर इस ओर किसी ने भी कोई प्रयास नहीं किए।
ज्ञापन में समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आजादी के पूर्व कसबे में स्थित दहर झील देखने और शिकार करने अंग्रेज ट्रेन से आया करते थे। उन्होंने कहा कि यदि ट्रेन का संचालन शुरू हो जाए, तो कसबे में पर्यटकों के आने की भी उम्मीद है और रेल संचालन से क्षेत्र का विकास भी होगा है।
युवाओं ने अपर जिलाधिकारी लक्ष्मी शंकर सिंह को ज्ञापन सौंपकर पुन: रेल लाइन से कसबे को जोड़ने की मांग की है। इस मौके पर साजिद मंसूरी, आमोद त्रिवेदी, अनवारुल हसन, अनुराग कुशवाहा, संजीव राजपूत और मोहित यादव आदि थे।
इस दौरान ज्ञापन सौंपते हुए समिति के अध्यक्ष डा. पंकज त्रिवेदी ने कहा कि कसबे के थाने के पास आजादी के पूर्व औहदपुर सांडी के नाम से रेलवे स्टेशन था। बताया कि तब कसबे से माधौगंज होते हुए कानपुर तक रेल का आवागमन होता था, लेकिन वर्ष 1945 से रेल सेवा ठप हो गई और दोबारा अभी तक रेल सेवा को शुरू नहीं किया जा सका है।
उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन भी धीरे-धीरे ध्वस्त होकर समाप्त होने की कगार पर चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चोरी छिपे अब तक रेलवे लाइन की पटरियां भी चोर पार कर ले गए हैं। उन्होंने कहा कि कई बार चुनाव दौरान रेल लाने का आश्वासन तो दिया गया, पर इस ओर किसी ने भी कोई प्रयास नहीं किए।
ज्ञापन में समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आजादी के पूर्व कसबे में स्थित दहर झील देखने और शिकार करने अंग्रेज ट्रेन से आया करते थे। उन्होंने कहा कि यदि ट्रेन का संचालन शुरू हो जाए, तो कसबे में पर्यटकों के आने की भी उम्मीद है और रेल संचालन से क्षेत्र का विकास भी होगा है।
युवाओं ने अपर जिलाधिकारी लक्ष्मी शंकर सिंह को ज्ञापन सौंपकर पुन: रेल लाइन से कसबे को जोड़ने की मांग की है। इस मौके पर साजिद मंसूरी, आमोद त्रिवेदी, अनवारुल हसन, अनुराग कुशवाहा, संजीव राजपूत और मोहित यादव आदि थे।