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Hardoi News: सर्दियों में घट रही रोग प्रतिरोधक क्षमता, सर्दी जुकाम व सांस के रोगी बढ़े

Sun, 04 Jan 2026 10:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Jan 2026 10:54 PM IST
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Declining immunity in winter, increasing number of colds and respiratory patients
फोटो-12- मेडिकल काॅलेज ​स्थित ओपीडी इमारत। संवाद
हरदोई। सर्दियों का मौसम शरीर की रोग प्रतिराेधक क्षमता के लिए तमाम चुनौतियां लाता है। कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग तापमान में जरा सा उतार चढ़ाव से बीमार हो रहे हैं। लोग सर्दी और जुकाम से पीड़ित हो रहे हैं, बुजुर्गाें में सांस की समस्या भी बढ़ रही है। इमरजेंसी में रोजाना तीन से चार सांस रोगी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने ऐसे मौसम में विशेष बचाव करने का सुझाव दिया है।
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मौसम में बदलाव के अलावा प्रदूषण का स्तर भी बढ़ा हुआ है। इससे सांस संबंधी बीमारी और संक्रमण बढ़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के चेस्ट व सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवम गुप्ता ने बताया कि प्रदूषण और सर्दी की वजह से सांस लेने में परेशानी बढ़ी है। इनमें अस्थमा और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों वाले मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इमरजेंसी वार्ड ऐसे रोगियों से हर दिन भरा रहता है।
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शनिवार को ही सुबह दस से दोपहर दो बजे तक मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में सांस लेने में तकलीफ के करीब पांच रोगियों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया। वहीं, रविवार को भी दोपहर तक तीन मरीजों को सांस लेने में व छाती में दर्द की वजह से भर्ती किया गया। इसके अतिरिक्त सर्दी-जुकाम, बुखार और गले में संक्रमण से पीड़ित मरीज सबसे अधिक पहुंचे। डॉ. विकास विद्यार्थी ने बताया कि सर्दियों में लापरवाही न करें और अपना और बच्चों का खास ख्याल रखें। सर्दियों में टेंपरेचर रेगुलेशन क्षमता को बनाए रखना, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखना और त्वचा की नमी को बनाए रखने की जरूरत होती है।
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क्यों घट रही है रोग प्रतिरोधक क्षमता
धूप की कमी: विटामिन-डी के स्तर में गिरावट से शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली सुस्त पड़ जाती है।

शुष्क हवा: ठंडी और शुष्क हवा नाक के श्लेष्म को सुखा देती है इससे वायरस और बैक्टीरिया आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
शारीरिक सक्रियता में कमी: सर्दी के कारण लोग कम व्यायाम करते हैं और बंद जगहों पर ज्यादा समय बिताते हैं इससे संक्रमण तेजी से फैलता है।


सांस के रोगियों के लिए बढ़ा खतरा

इमरजेंसी विशेषज्ञ डॉ. श्रीकांत का कहना है कि तापमान गिरने से वायुमार्ग सिकुड़ जाते हैं इससे अस्थमा और पुरानी फेफड़ों की बीमारी वाले मरीजों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है। अस्पतालों की ओपीडी में ऐसे मरीजों की भीड़ बढ़ गई है जिन्हें छाती में जकड़न और लगातार खांसी की शिकायत है।


इन लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी

लगातार 4-5 दिनों से अधिक बुखार।
सांस लेने में तकलीफ या सीने में भारीपन।
गले में तेज खराश और सूखी खांसी।
अत्यधिक थकान और मांसपेशियों में दर्द।
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