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Hardoi News: स्कूलों के ऊपर दौड़ रहा मौत का करंट
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हरदोई। परिषदीय स्कूलों के ऊपर दौड़ रहा हाईटेंशन लाइन का करंट विद्यार्थियों के लिए खतरा बना हुआ है। पंचायत राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग और बिजली विभाग के बीच आपस में ही समन्वय न होने के कारण लाइनें नहीं हट पा रही हैं।
जनपद में कुल 3446 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें से 182 विद्यालयों के भवन या परिसर के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी है। हाईटेंशन लाइन टूटकर स्कूल भवन या खेल मैदान में गिरने का खतरा रहता है। इसके चलते कहीं न कहीं नौनिहालों पर भी संकट छाया रहता है। बेसिक शिक्षा विभाग ने ऐसे विद्यालयों को चिह्नित करके सूची बिजली विभाग को भेज दी। बिजली विभाग ने 182 विद्यालयों के सापेक्ष महज 31 से लाइन शिफ्टिंग का इस्टीमेट बनाया और बेसिक शिक्षा विभाग को भेज दिया।
इन विद्यालयों से हाईटेंशन लाइन का खतरा टालने के लिए 11,90,188 रुपये का इस्टीमेट बेसिक शिक्षा विभाग को भेजा गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने यह इस्टीमेट पंचायत राज विभाग को भेज दिए। कुल मिलाकर विद्यालयों को चिह्नित करने के बाद भी अभी तक न तो शतप्रतिशत विद्यालयों के इस्टीमेट बन पाए हैं और न ही एक भी विद्यालय से हाईटेंशन लाइन हटाई जा सकी।
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जनपद में कुल 3446 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें से 182 विद्यालयों के भवन या परिसर के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी है। हाईटेंशन लाइन टूटकर स्कूल भवन या खेल मैदान में गिरने का खतरा रहता है। इसके चलते कहीं न कहीं नौनिहालों पर भी संकट छाया रहता है। बेसिक शिक्षा विभाग ने ऐसे विद्यालयों को चिह्नित करके सूची बिजली विभाग को भेज दी। बिजली विभाग ने 182 विद्यालयों के सापेक्ष महज 31 से लाइन शिफ्टिंग का इस्टीमेट बनाया और बेसिक शिक्षा विभाग को भेज दिया।
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इन विद्यालयों से हाईटेंशन लाइन का खतरा टालने के लिए 11,90,188 रुपये का इस्टीमेट बेसिक शिक्षा विभाग को भेजा गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने यह इस्टीमेट पंचायत राज विभाग को भेज दिए। कुल मिलाकर विद्यालयों को चिह्नित करने के बाद भी अभी तक न तो शतप्रतिशत विद्यालयों के इस्टीमेट बन पाए हैं और न ही एक भी विद्यालय से हाईटेंशन लाइन हटाई जा सकी।
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