{"_id":"667b07b3a4673be0340dce55","slug":"ct-scan-machines-batteries-arrived-but-wont-run-without-ac-hardoi-news-c-213-1-sknp1042-116211-2024-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: सीटी स्कैन मशीन की बैटरी आईं, लेकिन बिना एसी नहीं चल पाएगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: सीटी स्कैन मशीन की बैटरी आईं, लेकिन बिना एसी नहीं चल पाएगी
विज्ञापन
हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन 25 दिन बाद भी सही नहीं हो पाई है।
मशीन चलाने के लिए इस्तेमाल में आने वाले यूपीएस की बैटरी तो मंगलवार को आ गईं, लेकिन तापमान नियंत्रित करने के लिए एसी लगना जरूरी है। एसी न लग पाने के कारण मशीन चल नहीं पा रही है।
जिला अस्पताल परिसर में पीपीपी मॉडल पर सीटी स्कैन मशीन की स्थापना कराई गई थी। इस मशीन के लगने से मरीजों को खासी राहत हुई थी। दरअसल यहां सीटी स्कैन मशीन लगने के कारण मरीजों की लखनऊ की दौड़ तो बच ही रही थी, जेब भी हल्की नहीं हो रही थी। शहर में गिने चुने सेंटर पर सीटी स्कैन की व्यवस्था है, लेकिन यह जेब पर भारी पड़ती है।
एक जून को सीटी स्कैन मशीन खराब हो गई थी। मशीन खराब होने के बाद इसकी मरम्मत कराने की कवायद शुरू हुई, लेकिन यह अंजाम तक नहीं पहुंची। मशीनों की देखरेख का जिम्मा संभाल रही निजी कंपनी के अभियंता यहां दौरा कर मशीन का परीक्षण करते रहे, लेकिन मशीन दुरुस्त नहीं हो पाई। कभी उपकरण की कमी बताई गई तो कभी बैटरी खराब। अब यूपीएस की बैटरी तो आ गईं, लेकिन फिर भी मशीन काम नहीं कर रही। दरअसल जब तक एसी नहीं लगेगा तब तक मशीन को काम करने के लिए जरूरी तापमान ही नहीं मिल पाएगा।
विज्ञापन
वर्जन
सीटी स्कैन मशीन सही कराने की कवायद चल रही है। बैटरी आ गई हैं। अन्य आवश्यक उपकरण भी व्यवस्थित किए जाएंगे। -डॉ. आर्य देश दीपक, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
मशीन चलाने के लिए इस्तेमाल में आने वाले यूपीएस की बैटरी तो मंगलवार को आ गईं, लेकिन तापमान नियंत्रित करने के लिए एसी लगना जरूरी है। एसी न लग पाने के कारण मशीन चल नहीं पा रही है।
जिला अस्पताल परिसर में पीपीपी मॉडल पर सीटी स्कैन मशीन की स्थापना कराई गई थी। इस मशीन के लगने से मरीजों को खासी राहत हुई थी। दरअसल यहां सीटी स्कैन मशीन लगने के कारण मरीजों की लखनऊ की दौड़ तो बच ही रही थी, जेब भी हल्की नहीं हो रही थी। शहर में गिने चुने सेंटर पर सीटी स्कैन की व्यवस्था है, लेकिन यह जेब पर भारी पड़ती है।
विज्ञापन
एक जून को सीटी स्कैन मशीन खराब हो गई थी। मशीन खराब होने के बाद इसकी मरम्मत कराने की कवायद शुरू हुई, लेकिन यह अंजाम तक नहीं पहुंची। मशीनों की देखरेख का जिम्मा संभाल रही निजी कंपनी के अभियंता यहां दौरा कर मशीन का परीक्षण करते रहे, लेकिन मशीन दुरुस्त नहीं हो पाई। कभी उपकरण की कमी बताई गई तो कभी बैटरी खराब। अब यूपीएस की बैटरी तो आ गईं, लेकिन फिर भी मशीन काम नहीं कर रही। दरअसल जब तक एसी नहीं लगेगा तब तक मशीन को काम करने के लिए जरूरी तापमान ही नहीं मिल पाएगा।
विज्ञापन
वर्जन
सीटी स्कैन मशीन सही कराने की कवायद चल रही है। बैटरी आ गई हैं। अन्य आवश्यक उपकरण भी व्यवस्थित किए जाएंगे। -डॉ. आर्य देश दीपक, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज