शव रखकर लगाया जाम, वाहनों पर पथराव
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कछौना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कस्बे के मुख्य चौराहे पर एसआई की कार की चपेट में आकर घायल हुए छह लोगों में शामिल आटो चालक ने शनिवार रात ट्रामा सेंटर में दम तोड़ दिया। इससे नाराज आटो और ई रिक्शा चालकों ने रविवार सुबह बाजार बंद करवा विरोध जताया। वहीं शाम को व्यापारियों ने हरदोई-लखनऊ मार्ग पर चालक का शव रखकर जाम लगा दिया। एंबुलेंस समेत अन्य वाहनों पर पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठियां फटकार कर लोगों को खदेड़ा। मुआवजे के आश्वासन पर करीब आधा घंटे बाद जाम खुल सका। एसआई के खिलाफ कछौना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शनिवार देर शाम लखनऊ की ओर से आ रही वैगन आर कार अनियंत्रित हो गई थी। कार ने सड़क किनारे खड़े आटो चालक रीतेश मिश्रा (25) पुत्र प्रभूदयाल निवासी ग्राम कुकुही को टक्कर मार दी। इसके बाद बाइक सवार नूर मोहम्मद (35) पुत्र सलीम निवासी इस्लामगंज, पूर्वी बाजार निवासी कुलदीप (18) पुत्र शिवराम, भवानीपुर निवासी रामदीन (15) पुत्र रामस्वरूप, महेंद्र तिवारी (50) और चंद्रपाल सिंह (30) को भी टक्कर मार दी थी। सीएचसी से नूर मोहम्मद, रीतेश मिश्रा, महेंद्र तिवारी और चंद्रपाल सिंह को लखनऊ रेफर कर दिया गया था। लखनऊ में ट्रामा सेंटर में देर रात रीतेश मिश्रा की मौत हो गई थी। रविवार सुबह इसकी जानकारी मिलने पर आक्रोशित लोगों ने बाजार बंद करा कस्बे के मुख्य चौराहे पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति संभालने के लिए पहुंचे एसडीएम संडीला उदयभान सिंह, सीओ संडीला नागेश मिश्रा ने मामला शांत कराया। शाम लगभग साढ़े चार बजे जब रीतेश का शव कछौना पहुंचा तो व्यापारियों ने हरदोई-लखनऊ मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। भीड़ में शामिल कुछ अराजकतत्वों ने उधर से गुजर रही एक एंबुलेंस और दो अन्य वाहनों पर पथराव कर दिया। इस पर पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया। ग्रामीण दुर्घटना करने वाले उपनिरीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। साथ ही मृतक और घायलों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग भी की। इस पर एसडीएम ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद शव के साथ परिजनों को घर पहुंचा दिया गया।
मानवाधिकार आयोग लखनऊ में तैनात है एसआई
कछौना के प्रभारी निरीक्षक जावेद अहमद ने बताया कि कार चालक अमित सिंह उर्फ बीतेंद्र सिंह उपनिरीक्षक है। वह लखनऊ में मानवाधिकार आयोग में तैनात है। वह लखनऊ से घर हरदोई जा रहा था। साथ में उसकी पत्नी, दो बच्चों के अलावा तीन ससुराली भी थे। अमित सिंह का कहना है कि चौराहे से पहले बंदर कार पर कूद गया। इसके कारण कार अनियंत्रित होने से दुर्घटना हो गई।