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गैर इरादतन हत्या में चार सगे भाइयों को दस साल की कैद
अमर उजाला/हरदोई
Updated Fri, 07 Oct 2016 12:05 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
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अपर जिला जज जय प्रकाश पांडेय द्वितीय ने गुरुवार को गैर इरादतन हत्या के मामले में चार सगे भाइयों को दस-दस साल की कैद सुनाई है। सभी पर पंद्रह हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड से जमा होने वाली आधी राशि वादी को दी जाएगी। मुकदमे की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बजरंग बहादुर सिंह के अनुसार घटना की रिपोर्ट शाहाबाद थाना क्षेत्र के अल्लापुर निवासी बबलू ने दर्ज कराई थी।
घटनाक्रम के अनुसार बबलू का अपने ही मोहल्ले के अन्नी उर्फ हसीन से 11 अक्टूबर 2009 को झगड़ा हो गया था। इस मामले में बबलू के पिता रामरूप के विरुद्ध हसीन ने रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इसी रंजिश के चलते 14 अक्टूबर 2009 को सुबह 8 बजे जब बबलू अपने पिता के साथ घर जा रहा था।
तभी रास्ते में अन्नी उर्फ हसीन, बडडू उर्फ मतीन, फत्ते उर्फ शमीम व नसीम ने घेरकर रामरूप को लाठी डंडे से पीट दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान रामरूप की मृत्यु हो गई थी। अदालत ने सुनवाई पूरी कर चारों भाइयों को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। चारों को दस-दस साल की कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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घटनाक्रम के अनुसार बबलू का अपने ही मोहल्ले के अन्नी उर्फ हसीन से 11 अक्टूबर 2009 को झगड़ा हो गया था। इस मामले में बबलू के पिता रामरूप के विरुद्ध हसीन ने रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इसी रंजिश के चलते 14 अक्टूबर 2009 को सुबह 8 बजे जब बबलू अपने पिता के साथ घर जा रहा था।
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तभी रास्ते में अन्नी उर्फ हसीन, बडडू उर्फ मतीन, फत्ते उर्फ शमीम व नसीम ने घेरकर रामरूप को लाठी डंडे से पीट दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान रामरूप की मृत्यु हो गई थी। अदालत ने सुनवाई पूरी कर चारों भाइयों को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। चारों को दस-दस साल की कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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