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जिला अस्पताल के सर्जन ने फांसी लगाकर जान दी
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Sat, 11 Jun 2016 11:41 PM IST
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डाक्टर
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। जिला अस्पताल में तैनात सर्जन ने शनिवार दोपहर घर में फांसी लगाकर जान दे दी। मल्लावां के भगवंतनगर महिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर की पत्नी घटना के समय ड्यूटी गई थीं। सुबह सर्जन भी ड्यूटी पर गए थे, लेकिन तबियत खराब होने की अप्लीकेशन देकर घर लौट आए थे। शाम तीन बजे पत्नी ड्यूटी से लौटी तो घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने जांच पड़ताल कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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लखीमपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र के द्वारिकागंज गांव निवासी डॉ. सुशील (40) पुत्र जगदीश प्रसाद जिला अस्पताल में तैनात थे। वह आवास विकास कालोनी डी ब्लॉक में मोहित त्रिपाठी के मकान में किराये पर रहते थे। नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील की पत्नी गीतांजलि भी डॉक्टर हैं। इस समय वह मल्लावां के भगवंत नगर महिला अस्पताल पर तैनात हैं। शनिवार को डॉ. गीतांजलि, बेटी पलक (3) को लेकर सुबह ड्यूटी पर चली गई थीं। इसके बाद डा. सुशील ड्यूटी पर गए।
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करीब नौ बजे उन्होंने सीएमएस आरके मिश्रा को बताया कि तबियत ठीक नहीं लग रही है। अप्लीकेशन देकर डॉ. सुशील घर लौट गए। डॉ. गीतांजलि साढ़े तीन बजे लौटी तो कमरा अंदर से बंद था। कई आवाजें लगाने के बाद डॉ. गीतांजलि ने पति के मोबाइल पर फोन किया। मोबाइल भी स्विच आफ मिला। इस पर मकान मालिक मोहित त्रिपाठी को बुलाया। उन्होंने खिड़की तोड़ कर अंदर देखा तो डॉ. सुशील का शव फांसी पर लटक रहा था। हादसे की सूचना मिलते ही स्टाफ के सदस्य मौके पर पहुंच गए। सीएमएस ने बताया कि डॉ. सुशील जब प्रार्थना पत्र लेकर आए थे तब काफी परेशान दिख रहे थे। कई बार पूछने पर उन्होंने तबियत खराब होने की बात कही थी।
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