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बाल संप्रेक्षण गृह में फिर भिड़े बाल बंदी

Sun, 27 May 2018 11:22 PM IST
हरदाेई
हरदाेई Updated Sun, 27 May 2018 11:22 PM IST
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dispute between bal prisnor in bal samprekshan grah
police force in samprekshan grah - फोटो : अमर उजाला

राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह में शनिवार रात हुई मारपीट में घायल हुए छह बाल बंदियों के रविवार को संप्रेक्षण गृह वापस पहुंचते ही फिर बवाल हो गया। बाल बंदियों के दो गुटों के बीच मारपीट होने और हालात बिगड़ने की सूचना मिलते ही एएसपी पश्चिमी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। एडीएम और नगर मजिस्ट्रेट ने भी स्थिति संभाली। किशोर न्याय बोर्ड की निदेशक ने संप्रेक्षण गृह का दौरा किया। संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक ने नौ बाल बंदियों के विरुद्ध शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।  

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गुटखा मंगाने की शिकायत बाल संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक से किए जाने को लेकर शनिवार रात बाल बंदियों के दो गुटों के बीच मारपीट हो गई थी। इसमें 17 बाल बंदी घायल हुए थे। इन्हें जिला अस्पताल भेजा गया था। छह बाल बंदियों को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था, जबकि 11 का उपचार करने के बाद देर रात वापस बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया। रविवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे जिला अस्पताल में भर्ती छह बाल बंदियों को चौकी प्रभारी रेलवेगंज जावेद अहमद की देखरेख में वापस संप्रेक्षण गृह भेजा गया। संप्रेक्षण गृह के अंदर जाने के कुछ ही देर बाद दोनों गुटों में फिर मारपीट शुरू हो गई। इसकी जानकारी परिसर में ही मौजूद चौकी प्रभारी जावेद अहमद ने आला अधिकारियों को दी। कुछ ही देर में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी निधि सोनकर, नगर मजिस्ट्रेट वंदिता श्रीवास्तव मौके पर पहुंचीं। शहर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक घनश्याम शुक्ला पुलिस बल के अलावा डेढ़ सेक्शन पीएसी लेकर संप्रेक्षण गृह पहुंच गए। इन लोगों ने किसी तरह हालात संभाले। अपर जिलाधिकारी विमल कुमार अग्रवाल भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। पूरे प्रकरण में संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक हनुमान प्रसाद श्रीवास्तव ने नौ बाल बंदियों के विरुद्ध मारपीट करने समेत कई अन्य धाराओं में शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।  
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क्षमता से तीन गुना किशोर बंद हैं संप्रेक्षण गृह में   
बाल संप्रेक्षण गृह में क्षमता से तीन गुना किशोर बंद हैं। संप्रेक्षण गृह से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि संप्रेक्षण गृह में 30 बाल बंदियों को रखे जाने की व्यवस्था है। मौजूदा समय में यहां 89 बाल बंदी है। संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक हनुमान प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ माह पूर्व शासन ने यहां के संप्रेक्षण गृह की क्षमता बढ़ाकर 30 से 50 कर दी है, लेकिन इसके सापेक्ष अभी कोई व्यवस्था परिवर्तन नहीं हुआ है। मौजूदा समय में जो 89 बाल बंदी संप्रेक्षण गृह में हैं उनमें से 44 सीतापुर जनपद के, 31 लखीमपुर के और 14 हरदोई के हैं। इनकी सुरक्षा में चार होमगार्ड, दो पुलिस के सिपाही तैनात रहते हैं। संप्रेक्षण गृह की समस्त जिम्मेदारियां अधीक्षक पर ही हैं।  
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सिटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य  
 जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बाल संप्रेक्षण गृह में हुई घटना को लेकर रात में ही मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश दिए थे। नगर मजिस्ट्रेट वंदिता श्रीवास्तव को प्रकरण की जांच के लिए नामित किया गया था। शनिवार रात लगभग तीन बजे तक उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच की। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि नगर मजिस्ट्रेट को जांच में चौंकाने वाले तथ्यों की जानकारी हुई है। अनौपचारिक वार्ता में उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के कई लोग बाल संप्रेक्षण गृह में हैं। उन्होंने बताया कि बाल संप्रेक्षण गृह में 18 वर्ष से कम आयु के लोगों को ही रखा जाता है। बाल संप्रेक्षण गृह में कई ऐसे बंदी निरुद्ध हैं जो अपराध किए जाने पर यहां भेजे गए थे, तब उनकी उम्र 18 वर्ष से कम थी, लेकिन अब उनकी उम्र इससे अधिक हो चुकी है। अधीक्षक व अन्य विभागीय जिम्मेदारों को चाहिए कि इन सभी को जिला कारागार में ट्रांसफर कर दें। इसके अलावा जांच के दौरान यौन उत्पीड़न की बात भी सामने आई है। शनिवार रात को हुई घटना की मुख्य वजह तंबाकू आपूर्ति किए जाने की शिकायत से उत्पन्न हुआ टकराव ही है। बताया कि वह अपनी रिपोर्ट सोमवार को जिलाधिकारी को भेज देंगी।  


निदेशक बोलीं : अधीक्षक की भूमिका संदिग्ध  
घटना की जानकारी पर किशोर न्याय बोर्ड की निदेशक अल्का टंडन भी जिला प्रोबेशन अधिकारी सुशील सिंह के साथ रविवार को दोपहर में बाल संप्रेक्षण गृह पहुंची। यहां उन्होंने बाल बंदियों से बात की। इसके अलावा प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से भी घटना को लेकर चर्चा की। मीडिया से मुखातिब होते हुए निदेशक ने कहा कि गंभीर घटना है। इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बाल संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक की भूमिका को भी संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि किशोर न्याय बोर्ड अलग से पूरे प्रकरण की जांच कराएगा।

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