फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Coy was kept in the house mini Exchange

विनीत ने घर में बना रखा था मिनी एक्सचेंज

Sun, 29 Jan 2017 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई।
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई। Updated Sun, 29 Jan 2017 10:54 PM IST
विज्ञापन
Coy was kept in the house mini Exchange
- फोटो : डेमो फोटो
हरदोई। सेना की जासूसी में पकड़ा गया विनीत दीक्षित अपने सराय थोक वाले मकान में मिनी एक्सचेंज बनाए था। वह दो सिम सेट बाक्स के जरिए करीब 50 सिम और पांच मोबाइल से सेना की जासूसी करता था। कमरे में लगे सिस्टम को देखकर खुद एटीएस के अफसर भी दंग रह गए।सुरसा थाना क्षेत्र के कमरौली गांव निवासी कमलेश्वर दीक्षित के शहर में दो मकान हैं।
विज्ञापन

एक मकान मोहल्ला सराय थोक पश्चिमी में है और दूसरा विभूति नगर में। एटीएस ने 25 जनवरी को कमलेश्वर के बेटे विनीत दीक्षित को सेना की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था। विनीत की गिरफ्तारी से पहले एटीएस ने काफी होमवर्क किया। 25 जनवरी दोपहर करीब तीन बजे एटीएस की टीम ने शहर में उसकी गिरफ्तारी का जाल बिछाया। उसके घर से कुछ दूरी पर गाड़ी खड़ी कर टीम के सदस्य विनीत का इंतजार कर रहे थे।
विज्ञापन

करीब 4 बजे बिलग्राम चुंगी चौराहा के निकट सर्विलांस के माध्यम से उसकी लोकेशन मिली। चौराहा के निकट पहुंचे अधिकारियों ने उसके नंबर पर काल किया। मोबाइल की घंटी बजते ही उसे दबोच लिया गया। इसके बाद एटीएस के अधिकारी राधानगर चौकी इंचार्ज के साथ विनीत के घर पहुंचे थे। जहां पर एक कमरे में मिनी एक्सचेंज मिला था। एक अलमारी में दो सेटअप बाक्स लगे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों सेटों में लगे करीब 50 सिम बरामद हुए। इसके अतिरिक्त पांच मोबाइल सेट व अन्य उपकरण भी बरामद हुए। सारा सामान एटीएस ने कब्जे में लिया था। अधिकारियों ने इस संबंध में विनीत से घर पर ही पूछताछ की थी। इस पर उसने लखनऊ जाने और वहां पर एक अनजान व्यक्ति के मिलने और उसी के माध्यम से इस काम में लगने की बात कही थी।

आरोपी के एक भाई की गिरफ्तारी की भी मोहल्ले में चर्चा आम है। उसे लोग मास्टरमाइंड बता रहे हैं। दरअसल एटीएस की छापेमारी के बाद से आरोपी का भाई मोहल्ले में दिख नहीं रहा है। इससे चर्चाओं को और बल मिल रहा है। लोगों का कहना है कि पकडे़ गए दोनों युवकों को तीसरे युवक ने ही काम दिलवाया था। वह तीन साल पहले बीएसएनएल में संविदा पर काम करता था। वहीं उसने नेटवर्क़िग से संबंधित बारीकियां सीखी थीं। हालांकि कोतवाल कमलेश नारायण पांडेय तीसरे आरोपी को पकड़ने की बात से इनकार कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed