सीएमएस नोट घोटाले के दो गिरफ्तार
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हरदोई। सीएमएस इंफोसिस लिमिटेड के एक करोड़ 22 लाख 48 हजार रुपये के घोटाले में पुलिस ने नामजद दोनों आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के हरदोई शहर स्थित घर से कार सहित दस लाख रुपये के जेवरात भी बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने सीएमएस लखनऊ ब्रांच मैजर के मैनेजर को 70 लाख रुपये देने की बात भी कबूली है। अब मैनेजर सहित कंपनी के कुछ अन्य कर्मचारी भी संदेह के घेरे में हैं। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
सीएमएस इंफोसिस लिमिटेड लखनऊ ब्रांच मैनेजर विनोद राय ने शहर के आदित्य सिंह और केशव सिंह के खिलाफ एक करोड़ 22 लाख 48 हजार रुपये के गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों पर अलग-अलग बैंकों के 12 एटीएम से रुपये निकाल कर गबन करने का आरोप है। पुलिस ने गुरुवार को आदित्य और केशव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस लाइन में पत्रकारों से चर्चा में एसपी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि आदित्य और केशव वर्ष 2009 से कंपनी के जरिए 23 एटीएम में रुपये लोड करने का काम कर रहे थे। दोनों के साथ काम करने वाले हिमांशु, अंकित और सर्वेश के पास भी एटीएम के कोड थे।
एसपी के अनुसार आदित्य और केशव ने पूछताछ में बताया कि वे एटीएम में रुपये कम लोड करते थे जबकि फीडिंग पूरी धनराशि की कर देते थे। वह लंबे समय से हेराफेरी कर रहे थे। नवंबर 2015 कंपनी के अधिकारियों ने हेराफेरी पकड़ ली थी। दोनों को निलंबित कर कंपनी ने जांच भी कराई लेकिन फिर मामले को दबा दिया गया। आरोपियों के अनुसार ब्रांच मैनेजर विनोद राय ने हेराफेरी को मैनेज कराने के लिए 17 मार्च 2016 को उनसे 70 लाख रुपये लिए थे। ये रकम भी दोनों ने एटीएम से हेराफेरी कर ब्रांच मैनेजर को दी थी।
इसके अलावा दोनों ने अपने लिए कार, परिवार के लिए जेवरात और घरेलू सामान भी खरीदा लिया था। दोनों के मकानों से पुलिस ने कार, नगदी, सहित लगभग दस लाख का सामान बरामद कर लिया है। एसपी ने बताया कि मामले कि मामले में कंपनी के मैनेजर के अलावा दोनों के साथ अन्य कर्मचारियाें की भूमिका भी संदिग्ध है। इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि मामला बड़ा है। जांच एसआईटी या किसी अन्य एजेंसी के सुपुर्द भी की जा सकती है।