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गोली लगने से कैंटीन संचालक की मौत
हरदाेई
Updated Mon, 20 Nov 2017 11:42 PM IST
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मृतक के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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कलक्ट्रेट में जिला पंचायत की कैंटीन संचालक की संदिग्ध हालात में गोली लगने से मौत हो गई। मृतक के पुत्र ने लेन देन के विवाद में हत्या की आशंका जताई है। कोतवाली पुलिस ने एक कैंटीन कर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
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मूल रूप से फर्रुखाबाद के अमृतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पिथनापुर निवासी राजेशचंद्र सिंह (56) पुत्र रामपाल सिंह काफी समय से हरदोई शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शुगर मिल कालोनी में रहते थे। वह जिला पंचायत की कैंटीन चलाते थे। रविवार रात वह कैंटीन के अंदर बने कमरे में सोए थे। कर्मी झबरापुरवा निवासी आशीष और टड़ियावां निवासी अभिषेक भी कैंटीन में ही रुकते थे। कैंटीन के पीछे स्थित लेखा परीक्षा कार्यालय के चौकीदार विमल ने सोमवार सुबह साढ़े छह बजे कैंटीन का शटर हल्का उठा देखा तो उसे शंका हुई। अंदर राजेश का लहूलुहान शव पड़ा था। कैंटीन के दोनों कर्मचारी गायब थे। विमल ने घटना की जानकारी राजेश के भांजे विवेक सिंह को दी। विवेक भी कैंटीन पहुंच गया और पुलिस को सूचना दी। शहर कोतवाल भगवान सिंह मौके पर पहुंचे। मृतक के भतीजे द्वारा राजेश के खुदकुशी करने की फौती सूचना देने पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शहर कोतवाल ने बताया कि मामला खुदकुशी का ही लग रहा है। कैंटीन पर काम करने वाले आशीष को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल से एक तमंचा मिला है। राजेश के बिस्तर के नीचे से दो जिंदा कारतूस और एक शराब का पउवा भी मिला है। वहीं पुत्र योगेश ने लेनदेन की रंजिश में हत्या का आरोप लगाया है।
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मोबाइल मिलते ही खुलेगी घटना
राजेश की मौत सीने में गोली लगने से हुई है, लेकिन गोली उसने खुद मारी या फिर उसकी हत्या की गई। ये बड़ा सवाल है। राजेश का मोबाइल मौके से गायब है। पुलिस सरगर्मी से राजेश का मोबाइल तलाश रही है। मोबाइल मिलते ही घटना को लेकर अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। कुछ वर्ष पूर्व राजेश को डायबिटीज हो गई थी। इसी दौरान उसके पैर में गैंगरीन हो गया तो आधा पैर काटना भी पड़ा था। इसके बावजूद वह सफलता पूर्वक कैंटीन का संचालन कर रहा था। मृतक के पुत्र ने हत्या की आशंका तो जताई है, लेकिन इसकी कोई खास वजह वह पुलिस को नहीं बता पा रहा है। किसी से रंजिश होने की बात से भी वह इनकार कर चुका है। कैंटीन परिसर में हमेशा ही 30 से 35 हजार रुपये भी राजेश के पास रखे होने की बात सामने आई है।
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डेढ़ माह से रात में कैंटीन में ही रुकता था
पुलिस महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि कैंटीन संचालक राजेश लगभग डेढ़ माह से कैंटीन में ही रात में भी रुक रहा था। इसकी वजह क्या थी, इसकी पड़ताल पुलिस कर रही है। राजेश के परिवार में पत्नी माया के अलावा पुत्र योगेश, पुत्री अनुष्का और अंकिता हैं। योगेश देवरिया में प्राइवेट नौकरी करता है। पुलिस ने जो प्राथमिक जांच की है उसमें ये भी पता चला है कि राजेश पर कुछ वर्ष पूर्व कुकर्म की रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। फिलहाल इस मामले की भी पत्रावली खंगालने की कोशिश कर रही है। पुलिस इन बिंदुओं को जोड़कर जांच कर रही है।