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कोटेदार के सहयोगी ने ग्रामीणों पर दर्ज कराया फर्जी मुकदमा
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कोटेदार पर अपने सहयोगी की मदद से ग्रामीणों के खिलाफ फर्जी मुकदमा लिखाए जाने का आरोप लगाते हुए रविवार को नाराज ग्रामीण भाकियू नेता राहुल मिश्र के साथ कोतवाली पहुुंचे।
ग्रामीणों ने कोतवाल से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा। भाकियू नेता व ग्रामीणों ने मामले को फर्जी बताते हुए उसे समाप्त किए जाने की मांग की। कोतवाल राकेश यादव ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
भाकियू तहसील अध्यक्ष राहुल मिश्रा, ग्राम प्रधान शहाब रिजवी उर्फ बबलू के साथ कोतवाली पहुंचे गांव जमील खां, मल्लू लाल गुप्ता, महेंद्र अर्कवंशी, रईस, सोनू, सर्वेश कुमार, आसिफ, समीम, कमलेश, कमलेश राठौर, श्रवण शर्मा, अली अहमद, जयचंद, रामगोपाल, अमित यादव, अनीस, कमलेश अर्कवंशी, राजेश, अवनीश व कल्लू आदि ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों ने अधिकारियों से गांव में राशन न बांटे जाने की शिकायत की थी।
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जांच में शिकायत सही पाए जाने पर अधिकारियों ने कोटा निरस्त कर दिया था। बताया कि इसी बात से नाराज होकर गांव के कोटेदार ने अपने सहयोगी नगर के मोहल्ला मुरीदखानी निवासी अशोक वर्मा की मदद से शिकायतकर्ताओं के खिलाफ गुरुवार को अनुसूचित जाति उत्पीड़न का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया है।
ग्रामीणों ने मुकदमे को निराधार बताते हुए उसे स्पंज किए जाने की मांग की। कोतवाल राकेश यादव ने बताया कि ग्रामीणों ने अपना पक्ष रखा है, उनकी बात सुनी गई है। पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
कोटेदार के सहयोगी पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप
भाकियू नेता के साथ कोतवाली पहुंचे पीड़ित ग्रामीण
कहा, उनकी शिकायत के चलते जांच के बाद कोटा हुआ निरस्त
कोटा निरस्त होने की रंजिश के चलते कोटेदार ने रची साजिश
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ग्रामीणों ने कोतवाल से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा। भाकियू नेता व ग्रामीणों ने मामले को फर्जी बताते हुए उसे समाप्त किए जाने की मांग की। कोतवाल राकेश यादव ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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भाकियू तहसील अध्यक्ष राहुल मिश्रा, ग्राम प्रधान शहाब रिजवी उर्फ बबलू के साथ कोतवाली पहुंचे गांव जमील खां, मल्लू लाल गुप्ता, महेंद्र अर्कवंशी, रईस, सोनू, सर्वेश कुमार, आसिफ, समीम, कमलेश, कमलेश राठौर, श्रवण शर्मा, अली अहमद, जयचंद, रामगोपाल, अमित यादव, अनीस, कमलेश अर्कवंशी, राजेश, अवनीश व कल्लू आदि ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों ने अधिकारियों से गांव में राशन न बांटे जाने की शिकायत की थी।
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जांच में शिकायत सही पाए जाने पर अधिकारियों ने कोटा निरस्त कर दिया था। बताया कि इसी बात से नाराज होकर गांव के कोटेदार ने अपने सहयोगी नगर के मोहल्ला मुरीदखानी निवासी अशोक वर्मा की मदद से शिकायतकर्ताओं के खिलाफ गुरुवार को अनुसूचित जाति उत्पीड़न का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया है।
ग्रामीणों ने मुकदमे को निराधार बताते हुए उसे स्पंज किए जाने की मांग की। कोतवाल राकेश यादव ने बताया कि ग्रामीणों ने अपना पक्ष रखा है, उनकी बात सुनी गई है। पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
कोटेदार के सहयोगी पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप
भाकियू नेता के साथ कोतवाली पहुंचे पीड़ित ग्रामीण
कहा, उनकी शिकायत के चलते जांच के बाद कोटा हुआ निरस्त
कोटा निरस्त होने की रंजिश के चलते कोटेदार ने रची साजिश