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फोन फॉरमेट कर लापता हुआ स्टेनो, डॉक भेज मांगी 45 दिन की छुट्टी
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संडीला (हरदोई)। लापता स्टेनो की तलाश में जुटी पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। स्टेनो आयुष अपने दोनों मोबाइल फारमेट करने के बाद सिम निकालकर उन्हें घर पर ही छोड़ गया।
यही नहीं सोमवार को उसने एसडीएम को डॉक से 45 दिन की छुट्टी का आवेदन पत्र भी भेजा था, जो बुधवार को एसडीएम को मिला। इन सारे तथ्यों के सामने आने के बाद पुलिस यह मान रही है कि आयुष सोची समझी रणनीति के तहत ही कहीं गया है।
एसडीएम कार्यालय में स्टेनो के पद पर तैनात मल्हेरा गांव निवासी आयुष सोमवार सुबह लगभग 9.30 बजे घर से तहसील जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद से आयुष का कहीं पता नहीं चल रहा है।
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काफी प्रयास के बाद भी जब आयुष का कहीं पता नहीं चल सका तो मंगलवार शाम भाई दीप कुमार पांडे ने कोतवाली में उसकी गुुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई। कॉल डिटेल खंगालने समेत पुलिस ने अन्य बिंदुओं पर जांच की तो कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
सूत्रों की मानें तो लगभग साल भर पहले यहां तैनात रही महिला अधिकारी से आयुष की पिछले कुछ समय से काफी देर-देर तक बात हो रही थी। काफी हद तक तस्वीर साफ होने के बाद पुलिस यह मान रही है कि आयुष अपनी मर्जी से और सोची समझी रणनीति के तहत ही कहीं गया है।
कोतवाल जगदीश यादव का कहना है कि जांच की जा रही है। गुरुवार को भाई दीप कुमार पांडेय व आयुष की सास सुनीता त्रिपाठी ने एसडीएम से मुलाकात कर आयुष को जल्द से जल्द तलाशने की मांग की।
फोन फॉरमेट किया, डॉक से मांगी छुट्टी
जांच के दौरान लापता स्टेनो के मामले में आया नया मोड़
घर में ही मिले दोनों मोबाइल, सिम निकालकर किए फॉरमेट
पूर्व में यहां तैनात रही महिला अधिकारी से हो रही थी बात, कॉल डिटेल से हुआ खुलासा
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यही नहीं सोमवार को उसने एसडीएम को डॉक से 45 दिन की छुट्टी का आवेदन पत्र भी भेजा था, जो बुधवार को एसडीएम को मिला। इन सारे तथ्यों के सामने आने के बाद पुलिस यह मान रही है कि आयुष सोची समझी रणनीति के तहत ही कहीं गया है।
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एसडीएम कार्यालय में स्टेनो के पद पर तैनात मल्हेरा गांव निवासी आयुष सोमवार सुबह लगभग 9.30 बजे घर से तहसील जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद से आयुष का कहीं पता नहीं चल रहा है।
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काफी प्रयास के बाद भी जब आयुष का कहीं पता नहीं चल सका तो मंगलवार शाम भाई दीप कुमार पांडे ने कोतवाली में उसकी गुुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई। कॉल डिटेल खंगालने समेत पुलिस ने अन्य बिंदुओं पर जांच की तो कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
सूत्रों की मानें तो लगभग साल भर पहले यहां तैनात रही महिला अधिकारी से आयुष की पिछले कुछ समय से काफी देर-देर तक बात हो रही थी। काफी हद तक तस्वीर साफ होने के बाद पुलिस यह मान रही है कि आयुष अपनी मर्जी से और सोची समझी रणनीति के तहत ही कहीं गया है।
कोतवाल जगदीश यादव का कहना है कि जांच की जा रही है। गुरुवार को भाई दीप कुमार पांडेय व आयुष की सास सुनीता त्रिपाठी ने एसडीएम से मुलाकात कर आयुष को जल्द से जल्द तलाशने की मांग की।
फोन फॉरमेट किया, डॉक से मांगी छुट्टी
जांच के दौरान लापता स्टेनो के मामले में आया नया मोड़
घर में ही मिले दोनों मोबाइल, सिम निकालकर किए फॉरमेट
पूर्व में यहां तैनात रही महिला अधिकारी से हो रही थी बात, कॉल डिटेल से हुआ खुलासा