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मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगा विवाहिता ने कर ली खुदकुशी
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माधौगंज (हरदोई)। स्थानीय एक मोहल्ले में दुकानदार की पत्नी ने फेसबुक पर पोस्ट में मुख्यमंत्री से पड़ोसी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाते हुए फांसी लगाकर जान दे दी है। एसपी ने पूरे प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंप दी है।
कस्बे में प्लास्टिक और पन्नी के दुकानदार की पत्नी ने रविवार की रात घर में साड़ी से फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। घटना की जानकारी दुकानदार ने यूपी 112 पर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। खुदकुशी से पहले महिला की फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया में वायरल हो गई। पोस्ट में महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय मांगते हुए लिखा है कि चार सितंबर की शाम को मकान के सामने रहने वाले लवी त्रिवेदी परिवार के साथ घर में घुस आए और उसके व उसके नाबालिग पुत्र के साथ लवी और उसके पिता पूती त्रिवेदी ने जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर बेल्टों और लात, घूसों से पीटा। महिला की नाक पर दांत से काट लिया। लवी की मां मीरा देवी ने भी पीटा, गले का लॉकेट, कान के बाले नोच लिए। दो मोबाइल और 90 हजार रुपये भी ले गए। पुलिस पर भी तहरीर बदलवाने का आरोप लगाते हुए महिला ने आरोपियों से अपने परिजनों को खतरा बताया है।
इधर, एसपी अजय कुमार ने बताया कि पूरी घटना संज्ञान में आई है। चार सितंबर को हुई मारपीट की घटना की एफआईआर माधौगंज थाने में दर्ज है और आरोपी लवी त्रिवेदी को पुलिस ने उसी रात गिरफ्तार भी कर लिया था। फिर भी पूरे प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है। एसपी ने कहा कि नामजद आरोपियों के साथ ही अगर किसी भी स्तर से पुलिस कर्मी या अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
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...तो वायरल होते ही हट गई फेसबुक पोस्ट
दुकानदार की पत्नी द्वारा लिखी फेसबुक पोस्ट सोमवार को सोशल मीडिया में वायरल हो गई। कुछ घंटे बाद ही यह पोस्ट डिलीट भी हो गई। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर कौन महिला की मौत के बाद उसके फेसबुक अकाउंट को चला रहा और आखिर किसके दबाव में आकर यह पोस्ट डिलीट कर दी गई।
तहरीर बदलवाए जाने से भी आहत थी
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक चार सितंबर को घटना के बाद थाने में जाने पर दुकानदार की पत्नी की तहरीर बदलवाई गई थी। यही वजह रही कि वह रविवार को सीओ बिलग्राम विशाल यादव के पास गई थी। विशाल यादव को दी तहरीर में उसने वही घटना लिखी, जो फेसबुक पोस्ट में बताई गई। हालांकि माधौगंज के प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह का कहना है कि तहरीर नहीं बदलवाई गई। मारपीट की घटना थी और इसी आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। तीन लोगों को नामजद किया गया था, जिसमें मुख्य आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया था। सीओ विशाल यादव का कहना है कि महिला ने उन्हें तहरीर दी थी। इस पर उसे उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था।
महिला की कुंडली खंगालने में जुटी पुलिस
घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने दुकानदार की पत्नी की कुंडली खंगालना भी शुरू कर दिया है। महिला की किससे बातचीत होती थी और कौन-कौन लगातार उसके संपर्क में था, इसकी जांच भी पुलिस कर रही है। पुलिस महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि महिला और लवी के बीच झगड़े की वजह तलाशने के दौरान भी पुलिस को चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं।
रेफर करने के बावजूद नहीं गई थी अस्पताल
चार सितंबर की रात मारपीट की घटना में घायल होने के बाद दुकानदार की पत्नी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माधौगंज भेजा गया था। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल व इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया था। इसके बावजूद वह जिला अस्पताल नहीं गई थी। पुलिस भी इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।
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कस्बे में प्लास्टिक और पन्नी के दुकानदार की पत्नी ने रविवार की रात घर में साड़ी से फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। घटना की जानकारी दुकानदार ने यूपी 112 पर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। खुदकुशी से पहले महिला की फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया में वायरल हो गई। पोस्ट में महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय मांगते हुए लिखा है कि चार सितंबर की शाम को मकान के सामने रहने वाले लवी त्रिवेदी परिवार के साथ घर में घुस आए और उसके व उसके नाबालिग पुत्र के साथ लवी और उसके पिता पूती त्रिवेदी ने जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर बेल्टों और लात, घूसों से पीटा। महिला की नाक पर दांत से काट लिया। लवी की मां मीरा देवी ने भी पीटा, गले का लॉकेट, कान के बाले नोच लिए। दो मोबाइल और 90 हजार रुपये भी ले गए। पुलिस पर भी तहरीर बदलवाने का आरोप लगाते हुए महिला ने आरोपियों से अपने परिजनों को खतरा बताया है।
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इधर, एसपी अजय कुमार ने बताया कि पूरी घटना संज्ञान में आई है। चार सितंबर को हुई मारपीट की घटना की एफआईआर माधौगंज थाने में दर्ज है और आरोपी लवी त्रिवेदी को पुलिस ने उसी रात गिरफ्तार भी कर लिया था। फिर भी पूरे प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है। एसपी ने कहा कि नामजद आरोपियों के साथ ही अगर किसी भी स्तर से पुलिस कर्मी या अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
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...तो वायरल होते ही हट गई फेसबुक पोस्ट
दुकानदार की पत्नी द्वारा लिखी फेसबुक पोस्ट सोमवार को सोशल मीडिया में वायरल हो गई। कुछ घंटे बाद ही यह पोस्ट डिलीट भी हो गई। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर कौन महिला की मौत के बाद उसके फेसबुक अकाउंट को चला रहा और आखिर किसके दबाव में आकर यह पोस्ट डिलीट कर दी गई।
तहरीर बदलवाए जाने से भी आहत थी
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक चार सितंबर को घटना के बाद थाने में जाने पर दुकानदार की पत्नी की तहरीर बदलवाई गई थी। यही वजह रही कि वह रविवार को सीओ बिलग्राम विशाल यादव के पास गई थी। विशाल यादव को दी तहरीर में उसने वही घटना लिखी, जो फेसबुक पोस्ट में बताई गई। हालांकि माधौगंज के प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह का कहना है कि तहरीर नहीं बदलवाई गई। मारपीट की घटना थी और इसी आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। तीन लोगों को नामजद किया गया था, जिसमें मुख्य आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया था। सीओ विशाल यादव का कहना है कि महिला ने उन्हें तहरीर दी थी। इस पर उसे उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था।
महिला की कुंडली खंगालने में जुटी पुलिस
घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने दुकानदार की पत्नी की कुंडली खंगालना भी शुरू कर दिया है। महिला की किससे बातचीत होती थी और कौन-कौन लगातार उसके संपर्क में था, इसकी जांच भी पुलिस कर रही है। पुलिस महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि महिला और लवी के बीच झगड़े की वजह तलाशने के दौरान भी पुलिस को चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं।
रेफर करने के बावजूद नहीं गई थी अस्पताल
चार सितंबर की रात मारपीट की घटना में घायल होने के बाद दुकानदार की पत्नी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माधौगंज भेजा गया था। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल व इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया था। इसके बावजूद वह जिला अस्पताल नहीं गई थी। पुलिस भी इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।