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जांच की आंच में झुलसेंगे क्षेत्र पंचायत से कराए गए विकास कार्य
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हरदोई। हरपालपुर क्षेत्र पंचायत से पिछले छह माह में कराए गए सभी कार्याें की जांच कराई जाएगी। सीडीओ आकांक्षा राना ने इसके लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रोहित कुमार सिंह और ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता राजेश सिंह की टीम बनाई है। टीम एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंप देगी।
बीती नौ अगस्त को मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा राना ने हरपालपुर ब्लाक मुख्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने राज्यवित्त और 15वें वित्त से मिले बजट से कराए गए निर्माण कार्यों की समीक्षा की थी। इसके बाद उन्होंने खंड विकास अधिकारी से दो कार्यों का स्थलीय सत्यापन करने के निर्देश देते हुए रिपोर्ट मांगी थी। खंड विकास अधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद सीडीओ ने सख्त रुख अपना लिया।
सीडीओ आकांक्षा राना ने हरपालपुर क्षेत्र पंचायत से पिछले छह माह में कराए गए सभी कार्यों की स्थलीय तकनीकी जांच करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए गठित से एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।
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बीडीओ ने बहुत बचाया पर फोटो से बिगड़ा मामला
सीडीओ ने नौ अगस्त को ही खंड विकास अधिकारी हरपालपुर का प्रभार संभाल रहे पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष वर्मा से दो कार्यों की जांच कराई। ग्राम दुर्जना में गांव से मोहलनपुर घाट तक खड़ंजा निर्माण और ग्राम इकनौरा में पुलिया से सुखेंद्र के मकान तक इंटरलॉकिंग कार्य की जांच खंड विकास अधिकारी ने की। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक बीडीओ ने सीडीओ को भेजी आख्या में सबकुछ दुरुस्त दुर्शाया, लेकिन इसके साथ मौके के जो फोटो भेजे उनसे मामले को लेकर शक हो गया। शायद यही कारण है कि जारी किए गए जांच आदेश में सीडीओ ने साफ लिखा है कि बीडीओ द्वारा भेजे गए फोटो के अवलोकन से कार्य प्रथम दृष्टया गुणवत्ताहीन दिख रहे हैं।
जांच आदेश जारी होते ही मची खलबली
सीडीओ द्वारा क्षेत्र पंचायत से पिछले छह माह में कराए गए कार्यों की जांच का आदेश जारी होने का पता चलते ही ब्लाक के जिम्मेदारों में खलबली मच गई। निर्माण कार्य कराने वाले कार्य प्रभारियों, ठेकेदारों के साथ साथ कुछ राजनीतिक लोगों में भी खलबली मची हुई है। दरअसल जिस छह माह की अवधि के कार्याें की जांच होनी है उसमें कई माह प्रशासक कार्यकाल भी रहा है।
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बीती नौ अगस्त को मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा राना ने हरपालपुर ब्लाक मुख्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने राज्यवित्त और 15वें वित्त से मिले बजट से कराए गए निर्माण कार्यों की समीक्षा की थी। इसके बाद उन्होंने खंड विकास अधिकारी से दो कार्यों का स्थलीय सत्यापन करने के निर्देश देते हुए रिपोर्ट मांगी थी। खंड विकास अधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद सीडीओ ने सख्त रुख अपना लिया।
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सीडीओ आकांक्षा राना ने हरपालपुर क्षेत्र पंचायत से पिछले छह माह में कराए गए सभी कार्यों की स्थलीय तकनीकी जांच करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए गठित से एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।
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बीडीओ ने बहुत बचाया पर फोटो से बिगड़ा मामला
सीडीओ ने नौ अगस्त को ही खंड विकास अधिकारी हरपालपुर का प्रभार संभाल रहे पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष वर्मा से दो कार्यों की जांच कराई। ग्राम दुर्जना में गांव से मोहलनपुर घाट तक खड़ंजा निर्माण और ग्राम इकनौरा में पुलिया से सुखेंद्र के मकान तक इंटरलॉकिंग कार्य की जांच खंड विकास अधिकारी ने की। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक बीडीओ ने सीडीओ को भेजी आख्या में सबकुछ दुरुस्त दुर्शाया, लेकिन इसके साथ मौके के जो फोटो भेजे उनसे मामले को लेकर शक हो गया। शायद यही कारण है कि जारी किए गए जांच आदेश में सीडीओ ने साफ लिखा है कि बीडीओ द्वारा भेजे गए फोटो के अवलोकन से कार्य प्रथम दृष्टया गुणवत्ताहीन दिख रहे हैं।
जांच आदेश जारी होते ही मची खलबली
सीडीओ द्वारा क्षेत्र पंचायत से पिछले छह माह में कराए गए कार्यों की जांच का आदेश जारी होने का पता चलते ही ब्लाक के जिम्मेदारों में खलबली मच गई। निर्माण कार्य कराने वाले कार्य प्रभारियों, ठेकेदारों के साथ साथ कुछ राजनीतिक लोगों में भी खलबली मची हुई है। दरअसल जिस छह माह की अवधि के कार्याें की जांच होनी है उसमें कई माह प्रशासक कार्यकाल भी रहा है।