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जंगली मवेशी के पदचिन्ह दिखने से सनसनी
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हरदोई। सांडी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बघराई में जंगली जानवर के पदचिह्न नजर आने से ग्रामीणों में सनसनी फैल गई। गुरुवार दोपहर वन विभाग के रेंजर और उनकी टीम मौके पर पहुंच गई। पदचिह्नों की नाप करने के बाद टीम ने बाघ या शेर होने की आशंका को सिरे से खारिज कर दिया।
ग्राम बघराई के निकट वन विभाग का जंगल है। इस जंगल के निकट ही गांव निवासी देवकी का खेत है। मंगलवार की रात देवकी ने खेत में पानी लगाया था। गुरुवार की सुबह जब वह खेत पर पहुंचा तो यहां मवेशी के बड़े-बड़े पदचिह्न देखकर सकते में आ गए। उन्होंने बाघ या शेर होने की आशंका जताते हुए अन्य ग्रामीणों को जानकारी दी। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने चार दिन पहले कुछ कुत्ते मरे मिलने और मांस नुचा होने की बात कही। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को फोन पर इसकी जानकारी दी।
इस पर रेंजर हनुमान प्रसाद टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों से पूरी जानकारी ली। ग्रामीणों ने उन्हें जंगली जानवर के पदचिह्न दिखाए। रेंजर ने अपनी टीम के साथ पदचिह्नों की नाप की। रेंजर के मुताबिक सात से आठ इंच के पदचिह्न मिले हैं, लेकिन यह बाघ के नहीं है। बाघ के पदचिह्न आमतौर पर 12 से 16 इंच के होते हैं। अगर बाघ के बच्चे भी हों तो नौ से 10 इंच के पदचिह्न होते हैं। फिर भी ग्रामीणों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। रेंजर का कहना है कि किसी भी ग्रामीण ने जानवर देखने की बात से इनकार किया है।
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ग्राम बघराई के निकट वन विभाग का जंगल है। इस जंगल के निकट ही गांव निवासी देवकी का खेत है। मंगलवार की रात देवकी ने खेत में पानी लगाया था। गुरुवार की सुबह जब वह खेत पर पहुंचा तो यहां मवेशी के बड़े-बड़े पदचिह्न देखकर सकते में आ गए। उन्होंने बाघ या शेर होने की आशंका जताते हुए अन्य ग्रामीणों को जानकारी दी। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने चार दिन पहले कुछ कुत्ते मरे मिलने और मांस नुचा होने की बात कही। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को फोन पर इसकी जानकारी दी।
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इस पर रेंजर हनुमान प्रसाद टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों से पूरी जानकारी ली। ग्रामीणों ने उन्हें जंगली जानवर के पदचिह्न दिखाए। रेंजर ने अपनी टीम के साथ पदचिह्नों की नाप की। रेंजर के मुताबिक सात से आठ इंच के पदचिह्न मिले हैं, लेकिन यह बाघ के नहीं है। बाघ के पदचिह्न आमतौर पर 12 से 16 इंच के होते हैं। अगर बाघ के बच्चे भी हों तो नौ से 10 इंच के पदचिह्न होते हैं। फिर भी ग्रामीणों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। रेंजर का कहना है कि किसी भी ग्रामीण ने जानवर देखने की बात से इनकार किया है।
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