{"_id":"61dc744cabcc8f405c598550","slug":"cow-deathfake-news-hardoi-news-knp6746358177","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंडरवा में गोवंश मरने की खबर पर दौड़े अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंडरवा में गोवंश मरने की खबर पर दौड़े अफसर
विज्ञापन
cow deathfake news
- फोटो : HARDOI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिहानी। पंडरवा किला गांव के काजी हाउस में दो गोवंशों की मौत होने की सूचना मिलते ही सोमवार को शाहाबाद तहसीलदार नरेंद्र कुमार मौके पर पहुंच गए। प्रधान प्रतिनिधि सुशील कुमार ने बताया कि किसी ने गलत सूचना अधिकारियों को दे दी है।
सोमवार को पंडरवा किला गांव के कांजी हाउस में दो गोवंश मरने की सूचना पर प्रशासन हरकत में आ गया। शाहाबाद तहसीलदार नरेंद्र कुमार राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। तहसीलदार ने आसपास के लोगों के बयान भी लिए। तहसीलदार ने बताया कि मवेशी नहीं मिले हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला है कि बुधवार को कुछ लोगों ने लगभग 30 की क्षमता वाले कांजी हाउस में 70 मवेशी बंद कर दिए थे। मवेशी लड़कर न मर जाएं, इसके दृष्टिगत प्रधान ने कांजी हाउस का गेट खोलकर मवेशियों को बाहर निकाल दिया था।
किसी मवेशी के मरने की पुष्टि नहीं हुई है। जांच में सूचना गलत निकली है। प्रधान प्रतिनिधि सुशील कुमार ने बताया कि फर्जी सूचना थी। वहीं भारतीय किसान यूनियन अवध के तहसील अध्यक्ष राहुल मिश्रा ने बताया कि कांजी हाउस में जो मवेशी बंद किए गए थे, रविवार शाम उसमें से एक गाय व बछड़े की मौत हो गई थी। दो गोवंशों के मरने के बाद आननफानन सभी मवेशी बाहर निकाल दिए गए और दोनों मृत मवेशियों को कंाजी हाउस के पीछे मैदान में दफना दिया गया है। तहसील अध्यक्ष ने बताया कि गांव में अब तक छुट्टा मवेशियों के लिए पशु बाड़ा भी नहीं बनवाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को पंडरवा किला गांव के कांजी हाउस में दो गोवंश मरने की सूचना पर प्रशासन हरकत में आ गया। शाहाबाद तहसीलदार नरेंद्र कुमार राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। तहसीलदार ने आसपास के लोगों के बयान भी लिए। तहसीलदार ने बताया कि मवेशी नहीं मिले हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला है कि बुधवार को कुछ लोगों ने लगभग 30 की क्षमता वाले कांजी हाउस में 70 मवेशी बंद कर दिए थे। मवेशी लड़कर न मर जाएं, इसके दृष्टिगत प्रधान ने कांजी हाउस का गेट खोलकर मवेशियों को बाहर निकाल दिया था।
विज्ञापन
किसी मवेशी के मरने की पुष्टि नहीं हुई है। जांच में सूचना गलत निकली है। प्रधान प्रतिनिधि सुशील कुमार ने बताया कि फर्जी सूचना थी। वहीं भारतीय किसान यूनियन अवध के तहसील अध्यक्ष राहुल मिश्रा ने बताया कि कांजी हाउस में जो मवेशी बंद किए गए थे, रविवार शाम उसमें से एक गाय व बछड़े की मौत हो गई थी। दो गोवंशों के मरने के बाद आननफानन सभी मवेशी बाहर निकाल दिए गए और दोनों मृत मवेशियों को कंाजी हाउस के पीछे मैदान में दफना दिया गया है। तहसील अध्यक्ष ने बताया कि गांव में अब तक छुट्टा मवेशियों के लिए पशु बाड़ा भी नहीं बनवाया गया है।
विज्ञापन