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कोरोना बन गया बायोमीट्रिक की ढाल

Sun, 13 Feb 2022 10:36 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 13 Feb 2022 10:36 PM IST
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Corona became the shield of biometric
हरदोई। जिला पुरुष और महिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा की खबरें अक्सर सुर्खियां बनती रही हैं। चिकित्सकों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के देर से आने और जल्दी चले जाने की वजह से मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती हैं।
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करीब दो माह पहले ही समाचार पत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की खबरों की किरकिरी झेलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने बायोमीट्रिक से हाजिरी की व्यवस्था लागू की थी।
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निर्देश थे कि महिला व पुरुष अस्पतालों के स्वास्थ्य कर्मी व डॉक्टर्स बायोमीट्रिक से हाजिरी लगाएंगे। इसी के आधार पर उनका वेतन जारी होगा, लेकिन कोरोना संक्रमण इस व्यवस्था से बचने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की ढाल बन गया है।
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स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सोसाइटी की प्रधानाचार्या ने 14 दिसंबर 2021 को पत्र जारी कर बायोमीट्रिक व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए थे।
पत्र में स्पष्ट किया गया था कि सभी स्वास्थ्य कर्मी बायोमीट्रिक से अपने आगमन व प्रस्थान की सूचना देंगे। इन सूचनाओं के संकलन के लिए जिला चिकित्सालय के कक्ष संख्या 19 में व्यवस्था की गई थी।
महिला और पुरुष दोनों अस्पतालों के सीएमएस को सभी की उपस्थिति स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
बायोमीट्रिक में दर्ज उपस्थिति के आधार पर स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन जारी किया जाना था। यह व्यवस्था 15 दिसंबर को लागू की गई और एक माह बीतने से पहले ही खत्म हो गई।
अधिकारी कहकर भूल गए और कर्मचारियों ने भी कुछ समय बीतने के बाद व्यवस्था से किनारा कर लिया। अस्पताल प्रशासन ने कोरोना संक्रमण का बहाना बताकर इस व्यवस्था को बंद कर दिया।
लिहाजा, स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों की अनुपस्थिति और देर से आने की बीमारी जिला महिला एवं पुरुष अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को फिर तकलीफ देने लगी हैं।

पहले ही था मशीन खराब करने का अंदेशा
देर से आने और जल्दी ड्यूटी छोड़ने की चोरी पकड़ने वाली बायोमीट्रिक मशीन को खराब करने का अंदेशा स्वास्थ्य विभाग को पहले ही था, इसलिए स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सोसाइटी की प्रधानाचार्या ने अपने पत्र में इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात भी इंगित की थी।
उन्होंने दोनों मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को बायोमीट्रिक मशीन की सुरक्षा के लिए कक्ष के बाहर कर्मचारी की तैनाती के निर्देश भी दिए थे।
कोरोना संक्रमण की वजह से बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुरक्षित नहीं है। संक्रमण समाप्त होने के बाद ही यह व्यवस्था लागू की जा सकती है।
- डॉ. जेएन तिवारी, सीएमएस, जिला चिकित्सालय
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