{"_id":"6a14849d5342d1716600d583","slug":"coolers-and-fans-are-blowing-hot-air-in-the-wards-on-the-second-and-third-floors-of-the-medical-college-hardoi-news-c-213-1-hra1004-150385-2026-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: मेडिकल कॉलेज के दूसरी और तीसरी मंजिल के वार्डाें में कूलर-पंखे फेंक रहे गर्म हवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: मेडिकल कॉलेज के दूसरी और तीसरी मंजिल के वार्डाें में कूलर-पंखे फेंक रहे गर्म हवा
विज्ञापन
फोटो- 29- वार्ड के एक कोने में लगा कूलर व भर्ती मरीज। संवाद
हरदोई। पिछले 10 दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान 40 डिग्री से ज्यादा बना हुआ है। इससे इतर मेडिकल कॉलेज के वार्डाें में भर्ती मरीजों को राहत देने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। भीषण गर्मी में मेडिकल कॉलेज की दूसरे और तीसरी मंजिल पर स्थित वार्डाें में लगे कूलर एक तो संख्या के हिसाब से नाकाफी हैं और दूसरा गर्म हवा फेंक रहे हैं। इन वार्डाें में लगभग 59 मरीज भर्ती हैं।
दृश्य-1-
15 बेड पर दो कूलर, पानी डालने का इंतजाम नहीं
मेडिकल कॉलेज में सेंट्रल लैब के ऊपर की मंजिल में मेडिसिन वार्ड संचालित है। इसमें चार बड़े-बड़े कमरे हैं। इन कमरों में तकरीबन 35 बेड हैं। सबसे बड़े हॉलनुमा कमरे में 15 बेड हैं। यहां मरीजों के लिए सिर्फ दो कूलर लगे हैं। वह भी आमने-सामने लगा दिए गए हैं। इसकी वजह से न तो इनमें पानी पड़ पाता है और न ही पूरे वार्ड को ठंडक मिल पाती है। बाकी तीन कमरों में तो सिर्फ एक-एक कूलर ही लगा है। भीषण तपिश और दूसरी मंजिल का वार्ड मरीजों के लिए वैसे ही मुसीबत से कम नहीं है।
दृश्य-2-
तीसरी मंजिल के वार्ड में आठ बेड पर एक कूलर
सेंट्रल लैब की तीसरी मंजिल पर सर्जिकल वार्ड है। यहां आठ बेड वाले कक्ष में सिर्फ एक कूलर लगा है। तीसरी मंजिल पर होने के कारण वैसे ही यहां गर्मी ज्यादा रहती है। भर्ती मरीजों का कहना है कि कूलर की हवा सिर्फ सबसे आगे पड़े बेड तक ही जाती है। लाइन से बेड पड़े होने के कारण आगे तक हवा पहुंचने की व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
पंखे भी फेंक रहे गर्म हवा
सर्जिकल और मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीजों काे कूलर कोई राहत नहीं दे रहे। यहां पंखे तो पर्याप्त लगे हैं लेकिन दूसरी और तीसरी मंजिल पर होने के कारण पंखे भी बेहद गर्म हवा फेंक रहे हैं। इस कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है।
वार्डाें में गर्मी से बचाव के लिए कूलर लगे हुए हैं। हर वार्ड में आवश्यकतानुसार कूलर हैं। कम पड़ने पर संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। गर्मी के लिए बनाए गए वार्ड में भी सभी व्यवस्थाएं हैं। 10 बेडों के साथ एसी भी लगा है। ओआरएस की भी व्यवस्था है। -डाॅ. शिवम यादव, मीडिया प्रभारी, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
दृश्य-1-
15 बेड पर दो कूलर, पानी डालने का इंतजाम नहीं
मेडिकल कॉलेज में सेंट्रल लैब के ऊपर की मंजिल में मेडिसिन वार्ड संचालित है। इसमें चार बड़े-बड़े कमरे हैं। इन कमरों में तकरीबन 35 बेड हैं। सबसे बड़े हॉलनुमा कमरे में 15 बेड हैं। यहां मरीजों के लिए सिर्फ दो कूलर लगे हैं। वह भी आमने-सामने लगा दिए गए हैं। इसकी वजह से न तो इनमें पानी पड़ पाता है और न ही पूरे वार्ड को ठंडक मिल पाती है। बाकी तीन कमरों में तो सिर्फ एक-एक कूलर ही लगा है। भीषण तपिश और दूसरी मंजिल का वार्ड मरीजों के लिए वैसे ही मुसीबत से कम नहीं है।
विज्ञापन
दृश्य-2-
तीसरी मंजिल के वार्ड में आठ बेड पर एक कूलर
सेंट्रल लैब की तीसरी मंजिल पर सर्जिकल वार्ड है। यहां आठ बेड वाले कक्ष में सिर्फ एक कूलर लगा है। तीसरी मंजिल पर होने के कारण वैसे ही यहां गर्मी ज्यादा रहती है। भर्ती मरीजों का कहना है कि कूलर की हवा सिर्फ सबसे आगे पड़े बेड तक ही जाती है। लाइन से बेड पड़े होने के कारण आगे तक हवा पहुंचने की व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
पंखे भी फेंक रहे गर्म हवा
सर्जिकल और मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीजों काे कूलर कोई राहत नहीं दे रहे। यहां पंखे तो पर्याप्त लगे हैं लेकिन दूसरी और तीसरी मंजिल पर होने के कारण पंखे भी बेहद गर्म हवा फेंक रहे हैं। इस कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है।
वार्डाें में गर्मी से बचाव के लिए कूलर लगे हुए हैं। हर वार्ड में आवश्यकतानुसार कूलर हैं। कम पड़ने पर संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। गर्मी के लिए बनाए गए वार्ड में भी सभी व्यवस्थाएं हैं। 10 बेडों के साथ एसी भी लगा है। ओआरएस की भी व्यवस्था है। -डाॅ. शिवम यादव, मीडिया प्रभारी, मेडिकल कॉलेज

फोटो- 29- वार्ड के एक कोने में लगा कूलर व भर्ती मरीज। संवाद