{"_id":"e61100f0efef1b2844f87271f414a8dc","slug":"consolidation-into-force-presence-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फोर्स की मौजूदगी में चकबंदी हो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फोर्स की मौजूदगी में चकबंदी हो
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 07 Jun 2015 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस की मौजूदगी में चकबंदी प्रक्रिया को शुरू कराने
विज्ञापन
की मांग को लेकर ग्राम अखवेलपुर के ग्रामीणों ने शनिवार को कलक्ट्रेट
परिसर में जोरदार प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
कलक्ट्रेट में एकत्र हुए ग्रामीणों में शामिल बृजेश सिंह ने कहा कि अखवेलपुर मलवा में चकबंदी प्रक्रिया का नोटिफिकेशन जोत एक्ट के तहत हो चुका है। धारा छह के तहत नामांतरण कार्रवाई भी हो चुकी है। धारा नौ के तहत काश्तकारों द्वारा प्रेषित आपत्तियों की सुनवाई पूर्ण हो चुकी है और प्रस्तावित चकों की पैमाइश लगभग 70 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी है।
चकबंदी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शिता से चल रही है, पर ग्रामसभा अखवेलपुर मलवा में चकबंदी प्रभावी नहीं हुई है, जिससे गांव के अधिसंख्य लोग संतुष्ट हैं, जबकि गांव के कुछ लोग जो दूसरों की चकों को जोतते चले आ रहे, वह लोग चकबंदी नहीं चाहते और रुकवाने की फिराक में हैं।
तीन जून को कानूनगो व लेखपाल को जबरन कार्यों से रोक गांव में इन्हीं लोगों द्वारा चकबंदी रुकवा दी गई। ग्रामीणों ने इस दौरान डीएम रमेश मिश्र को ज्ञापन सौंप पुलिस की मौजूदगी में चकबंदी पुन: शुरू कराने की मांग की है। इस मौके पर उमेश सिंह, चक्रपाल, राम सिंह, राम प्रसाद सिंह, अवधेेश सिंह, मुन्नू सिंह, शिव प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।
कलक्ट्रेट में एकत्र हुए ग्रामीणों में शामिल बृजेश सिंह ने कहा कि अखवेलपुर मलवा में चकबंदी प्रक्रिया का नोटिफिकेशन जोत एक्ट के तहत हो चुका है। धारा छह के तहत नामांतरण कार्रवाई भी हो चुकी है। धारा नौ के तहत काश्तकारों द्वारा प्रेषित आपत्तियों की सुनवाई पूर्ण हो चुकी है और प्रस्तावित चकों की पैमाइश लगभग 70 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी है।
चकबंदी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शिता से चल रही है, पर ग्रामसभा अखवेलपुर मलवा में चकबंदी प्रभावी नहीं हुई है, जिससे गांव के अधिसंख्य लोग संतुष्ट हैं, जबकि गांव के कुछ लोग जो दूसरों की चकों को जोतते चले आ रहे, वह लोग चकबंदी नहीं चाहते और रुकवाने की फिराक में हैं।
तीन जून को कानूनगो व लेखपाल को जबरन कार्यों से रोक गांव में इन्हीं लोगों द्वारा चकबंदी रुकवा दी गई। ग्रामीणों ने इस दौरान डीएम रमेश मिश्र को ज्ञापन सौंप पुलिस की मौजूदगी में चकबंदी पुन: शुरू कराने की मांग की है। इस मौके पर उमेश सिंह, चक्रपाल, राम सिंह, राम प्रसाद सिंह, अवधेेश सिंह, मुन्नू सिंह, शिव प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।