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Hardoi News: गाटावार हुए नुकसान के आकलन पर ही तय होगा मुआवजा
Tue, 05 Mar 2024 11:45 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Tue, 05 Mar 2024 11:45 PM IST
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हरदोई। बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराते हुए 24 घंटे में किसानों को मुआवजा दिलाए जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही है। राहत की बात यह है कि गाटावार हुए नुकसान के आकलन पर ही मुआवजा तय होगा। वहीं किसानों को मुआवजा के लिए कठिन राह तय करनी होगी।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता पर यहां पर भी क्षतिग्रस्त फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। फसलों को हुए नुकसान के मुआवजा के लिए एक तो, वह किसान हैं जिन्होंने फसलों का बीमा करवा रखा है और दूसरे वह किसान हैं जो दैवीय आपदा की मद में मुआवजा के लिए चिह्नित हो रहे हैं। दोनों ही श्रेणी के किसानों को मुआवजा के लिए कठिन राह तय करनी होगी।
दैवीय आपदा मद में मुआवजा के लिए राजस्व विभाग के लेखपालों की ओर से राहत विभाग के पोर्टल पर सर्वे कर गाटावार विवरण भरना है। राहत की बात यह है कि गाटावार हुए नुकसान के आकलन पर ही मुआवजा तय होगा। मुआवजे के लिए बोयी गई फसल के क्षेत्रफल का 33 प्रतिशत नुकसान होने पर किसान को पात्र माना जाता है। लेखपालों के पास फसलों के सर्वे का काम होने से किसानों को इसके लिए भी दौड़भाग करनी पड़ती है।
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180 किसानों ने दर्ज कराई क्षतिपूर्ति के लिए शिकायत
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसान क्रेडिट कार्डधारक और खेती-किसानी के लिए ऋण लिए किसानों का बैंक की ओर से ही बीमा प्रीमियम काट लिया जाता है। अन्य किसानों को स्वयं से बीमा कराना पड़ता है। नुकसान होने पर किसान को टोल फ्री नंबर व उप निदेशक कृषि कार्यालय में 72 घंटे के अंदर आवेदन देना पड़ता है। बीमा कंपनी के सर्वेयर की ओर से से फसलों का सर्वे कर उपज के आधार पर नुकसान तय किया जाता है। उप निदेशक कृषि डॉ. नंद किशोर ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान पर क्षतिपूर्ति के लिए उनके कार्यालय में 42 और 138 किसानों ने बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई है। बताया कि खरीफ फसल में 37,351 किसानों ने बीमा कराया कराया था, इसमें से 271 किसानों को 52,60,877 रुपये की क्षतिपूर्ति का वितरण किया गया था।
बाढ़ और ओलावृष्टि में 10,133 किसानों को दी जा चुकी है क्षतिपूर्ति
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 के मार्च में ओलावृष्टि और बरसात में बाढ़ से तहसील संडीला, बिलग्राम व सवायजपुर के किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा था। बाढ़ और ओलावृष्टि से प्रभावित हुए 10,133 किसानों को आपदा राहत मद से क्षतिपूर्ति दी जा चुकी है। बताया कि ओलावृष्टि से प्रभावित करीब 3,969 किसानों को 27,23,729, बाढ़ से प्रभावित किसानों में बिलग्राम के 3,438 किसानों को 85,93,427 और सवायजपुर के 2,726 किसानों को 87,63,795 रुपये की मदद दी गई है।
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मुख्यमंत्री की प्राथमिकता पर यहां पर भी क्षतिग्रस्त फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। फसलों को हुए नुकसान के मुआवजा के लिए एक तो, वह किसान हैं जिन्होंने फसलों का बीमा करवा रखा है और दूसरे वह किसान हैं जो दैवीय आपदा की मद में मुआवजा के लिए चिह्नित हो रहे हैं। दोनों ही श्रेणी के किसानों को मुआवजा के लिए कठिन राह तय करनी होगी।
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दैवीय आपदा मद में मुआवजा के लिए राजस्व विभाग के लेखपालों की ओर से राहत विभाग के पोर्टल पर सर्वे कर गाटावार विवरण भरना है। राहत की बात यह है कि गाटावार हुए नुकसान के आकलन पर ही मुआवजा तय होगा। मुआवजे के लिए बोयी गई फसल के क्षेत्रफल का 33 प्रतिशत नुकसान होने पर किसान को पात्र माना जाता है। लेखपालों के पास फसलों के सर्वे का काम होने से किसानों को इसके लिए भी दौड़भाग करनी पड़ती है।
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180 किसानों ने दर्ज कराई क्षतिपूर्ति के लिए शिकायत
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसान क्रेडिट कार्डधारक और खेती-किसानी के लिए ऋण लिए किसानों का बैंक की ओर से ही बीमा प्रीमियम काट लिया जाता है। अन्य किसानों को स्वयं से बीमा कराना पड़ता है। नुकसान होने पर किसान को टोल फ्री नंबर व उप निदेशक कृषि कार्यालय में 72 घंटे के अंदर आवेदन देना पड़ता है। बीमा कंपनी के सर्वेयर की ओर से से फसलों का सर्वे कर उपज के आधार पर नुकसान तय किया जाता है। उप निदेशक कृषि डॉ. नंद किशोर ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान पर क्षतिपूर्ति के लिए उनके कार्यालय में 42 और 138 किसानों ने बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई है। बताया कि खरीफ फसल में 37,351 किसानों ने बीमा कराया कराया था, इसमें से 271 किसानों को 52,60,877 रुपये की क्षतिपूर्ति का वितरण किया गया था।
बाढ़ और ओलावृष्टि में 10,133 किसानों को दी जा चुकी है क्षतिपूर्ति
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 के मार्च में ओलावृष्टि और बरसात में बाढ़ से तहसील संडीला, बिलग्राम व सवायजपुर के किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा था। बाढ़ और ओलावृष्टि से प्रभावित हुए 10,133 किसानों को आपदा राहत मद से क्षतिपूर्ति दी जा चुकी है। बताया कि ओलावृष्टि से प्रभावित करीब 3,969 किसानों को 27,23,729, बाढ़ से प्रभावित किसानों में बिलग्राम के 3,438 किसानों को 85,93,427 और सवायजपुर के 2,726 किसानों को 87,63,795 रुपये की मदद दी गई है।