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होली आते ही खाने-पीने की चीजों में मिलावट का गोरखधंधा तेज

Thu, 26 Feb 2015 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Thu, 26 Feb 2015 12:02 AM IST
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Come Holy fast food adulteration things

होली आते ही खाने-पीने की चीजों में मिलावट का गोरखधंधा तेज हो गया है। इस पर अंकुश के लिए शासन स्तर से की जा रही कड़ाई का भी फिलहाल जिले में कोई असर देखने को नहीं मिल पा रहा है। वर्षों से मिलावट के कारोबार का अड्डा बने इस जिले में पड़ोसी जिलों के मिलावटखोर भी सक्रिय हैं।

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इस किले को ध्वस्त करने के नाम पर प्रशासन स्तर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। हर साल त्यौहारों के मौसम में खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाए जाते हैं मगर ये अभियान महज खोमचा वालों, ग्रामीण बाजारों में दूध खोया बेचने वालों तक ही सिमट कर रह जाते हैं
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जबकि मिलावटी खोए एवं मिलावटी रंगों से मिठाइयां बनाने वाले लाखों के काले करोबारियों पर कार्रवाई के नाम पर हर बार विभाग बैकफुट पर  नजर आता है। इससे जिले में मिलावटी दूध, खोया, मिठाइयों एवं सरसों के तेल सहित तेल-मसालों आदि की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। पेश है हालात को बयां करती रिपोर्ट।
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त्योहारों के अवसर पर दूध, खोया एवं दुग्ध उत्पादों की मांग कई गुना तक बढ़ जाती है। इससे मिलावटी दूध के जरिए बाजार में दूध की मांग को पूरा किया जाता है। यह काला कारोबार धड़ल्ले से चलता है और जिम्मेदार बेखबर बने रहते हैं।

सूत्रों का कहना है कि आम तौर पर दूध में डिटरजेंट तथा शैंपू, खड़िया, अरारोट आदि मिलाया जाता है जबकि केमिकल के जरिए पानी को दूध बना दिया जाता है जो कि काफी घातक होता है। खोया और मिठाइयों में भी तरह-तरह से मिलावट की जाती है। रंगों के सहारे मिलावट पर पर्दा डाला जाता है।

डा. आरके त्रिवेदी कहते हैं कि मिलावटी पदार्थ धीमे जहर की तरह काम करते हैं। खाद्य पदार्थों मेें मिलाए जाने वाले रसायन का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है।


खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट एल.एस. सिंह कहते हैं कि मिलावटखोरों पर अंकुश लगाने के लिए विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाया जाता है और खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं। नमूनों के परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होती है। इसको लेकर कहीं कोई गड़बड़ी हो रही है तो उसकी जानकारी कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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