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वार्डन की शिकायत करने संडीला से हरदोई पहुंचीं 21 छात्राएं
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हरदोई। जीजीआईसी संडीला में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता सहित अन्य सुविधाओं पर असंतोष जता छात्राएं बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंच गईं। डीएम से मिलने से पहले ही डीआईओएस ने वहां पहुंचकर छात्राओं को शांत किया और चौकीदार व दो रसोइयों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का नोटिस दिया है। प्रधानाचार्या से भी स्पष्टीकरण मांगा है। छात्राओं के संडीला से कलक्ट्रेट पहुंचने की खबर से यहां से लेकर डीआईओएस कार्यालय तक हड़कंप की स्थिति बनी रही।
बुधवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज संडीला की कक्षा नौ की करीब 21 छात्राएं जिलाधिकारी कार्यालय शिकायत करने पहुंच गईं। छात्राओं के संडीला से कालेज में बिना बताएं आने की बात जानकर एडीएम संजय कुमार सिंह ने डीआईओएस वीके दुबे को सूचना दी। जिसके बाद डीआईओएस कुछ ही मिनटों में वहां पहुंच गए। उन्होंने छात्राओं से बारी बारी से शिकायतें सुनीं। छात्राएं अप्शरजहां, मोहिनी, प्रियंका, अनीता, कालिंद्री गौतम आदि ने बताया कि वहां हास्टल में भोजन समय पर नहीं मिलता। यदि मिलता है तो गुणवत्ता पूरी तरह से खराब होती है। जब छात्राएं इसका उलाहना देतीं हैं तो वार्डन द्वारा उनको डराया व धमकाया जाता है। इसके अलावा हास्टल में सफाई तक नहीं होती। डस्टबिन मेें जो कूड़ा भरा रखा रहता है उसमें कीड़े तक पड़े रहते हैं। वार्डन से कहने पर उल्टे धमकी दी जाती है। डीआईओएस ने छात्राओं को बेलाताली, कंपनी बाग आदि स्थानों पर भ्रमण कराने के साथ डायट से खाना खिलाने के निर्देश डबल एओ को दिए। वार्डेन से खाने की व्यवस्था करने के लिए भी निर्देश दिए।
डीआईओएस वीके दुबे ने सभी छात्राओं की शिकायत सुनकर प्रधानाचार्य /वार्डेन नैमुशहर सिद्दीकी से स्पष्टीकरण तलब किया। इसके अलावा चौकीदार मान सिंह, रसोइया प्रेमवती, संगीत कनौजिया की सेवा समाप्त की नोटिस दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक वीके दुबे ने बताया कि हॉस्टल से छात्राएं हरदोई कैसे आ गईं वहीं हॉस्टल से बाहर निकलने का मतलब है कि चौकीदार अपना काम सही नहीं कर रहा और सूचना भी नहीं दी।
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प्रधानाचार्य ने यह दी सफाई
प्रधानाचार्य नैमुशहर सिद्दीकी ने बताया कि सभी कक्षा नौ की छात्राएं हैं। विद्यालय में प्री बोर्ड परीक्षा चल रही थी, जिससे कक्षा नौ की छात्राओं की छुट्टी थी। हॉस्टल में 42 छात्राएं रह रही है, जिसमें रसोइयों से अप्सरजहां का कुछ दिन पहले खाने को लेकर विवाद हुआ था। सभी छात्राएं कस्तूरबा में कक्षा आठ तक पढ़ी हैं। यह बालिकाएं कैसे यहां पहुंच गईं उन्हें नहीं जानकारी मिली।
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बुधवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज संडीला की कक्षा नौ की करीब 21 छात्राएं जिलाधिकारी कार्यालय शिकायत करने पहुंच गईं। छात्राओं के संडीला से कालेज में बिना बताएं आने की बात जानकर एडीएम संजय कुमार सिंह ने डीआईओएस वीके दुबे को सूचना दी। जिसके बाद डीआईओएस कुछ ही मिनटों में वहां पहुंच गए। उन्होंने छात्राओं से बारी बारी से शिकायतें सुनीं। छात्राएं अप्शरजहां, मोहिनी, प्रियंका, अनीता, कालिंद्री गौतम आदि ने बताया कि वहां हास्टल में भोजन समय पर नहीं मिलता। यदि मिलता है तो गुणवत्ता पूरी तरह से खराब होती है। जब छात्राएं इसका उलाहना देतीं हैं तो वार्डन द्वारा उनको डराया व धमकाया जाता है। इसके अलावा हास्टल में सफाई तक नहीं होती। डस्टबिन मेें जो कूड़ा भरा रखा रहता है उसमें कीड़े तक पड़े रहते हैं। वार्डन से कहने पर उल्टे धमकी दी जाती है। डीआईओएस ने छात्राओं को बेलाताली, कंपनी बाग आदि स्थानों पर भ्रमण कराने के साथ डायट से खाना खिलाने के निर्देश डबल एओ को दिए। वार्डेन से खाने की व्यवस्था करने के लिए भी निर्देश दिए।
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डीआईओएस वीके दुबे ने सभी छात्राओं की शिकायत सुनकर प्रधानाचार्य /वार्डेन नैमुशहर सिद्दीकी से स्पष्टीकरण तलब किया। इसके अलावा चौकीदार मान सिंह, रसोइया प्रेमवती, संगीत कनौजिया की सेवा समाप्त की नोटिस दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक वीके दुबे ने बताया कि हॉस्टल से छात्राएं हरदोई कैसे आ गईं वहीं हॉस्टल से बाहर निकलने का मतलब है कि चौकीदार अपना काम सही नहीं कर रहा और सूचना भी नहीं दी।
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प्रधानाचार्य ने यह दी सफाई
प्रधानाचार्य नैमुशहर सिद्दीकी ने बताया कि सभी कक्षा नौ की छात्राएं हैं। विद्यालय में प्री बोर्ड परीक्षा चल रही थी, जिससे कक्षा नौ की छात्राओं की छुट्टी थी। हॉस्टल में 42 छात्राएं रह रही है, जिसमें रसोइयों से अप्सरजहां का कुछ दिन पहले खाने को लेकर विवाद हुआ था। सभी छात्राएं कस्तूरबा में कक्षा आठ तक पढ़ी हैं। यह बालिकाएं कैसे यहां पहुंच गईं उन्हें नहीं जानकारी मिली।