{"_id":"0592f5984d8cdaf96197151a5b191610","slug":"chan-s-bansi-how-rather-than-your-bansi-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चैन की बंशी, कैसे बजाए ‘अपना बंशी’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चैन की बंशी, कैसे बजाए ‘अपना बंशी’
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 10 Jan 2015 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कड़ाके की ठंड में गन्ना क्रय केंद्रों पर
विज्ञापन
अव्यवस्थाओं से किसान जूझ रहे हैं। आलम यह है कि कई केंद्रों पर गन्ना
ट्राली समय पर ले जाने के बावजूद उन्हेें तौल कराने के लिए घंटों इंतजार
करना पड़ता है, वहीं क ई केंद्रोें पर खुले आसमां के नीचे रात भी गुजारने
को किसान मजबूर हो रहे है। हैरत की बात है कि इन केंद्रों पर किसानों की
समस्याएं सुनने के लिए अफसरों को भी फुर्सत नहीं। कुछ केंद्रों का जायजा
लिया तो हकीकत देखने को मिली।
शाहाबाद देहात सेंटर-समय-दोपहर 11:45 बजे। किसानों की तौला गया गन्ना ट्रालियों से ट्रक पर लोड कराया जा रहा था। कुछ किसान बोले कि वह तड़के कोहरे के बीच यहां आए और नंबर आने पर गन्ने की तौल कराई, पर सर्दी से बचाव की व्यवस्था नहीं है, वहीं जानवरोें को पानी पिलाने की व्यवस्था भी नहीं की गई। रैन बसेरा भी न बना होने से रात में बैलगाड़ी अथवा ट्राली से गन्ना लाने वाले किसान खुले आसमां के नीचे बैठने को विवश होते हैं।
उधरनपुर बी गन्ना सेंटर-समय-दोपहर 12:25 बजे। इस सेंटर पर गन्ना की तौल तो हो रही, पर कई किसान अपना नंबर आने का इंतजार करते दिखे। कुरेदने पर वहां मौजूद गन्ना किसान महिपाल ने बताया कि उन्हें कै लेंडर के हिसाब से पर्ची नहीं दी जा रही। खेत में गन्ना छिला था पानी बरसने पर उसकी जड़े काली हो गई।
केंद्र द्वारा उक्त गन्ने की तौल करने से इंकार कर दिया गया। उधरनपुर के किसान रवीराम ने कहा कि उसके पास 60 बीघा क्षेत्र में गन्ना है, लेकिन उसे अब तक एक पर्ची मिली। जिस कारण वह चक्कर काट रहे हैं।
चीनी मिल गेट रूपापुर-समय-अपराह्न-1 बजे। इस केंद्र पर भी ट्रैक्टर ट्रालियों की कतार लगी थी। पूछे जाने पर गोपाल, कृष्ण बिहारी, रमेश, रमेश शुक्ल, राजपूत आदि किसानों ने कहा कि वह बीती रात यहां आए, लेकिन अधिक सर्दी होने के कारण ट्रैक्टर के नीचे पियार बिछाकर लेटे रहे।
सर्दी से बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं। यहां भी रैन बसेरा नहीं बनाया गया। वहीं कुछ किसानों ने पतावर जलाकर रात गुजारी। बोले, इस व्यवस्था से अब तंग आ चुके हैं।
डर्रा, मनकापुर सेंटर-समय-अपराह्न 3 बजे। जहानीखेड़ा क्षेत्र में अजबापुर शुगर मिल के डर्रा और मनिकापुर सेंटराें पर विभिन्न अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। सेंटरों पर मौजूद किसानों ने रोड ठीक न होने से वाहन लोडेड वाहन लाने में होने वाली परेशानी बताई।
साथ ही कहा कि गाड़ियों की व्यवस्था न होने से उन्हें चंद क्विंटल गन्ना तुलवाने को पूरे दिन का समय गंवाना पड़ रहा है। किसानों चेतराम, फैजुल्लाह, अकील, आफाक, राजेश, शरीफ, पंकज और हरिमर्दन आदि ने सेंटर पर व्याप्त अव्यवस्थाएं दूर कराए जाने की मांग की है।
पिपरिया गन्ना खरीद केंद्र-समय-शाम 4 बजे। इस सेंटर पर भी अन्य सेंटरों की तरह स्थिति देखने को मिली। यहां तौल करने वाले कर्मचारी अशोक कुमार ने ठंड से बचाव के लिए अपने स्तर पर तंबू लगा रखा है, पर किसानोें को यहां भी खुले में रात गुजारनी पड़ती है।
इस केंद्र पर भी कोई रैन बसेरा की व्यवस्था नहीं की गई। यहां मौजूद किसान विजय पाल सिंह ने कहा कि अर्ली क्राप होने पर भी उसे पर्ची नहीं मिली। वहीं पप्पू सिंह ने भी इसी तरह की शिकायत की। कहा कि केंद्र पर तौलाई के लिए किसान रात भर डेरा डाले रहते हैं।
अनंगपुर केंद्र-शाम-4:45 बजे। इस केंद्र पर करीब 15 ट्राली तौल के लिए खड़ी थीं, लेकिन केंद्र बंद होने के समय को लेकर ट्रालियों के साथ आए किसान चिंतित थे। बोले, सारी रात ठंड में काटी अभी भी नंबर नहीं लग पाया। कृषक शोभित पाठक बोले, वह तड़के आए थे, पर आज गन्ने की तौल नहीं हो सकी।
इस केंद्र पर भी रात गुजारने के लिए किसानों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। कृषक बल्ले सिंह ने पर्ची न मिलने की शिकायत की। बोले, कोई अफसर भी उन लोगों की सुध लेने नहीं आ रहा।
शाहाबाद देहात सेंटर-समय-दोपहर 11:45 बजे। किसानों की तौला गया गन्ना ट्रालियों से ट्रक पर लोड कराया जा रहा था। कुछ किसान बोले कि वह तड़के कोहरे के बीच यहां आए और नंबर आने पर गन्ने की तौल कराई, पर सर्दी से बचाव की व्यवस्था नहीं है, वहीं जानवरोें को पानी पिलाने की व्यवस्था भी नहीं की गई। रैन बसेरा भी न बना होने से रात में बैलगाड़ी अथवा ट्राली से गन्ना लाने वाले किसान खुले आसमां के नीचे बैठने को विवश होते हैं।
उधरनपुर बी गन्ना सेंटर-समय-दोपहर 12:25 बजे। इस सेंटर पर गन्ना की तौल तो हो रही, पर कई किसान अपना नंबर आने का इंतजार करते दिखे। कुरेदने पर वहां मौजूद गन्ना किसान महिपाल ने बताया कि उन्हें कै लेंडर के हिसाब से पर्ची नहीं दी जा रही। खेत में गन्ना छिला था पानी बरसने पर उसकी जड़े काली हो गई।
केंद्र द्वारा उक्त गन्ने की तौल करने से इंकार कर दिया गया। उधरनपुर के किसान रवीराम ने कहा कि उसके पास 60 बीघा क्षेत्र में गन्ना है, लेकिन उसे अब तक एक पर्ची मिली। जिस कारण वह चक्कर काट रहे हैं।
चीनी मिल गेट रूपापुर-समय-अपराह्न-1 बजे। इस केंद्र पर भी ट्रैक्टर ट्रालियों की कतार लगी थी। पूछे जाने पर गोपाल, कृष्ण बिहारी, रमेश, रमेश शुक्ल, राजपूत आदि किसानों ने कहा कि वह बीती रात यहां आए, लेकिन अधिक सर्दी होने के कारण ट्रैक्टर के नीचे पियार बिछाकर लेटे रहे।
सर्दी से बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं। यहां भी रैन बसेरा नहीं बनाया गया। वहीं कुछ किसानों ने पतावर जलाकर रात गुजारी। बोले, इस व्यवस्था से अब तंग आ चुके हैं।
डर्रा, मनकापुर सेंटर-समय-अपराह्न 3 बजे। जहानीखेड़ा क्षेत्र में अजबापुर शुगर मिल के डर्रा और मनिकापुर सेंटराें पर विभिन्न अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। सेंटरों पर मौजूद किसानों ने रोड ठीक न होने से वाहन लोडेड वाहन लाने में होने वाली परेशानी बताई।
साथ ही कहा कि गाड़ियों की व्यवस्था न होने से उन्हें चंद क्विंटल गन्ना तुलवाने को पूरे दिन का समय गंवाना पड़ रहा है। किसानों चेतराम, फैजुल्लाह, अकील, आफाक, राजेश, शरीफ, पंकज और हरिमर्दन आदि ने सेंटर पर व्याप्त अव्यवस्थाएं दूर कराए जाने की मांग की है।
पिपरिया गन्ना खरीद केंद्र-समय-शाम 4 बजे। इस सेंटर पर भी अन्य सेंटरों की तरह स्थिति देखने को मिली। यहां तौल करने वाले कर्मचारी अशोक कुमार ने ठंड से बचाव के लिए अपने स्तर पर तंबू लगा रखा है, पर किसानोें को यहां भी खुले में रात गुजारनी पड़ती है।
इस केंद्र पर भी कोई रैन बसेरा की व्यवस्था नहीं की गई। यहां मौजूद किसान विजय पाल सिंह ने कहा कि अर्ली क्राप होने पर भी उसे पर्ची नहीं मिली। वहीं पप्पू सिंह ने भी इसी तरह की शिकायत की। कहा कि केंद्र पर तौलाई के लिए किसान रात भर डेरा डाले रहते हैं।
अनंगपुर केंद्र-शाम-4:45 बजे। इस केंद्र पर करीब 15 ट्राली तौल के लिए खड़ी थीं, लेकिन केंद्र बंद होने के समय को लेकर ट्रालियों के साथ आए किसान चिंतित थे। बोले, सारी रात ठंड में काटी अभी भी नंबर नहीं लग पाया। कृषक शोभित पाठक बोले, वह तड़के आए थे, पर आज गन्ने की तौल नहीं हो सकी।
इस केंद्र पर भी रात गुजारने के लिए किसानों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। कृषक बल्ले सिंह ने पर्ची न मिलने की शिकायत की। बोले, कोई अफसर भी उन लोगों की सुध लेने नहीं आ रहा।