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बोर्ड, विवि में ढूंढे नहीं मिल रही नकल
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Wed, 18 Mar 2015 12:32 AM IST
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जिले में सचल दलों को नकल व नकलची ढूंढेें नहीं मिल
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रहे हैं। बोर्ड परीक्षा में अब तक जहां कुल 68 नकलची मिले, वहीं डिग्री
कालेज में एक भी नकलची नहीं मिला, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के परीक्षा
केंद्रों पर मनमानी जारी है, जबकि ईंधन लाखों रुपये व्यय किए जा चुके हैं।
जिले के 1,54,864 परीक्षार्थियों के लिए 300 परीक्षा केंद्रों पर माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाएं संचालित है। जिसमें नकल रोकने को आठ जोनल, 46 सेक्टर, छह सचल दल व एक रिजर्व सचल दल का गठन किया गया था। इसके अलावा 100 परीक्षा केंद्रों पर बाहरी जिलों के केंद्र व्यवस्थापक नियुक्ति किए गए।
परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट के रूप में राजस्व कर्मियों को नियुक्ति किया गया था। भारी भरकम अमला ने नकल रोकने की कवायद शुरू की, पर छह स्कूलों में सामूहिक नकल मिली। वहीं कुुल 68 परीक्षार्थी नकल करते मिले। सामूहिक नकल मिलने पर भी अभी तक किसी भी परीक्षा केंद्र की पुन: परीक्षा की सूचना बोर्ड से जारी नहीं हुई है।
मंगलवार को बीएसए डा. बृजेश मिश्र ने कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। परीक्षा शांति पूर्वक होते मिली। डा. राम मनोहर लोहिया इंटर कालेज बदनापुर में एक परीक्षार्थी नकल सामग्री के साथ केंद्र व्यवस्थापक द्वारा पकड़ा गया। वहीं जिले में विश्वविद्यालय की 100 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू हुई है।
इसके लिए कई स्कूलों को नोडल सेंटर बनाया गया है। सीएसएन महाविद्यालय से 30, महाराणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय से 12, बीएन डिग्री कालेज शाहाबाद से चार और जेपी वर्मा साइंस महाविद्यालय गौसगंज से 42 परीक्षा केंद्रों को संबद्ध किया गया है।
इसके अलावा जीडीसी पिहानी, आर्य कन्या महाविद्यालय को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया, पर इन परीक्षा केंद्रों पर नकल पर रोक नहीं लग पा रही है। उधर, बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए बीएसए कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां पर परीक्षा संबंधी सभी सूचनाएं आनी चाहिए।
पर, कंट्रोल रूम में आधी अधूरी सूचना ही आ रही है। इससे वहां पर परीक्षा की स्थित स्पष्ट नहीं हो पाती है। वहां पर सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट की निरीक्षण आख्या की जानकारी नहीं दी जाती है। बोर्ड परीक्षा की नकल रोकने को विभागीय सचल दल 65 हजार रुपये का ईंधन व्यय कर चुके हैं।
इसके अलावा जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट भी निरीक्षण के नाम पर हजारों का ईंधन व्यय कर चुके हैं, पर नतीजा जस का तस है।
जिले के 1,54,864 परीक्षार्थियों के लिए 300 परीक्षा केंद्रों पर माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाएं संचालित है। जिसमें नकल रोकने को आठ जोनल, 46 सेक्टर, छह सचल दल व एक रिजर्व सचल दल का गठन किया गया था। इसके अलावा 100 परीक्षा केंद्रों पर बाहरी जिलों के केंद्र व्यवस्थापक नियुक्ति किए गए।
परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट के रूप में राजस्व कर्मियों को नियुक्ति किया गया था। भारी भरकम अमला ने नकल रोकने की कवायद शुरू की, पर छह स्कूलों में सामूहिक नकल मिली। वहीं कुुल 68 परीक्षार्थी नकल करते मिले। सामूहिक नकल मिलने पर भी अभी तक किसी भी परीक्षा केंद्र की पुन: परीक्षा की सूचना बोर्ड से जारी नहीं हुई है।
मंगलवार को बीएसए डा. बृजेश मिश्र ने कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। परीक्षा शांति पूर्वक होते मिली। डा. राम मनोहर लोहिया इंटर कालेज बदनापुर में एक परीक्षार्थी नकल सामग्री के साथ केंद्र व्यवस्थापक द्वारा पकड़ा गया। वहीं जिले में विश्वविद्यालय की 100 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू हुई है।
इसके लिए कई स्कूलों को नोडल सेंटर बनाया गया है। सीएसएन महाविद्यालय से 30, महाराणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय से 12, बीएन डिग्री कालेज शाहाबाद से चार और जेपी वर्मा साइंस महाविद्यालय गौसगंज से 42 परीक्षा केंद्रों को संबद्ध किया गया है।
इसके अलावा जीडीसी पिहानी, आर्य कन्या महाविद्यालय को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया, पर इन परीक्षा केंद्रों पर नकल पर रोक नहीं लग पा रही है। उधर, बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए बीएसए कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां पर परीक्षा संबंधी सभी सूचनाएं आनी चाहिए।
पर, कंट्रोल रूम में आधी अधूरी सूचना ही आ रही है। इससे वहां पर परीक्षा की स्थित स्पष्ट नहीं हो पाती है। वहां पर सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट की निरीक्षण आख्या की जानकारी नहीं दी जाती है। बोर्ड परीक्षा की नकल रोकने को विभागीय सचल दल 65 हजार रुपये का ईंधन व्यय कर चुके हैं।
इसके अलावा जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट भी निरीक्षण के नाम पर हजारों का ईंधन व्यय कर चुके हैं, पर नतीजा जस का तस है।