{"_id":"ee108d81ad0a56d31edaf81005957371","slug":"burn-ward-heavily-on-poor-ac-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खराब एसी बर्न वार्ड पर भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खराब एसी बर्न वार्ड पर भारी
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
Updated Wed, 26 Aug 2015 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार भले ही सरकारी अस्पतालों में मरीजों को
विज्ञापन
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दावा कर रही हो, पर जिला अस्पताल में भर्ती
मरीजों को बुुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही है। मरीजोें को अस्पताल
में न तो बिजली की सुविधा मिल पा रही और न एक्सरे मशीन का ही लाभ मिल पा
रहा है।
अस्पताल में लगे एसी, जनरेटर और एक्सरे मशीन शोपीस बनकर रह गए हैं। इससे मरीजों को जहां गर्मी में बेहाल होना पड़ता है, वहीं एक्सरे के लिए निजी पैथालाजी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जबकि मरीजों को सुविधाएं मुहैया कराने को शासन प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च कर रहा है।
अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए बर्न वार्ड में दो, आकस्मिक कक्ष, चिकित्सक कक्ष और इसकी ओटी में दो एयर कंडीशनर लगे हैं। इसके अलावा आईसीसीयू वार्ड के कक्षों में एसी लगे हुए हैं, ताकि हृदय रोगियों को राहत मिल सके। इसके अलावा ब्लड बैंक और इसके आगंतुक कक्ष में भी एसी लगाए गए थे, पर सभी एसी इन दिनों शोपीस बनकर रह गए हैं।
अस्पताल में बिजली न होने पर जनरेटर चलाने की व्यवस्था है। दो बड़े जनरेटर के अलावा विभाग के अपने जनरेटर हैं, पर सभी जनरेटर शोपीस बन कर रह गए हैं। इससे मरीजों को गर्मी में बेहाल होना पड़ता है। बर्न वार्ड में लगे दोनों एसी खराब हो गए हैं। इससे आग से झुलसे मरीजों को काफी जलन होती है।
यहां भर्ती मरीजों को एसी तो दूर पंखे की हवा भी नहीं मिल पा रही है। इससे यहां भर्ती होने वाले मरीज वार्ड के बाहर टहलते रहते हैं। इससे उन्हें इंफेक्शन होने का खतरा भी रहता है। उधर, आकस्मिक कक्ष में मरीजों की सुविधा को एसी लगाया गया था, पर काफी समय से यह खराब है।
इसे ठीक कराया गया, तब वह आवाज करने लगा। इसके बाद एसी बंद हो गया। आकस्मिक कक्ष में मरीज और मेडिकल जांच कराने वालों की भीड़ लगी रहती है। ऐसे में एसी खराब होने से आकस्मिक कक्ष में कुछ पल रुकना भी दूभर हो जाता है।
अस्पताल में लगे एसी, जनरेटर और एक्सरे मशीन शोपीस बनकर रह गए हैं। इससे मरीजों को जहां गर्मी में बेहाल होना पड़ता है, वहीं एक्सरे के लिए निजी पैथालाजी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जबकि मरीजों को सुविधाएं मुहैया कराने को शासन प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च कर रहा है।
अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए बर्न वार्ड में दो, आकस्मिक कक्ष, चिकित्सक कक्ष और इसकी ओटी में दो एयर कंडीशनर लगे हैं। इसके अलावा आईसीसीयू वार्ड के कक्षों में एसी लगे हुए हैं, ताकि हृदय रोगियों को राहत मिल सके। इसके अलावा ब्लड बैंक और इसके आगंतुक कक्ष में भी एसी लगाए गए थे, पर सभी एसी इन दिनों शोपीस बनकर रह गए हैं।
अस्पताल में बिजली न होने पर जनरेटर चलाने की व्यवस्था है। दो बड़े जनरेटर के अलावा विभाग के अपने जनरेटर हैं, पर सभी जनरेटर शोपीस बन कर रह गए हैं। इससे मरीजों को गर्मी में बेहाल होना पड़ता है। बर्न वार्ड में लगे दोनों एसी खराब हो गए हैं। इससे आग से झुलसे मरीजों को काफी जलन होती है।
यहां भर्ती मरीजों को एसी तो दूर पंखे की हवा भी नहीं मिल पा रही है। इससे यहां भर्ती होने वाले मरीज वार्ड के बाहर टहलते रहते हैं। इससे उन्हें इंफेक्शन होने का खतरा भी रहता है। उधर, आकस्मिक कक्ष में मरीजों की सुविधा को एसी लगाया गया था, पर काफी समय से यह खराब है।
इसे ठीक कराया गया, तब वह आवाज करने लगा। इसके बाद एसी बंद हो गया। आकस्मिक कक्ष में मरीज और मेडिकल जांच कराने वालों की भीड़ लगी रहती है। ऐसे में एसी खराब होने से आकस्मिक कक्ष में कुछ पल रुकना भी दूभर हो जाता है।