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कहीं बजट का रोड़ा, कहीं शासन से रोक
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 19 Jun 2015 12:18 AM IST
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मिलने वाले 10 हजार रुपये के अनुदान पर प्रदेश सरकार ने अब रोक लगा दी है।
अल्पसंख्यक वर्ग को छोड़ अन्य किसी भी जाति को बीते एक वर्ष से शादी अनुदान
का लाभ नहीं दिया गया।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में तो सरकार ने शादी अनुदान योजन में रोक का फरमान जारी कर दिया है, जबकि समाज कल्याण विभाग में सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति वर्ग को अनुदान का लाभ देने के लिए शासन से बजट ही जारी नहीं किया गया।
बीते वित्तीय वर्ष के दौरान बजट न आने से जहां एक ओर सैकड़ों आवेदकाें के अरमानों पर पानी फिर गया, तो इस बार भी अभी तक अनुदान देने को लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं आए। हालांकि, अल्पसंख्यक विभाग में योजना का संचालन अभी भी कराया जा रहा और नवीन वित्तीय वर्ष में भी अनुदान देने को बजट आ गया है।
उधर, शादी अनुदान योजना में पिछड़ी जाति वर्ग में अनुदान देने पर रोक लगाने के आदेश आ गए हैं। वित्तीय वर्ष 14-15 में शासन से भेजे गए आदेशों के बाद विभाग में कुल आए 1,734 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। चूंकि, पिछड़ी जाति वर्ग में पुराने वित्तीय वर्ष के आवेदनों पर नए वित्तीय वर्ष में विचार भी नहीं होता है, तो अब संचालन होने के बाद भी लंबित आवेदकों को लाभ नहीं मिलेगा।
वहीं अब नए आवेदन भी नहीं लिए जा रहे। उधर, वित्तीय वर्ष 14-15 के दौरान समाज कल्याण विभाग में सामान्य वर्ग व अनुसूचित जाति वर्ग में करीब 1,865 आवेदन आए। जिसमें से करीब 745 आवेदन सामान्य वर्ग के एवं शेष अनुसूचित जाति के आवेदन हैं।
समाज कल्याण विभाग में तहसीलों से आवेदनों का सत्यापन होकर आ गया, पर शासन से बजट ही नहीं भेजा गया। बजट के बाबत कोई दिशा निर्देश भी नहीं आए। जिसको लेकर अभी भी आवेदकों को लाभ मिलने की आस लगी हुई है।
उधर, जिले के समाज कल्याण व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में तो शादी अनुदान योजना बंद ही हो गई है, पर अल्पसंख्यक वर्ग को अभी योजना का लाभ मिल रहा है। बीते वित्तीय वर्ष के दौरान भी आवेदकों को धनराशि दी गई थी। चालू वित्तीय वर्ष में भी 254 आवेदनों के लिए बजट जारी हो गया।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में तो सरकार ने शादी अनुदान योजन में रोक का फरमान जारी कर दिया है, जबकि समाज कल्याण विभाग में सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति वर्ग को अनुदान का लाभ देने के लिए शासन से बजट ही जारी नहीं किया गया।
बीते वित्तीय वर्ष के दौरान बजट न आने से जहां एक ओर सैकड़ों आवेदकाें के अरमानों पर पानी फिर गया, तो इस बार भी अभी तक अनुदान देने को लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं आए। हालांकि, अल्पसंख्यक विभाग में योजना का संचालन अभी भी कराया जा रहा और नवीन वित्तीय वर्ष में भी अनुदान देने को बजट आ गया है।
उधर, शादी अनुदान योजना में पिछड़ी जाति वर्ग में अनुदान देने पर रोक लगाने के आदेश आ गए हैं। वित्तीय वर्ष 14-15 में शासन से भेजे गए आदेशों के बाद विभाग में कुल आए 1,734 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। चूंकि, पिछड़ी जाति वर्ग में पुराने वित्तीय वर्ष के आवेदनों पर नए वित्तीय वर्ष में विचार भी नहीं होता है, तो अब संचालन होने के बाद भी लंबित आवेदकों को लाभ नहीं मिलेगा।
वहीं अब नए आवेदन भी नहीं लिए जा रहे। उधर, वित्तीय वर्ष 14-15 के दौरान समाज कल्याण विभाग में सामान्य वर्ग व अनुसूचित जाति वर्ग में करीब 1,865 आवेदन आए। जिसमें से करीब 745 आवेदन सामान्य वर्ग के एवं शेष अनुसूचित जाति के आवेदन हैं।
समाज कल्याण विभाग में तहसीलों से आवेदनों का सत्यापन होकर आ गया, पर शासन से बजट ही नहीं भेजा गया। बजट के बाबत कोई दिशा निर्देश भी नहीं आए। जिसको लेकर अभी भी आवेदकों को लाभ मिलने की आस लगी हुई है।
उधर, जिले के समाज कल्याण व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में तो शादी अनुदान योजना बंद ही हो गई है, पर अल्पसंख्यक वर्ग को अभी योजना का लाभ मिल रहा है। बीते वित्तीय वर्ष के दौरान भी आवेदकों को धनराशि दी गई थी। चालू वित्तीय वर्ष में भी 254 आवेदनों के लिए बजट जारी हो गया।