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Hardoi News: बजट है फिर भी अटका काम, टेंडर खोलने में जिम्मेदार नाकाम
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हरदोई। पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत स्वीकृत बजट से कराए जाने वाले कार्याें की टेंडर प्रक्रिया अधर में लटकी है। संडीला नगर पालिका में टेंडर पड़ भी चुके हैं, लेकिन निर्धारित तारीख बीतने के 20 दिन बाद भी निविदाएं खोली नहीं गई हैं। ऐसे में भरपूर बजट होने के बाद भी संंडीला नगरपालिका क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
योजना के तहत संडीला नगर पालिका क्षेत्र में 11 विकास कार्य कराने के लिए आठ सितंबर को टेंडर निकले थे। नोटिस के मुताबिक, 13 सितंबर से टेंडर मिलना शुरू होने थे। चार अक्तूबर तक का समय टेंडर डालने के लिए निर्धारित था। पांच अक्तूबर को टेंडर की तकनीकी बिड खोली जानी थी और इसके फौरन बाद फाइनेंशियल बिड खुलनी थी। पांच अक्तूबर को तकनीकी बिड नहीं खुली, लेकिन बाद में यह खुल गई।
इसके बावजूद अब तक फाइनेंशियल बिड नहीं खुल पाई। टेंडर प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण विकास कार्य भी अटक गए हैं। नियमत: तय तारीख पर ही निविदा खुल जाती हैं और निविदा किसके पक्ष में गई इसकी घोषणा भी कर दी जाती है। संडीला नगर निकाय के जिम्मेदार कहीं न कहीं इसे लेकर लापरवाही कर रहे हैं और इसके चलते विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं।
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इनसेट-- -
डीएम की नसीहत से भी नहीं लिया सबक, टेंडर निकालने में ही कर दिया खेल
डीएम एमपी सिंह साफ तौर पर आदेश कर चुके हैं कि अधिकांश कार्यों की ई-टेंडरिंग ही कराई जाए। हालांकि शासनादेश के मुताबिक 10 लाख रुपये से अधिक के कार्याें की ई-टेंडरिग होनी चाहिए, लेकिन डीएम का यह तर्क था कि अगर इससे नीचे के कामों में भी ई-टेंडरिंग करा ली जाए, तो शासन को लाभ होगा। साथ ही 10 लाख से नीचे के कामों में ई-टेंडरिंग पर कोई रोक न होने का भी हवाला डीएम ने दिया था। बावजूद इसके संडीला नगर पालिका ने नाला सफाई के टेंडर मैनुअल ही कराए। तब डीएम ने ईओ को सख्त चेतावनी दी थी। अब 11 कामों के टेंडरों में फिर से खेल हुआ है। ई-टेंडरिंग से बचने के लिए 11 में से पांच कार्याें को सुनियोजित ढंग से 10 लाख रुपये से नीचे का रखा गया। जिन कामों के लिए टेंडर मांगे गए हैं उनमें से तीन की लागत 9 लाख 97 हजार रुपये बताई गई है। एक काम की लागत 9 लाख 95 हजार रुपये और एक की 9 लाख 46 हजार रुपये बताई गई है।
वर्जन-- -
तकनीकी बिड खुल गई है। तकनीकी कारणों से फाइनेंशियल बिड नहीं खुल पाई है। जल्द ही खोल दी जाएंगी। टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन करने के निर्देश दिए थे। अगर ऐसा नहीं हुआ है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- विजेता गुप्ता, ईओ संडीला।
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टेंडर प्रक्रिया समय से पूरी की जानी चाहिए। जो तारीख तय है उसी पर टेंडर खुलने चाहिए। पूरे मामले की पत्रावली तलब कर पड़ताल करूंगा। लेट लतीफी में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
- एमपी सिंह, जिलाधिकारी।
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योजना के तहत संडीला नगर पालिका क्षेत्र में 11 विकास कार्य कराने के लिए आठ सितंबर को टेंडर निकले थे। नोटिस के मुताबिक, 13 सितंबर से टेंडर मिलना शुरू होने थे। चार अक्तूबर तक का समय टेंडर डालने के लिए निर्धारित था। पांच अक्तूबर को टेंडर की तकनीकी बिड खोली जानी थी और इसके फौरन बाद फाइनेंशियल बिड खुलनी थी। पांच अक्तूबर को तकनीकी बिड नहीं खुली, लेकिन बाद में यह खुल गई।
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इसके बावजूद अब तक फाइनेंशियल बिड नहीं खुल पाई। टेंडर प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण विकास कार्य भी अटक गए हैं। नियमत: तय तारीख पर ही निविदा खुल जाती हैं और निविदा किसके पक्ष में गई इसकी घोषणा भी कर दी जाती है। संडीला नगर निकाय के जिम्मेदार कहीं न कहीं इसे लेकर लापरवाही कर रहे हैं और इसके चलते विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं।
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डीएम की नसीहत से भी नहीं लिया सबक, टेंडर निकालने में ही कर दिया खेल
डीएम एमपी सिंह साफ तौर पर आदेश कर चुके हैं कि अधिकांश कार्यों की ई-टेंडरिंग ही कराई जाए। हालांकि शासनादेश के मुताबिक 10 लाख रुपये से अधिक के कार्याें की ई-टेंडरिग होनी चाहिए, लेकिन डीएम का यह तर्क था कि अगर इससे नीचे के कामों में भी ई-टेंडरिंग करा ली जाए, तो शासन को लाभ होगा। साथ ही 10 लाख से नीचे के कामों में ई-टेंडरिंग पर कोई रोक न होने का भी हवाला डीएम ने दिया था। बावजूद इसके संडीला नगर पालिका ने नाला सफाई के टेंडर मैनुअल ही कराए। तब डीएम ने ईओ को सख्त चेतावनी दी थी। अब 11 कामों के टेंडरों में फिर से खेल हुआ है। ई-टेंडरिंग से बचने के लिए 11 में से पांच कार्याें को सुनियोजित ढंग से 10 लाख रुपये से नीचे का रखा गया। जिन कामों के लिए टेंडर मांगे गए हैं उनमें से तीन की लागत 9 लाख 97 हजार रुपये बताई गई है। एक काम की लागत 9 लाख 95 हजार रुपये और एक की 9 लाख 46 हजार रुपये बताई गई है।
वर्जन
तकनीकी बिड खुल गई है। तकनीकी कारणों से फाइनेंशियल बिड नहीं खुल पाई है। जल्द ही खोल दी जाएंगी। टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन करने के निर्देश दिए थे। अगर ऐसा नहीं हुआ है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- विजेता गुप्ता, ईओ संडीला।
टेंडर प्रक्रिया समय से पूरी की जानी चाहिए। जो तारीख तय है उसी पर टेंडर खुलने चाहिए। पूरे मामले की पत्रावली तलब कर पड़ताल करूंगा। लेट लतीफी में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
- एमपी सिंह, जिलाधिकारी।