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बजट
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 01 Mar 2016 12:20 AM IST
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हरदोई। अरे जेटली जी कपड़ा, मोटर गाड़ी से लेकर साधारण केतली भी कर दी मंहगी। जाओ भाजपा तुम्हारी चमचमाती योजनाएं भी हमने देख ली....कुछ ऐसी ही टिप्पणियां सोमवार को वित्त मंत्री के आम बजट को पेश करने के बाद लोगों से सुनने को मिलीं। लोगों की माने तो देशवासियों को नहीं बल्कि सरकारी कर्मचारियों को खुश करते हुए वोटों की राजनीति में गूथकर यह बजट पेश किया गया है। इसमें आम लोगों को हाशिए पर रख दिया गया है।
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यही नहीं केंद्र सरकार ने निमभन तो छोड़िए मध्यम वर्गीय परिवार के बजट को कपड़ा, भोजन, गाड़ी, गहने, तंबाकू आदि महंगे कर बिगाड़ दिया है। जबकि 50 लाख तक के होम लोन वाले संपन्न लोगों के लिए 50 हजार तक की अतिरिक्त छूट देने तक का प्राविधान किया गया है। बहरहाल जिले के निमभन व मध्यम वर्गीय लोगों को इस बजट ने परेशान किया ही है इसके अलावा व्यवसायी, छात्र व किसान भी खास संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।
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सर्विस टैक्स बढ़ना यानी हर उत्पाद महंगा
हरदोई। वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट में कपड़े, भोजन, गहने आदि मंहगा कर दिया है। इसके अलावा वह गाड़ी लेना चाहे तो उसके लिए भी सोचना पड़ेगा। सर्विस टैक्स को 14.5 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया है जिसका सीधा मतलब सारे उत्पाद स्वयं महंगे हो गए और उसका पूरा भार आम लोगों की जेब पर ही पड़ेगा।
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घर भी अमीरों के लिए वह भी छूट पर - आरती
हरदोई। गृहिणी आरती का कहना है कि घर खरीदने पर भी जो पचास हजार की छूट दी गई है उसका फायदा उन्हीं को होगा जो पचास लाख तक का घर खरीदेंगे। वैसे वित्त मंत्री को यहां फ्लैट शब्द का प्रयोग करना था क्योंकि पचास लाख से कम में आजकल फ्लैट ही आता है। घर नहीं आता। फिर पचास लाख का मकान वही व्यक्ति खरीद सकता है जिसकी टैक्सेबल इनकम पांच लाख से ज्यादा है।
बजट से सिर्फ मिली मंहगाई
हरदोई। गृहिणी गीता श्रीवास्तव का कहना है कि जितना उन्होंने समझा है उसमें सब कुछ मंहगा ही है सस्ता कुछ भी नहीं लगा। आम लोगों के लिए तो यह बजट बनाया ही नहीं गया। पूंजीपतियों के लिए या फिर सरकारी कर्मियों के लिए बजट है। रोज कमाने खाने वालों को सिर्फ महंगाई ही परोसी गई है। सर्विस टैक्स बढ़ने के बाद कुछ भी सस्ता होगा यह बेईमानी है।