{"_id":"6a25b1942a1d1d6bca08dc03","slug":"broken-beds-and-torn-mattresses-removed-from-the-emergency-hardoi-news-c-213-1-hra1004-151087-2026-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: इमरजेंसी से हटाए गए टूटे बेड और फटे गद्दे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: इमरजेंसी से हटाए गए टूटे बेड और फटे गद्दे
विज्ञापन
फोटो- 34- अमर उजाला में 31 मई के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद
- फोटो : 1
हरदोई। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पड़े टूटे बेड और फटे गद्दों को हटा दिया गया है। अमर उजाला में खबर के प्रकाशन के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इमरजेंसी वार्ड की सूरत बदल दी है। वार्ड में नए चमचमाते बेड व साफ-सुथरे गद्दे लगा दिए गए हैं। नए बेडों के पड़ने से जहां एक ओर मरीज और तीमारदारों ने राहत की सांस ली है, वहीं अब संक्रमण से भी बचाव संभव हो सकेगा।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के रेड जोन में वर्षों पुराने पड़े बेड और गद्दे अब बदहाल हो चुके थे। टूटे पड़े बेड और फटे गद्दों पर लेटे मरीजों को जहां एक ओर दिक्कतें हो रही थीं, वहीं फटे गद्दों की साफ सफाई न होने से संक्रमण का खतरा भी बना हुआ था। संवाद न्यूज एजेंसी ने इमरजेंसी में पड़ताल कर रेड जोन में पड़े टूटे बेडों से संबंधित खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित किया।
खबर के प्रकाशन के बाद हरकत में आए अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन में उच्च अधिकारियों के निर्देश पर इन सभी कंडम हो चुके सामानों को वार्ड से हटा दिया है और उनके स्थान पर रेड जोन समेत यलो जोन और ग्रीन जोन में भी नए बेड और गद्दों को लगवा दिया गया है। इमरजेंसी वार्ड के ग्रीन जोन में भर्ती मरीज के तीमारदार रमेश कुमार और सुशीला देवी ने बताया कि दो दिन पहले तक यहां बैठना भी दूभर था। फटे गद्दों से बदबू आती थी। नए और साफ बेड लगने से मरीजों को काफी राहत मिली है।
विज्ञापन
अधिकारियों के निर्देश पर इमरजेंसी वार्ड के सभी टूटे बेड और फटे गद्दों को बदल दिया गया है। मरीजों को बेहतर और साफ-सुथरा माहौल देना हमारी प्राथमिकता है। अब वार्ड में संक्रमण का खतरा पूरी तरह टल गया है। -डॉ. अमित आनंद, इमरजेंसी प्रभारी
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के रेड जोन में वर्षों पुराने पड़े बेड और गद्दे अब बदहाल हो चुके थे। टूटे पड़े बेड और फटे गद्दों पर लेटे मरीजों को जहां एक ओर दिक्कतें हो रही थीं, वहीं फटे गद्दों की साफ सफाई न होने से संक्रमण का खतरा भी बना हुआ था। संवाद न्यूज एजेंसी ने इमरजेंसी में पड़ताल कर रेड जोन में पड़े टूटे बेडों से संबंधित खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित किया।
विज्ञापन
खबर के प्रकाशन के बाद हरकत में आए अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन में उच्च अधिकारियों के निर्देश पर इन सभी कंडम हो चुके सामानों को वार्ड से हटा दिया है और उनके स्थान पर रेड जोन समेत यलो जोन और ग्रीन जोन में भी नए बेड और गद्दों को लगवा दिया गया है। इमरजेंसी वार्ड के ग्रीन जोन में भर्ती मरीज के तीमारदार रमेश कुमार और सुशीला देवी ने बताया कि दो दिन पहले तक यहां बैठना भी दूभर था। फटे गद्दों से बदबू आती थी। नए और साफ बेड लगने से मरीजों को काफी राहत मिली है।
विज्ञापन
अधिकारियों के निर्देश पर इमरजेंसी वार्ड के सभी टूटे बेड और फटे गद्दों को बदल दिया गया है। मरीजों को बेहतर और साफ-सुथरा माहौल देना हमारी प्राथमिकता है। अब वार्ड में संक्रमण का खतरा पूरी तरह टल गया है। -डॉ. अमित आनंद, इमरजेंसी प्रभारी

फोटो- 34- अमर उजाला में 31 मई के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद- फोटो : 1