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जी हां, अवकाश के नाम पर जिले का शिक्षा विभाग लेता है घूस

Tue, 08 Dec 2020 11:32 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 08 Dec 2020 11:32 PM IST
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bribr taken in the name of leave
हरदोई। परिषदीय शिक्षकों से अवकाश के नाम पर घूस लेने की बात सामने आई है। ये खुलासा महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से किया गया है। प्रदेश स्तर से की गई आईवीआरएस कॉल में जिले के 35 शिक्षकों ने अवकाश के नाम पर घूस लिए जाने की बात स्वीकार की है।
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महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने व शिक्षण कौशल को बढ़ावा देने के लिए नए मॉड्यूल पर काम किया जा रहा है। लेकिन शिक्षा विभाग अवकाश की प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बाद भी पुराने सिस्टम को ही लागू किए हैं।
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प्रदेश में परिषदीय शिक्षकों की ऑनलाइन अवकाश प्रक्रिया में विलंब व अपारदर्शिता पर आवश्यक कार्रवाई करने के उद्देश्य से महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने आईवीआरएस कॉल के जरिये बेसिक शिक्षकों से सीधे बात की। इसमें जिले 35 शिक्षकों ने अवकाश के नाम पर ब्लाक से लेकर जिला मुख्यालय तक घूस लिए जाने की बात कही है। (संवाद)
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मुख्यालय से 321 शिक्षकों को मिलाए गए फोन
आईवीआरएस कॉल के जरिये जिले के 321 परिषदीय शिक्षकों को फोन मिलाए गए। जिसमें 277 ने फोन रिसीव किए। इनसे पूछा गया कि क्या समस्त अवकाश मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से लिए जा रहे हैं। 264 ने माना कि वह सभी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अवकाश के लिए आवेदन कर रहे हैं। वहीं 13 शिक्षकों ने माना कि वह ऑफलाइन ही आवेदन कर छुट्टी स्वीकृत करा रहे हैं।
35 शिक्षक बोले डिमांड होती है
ये सवाल प्रदेश मुख्यालय के शिक्षा विभाग से किए गए कि अवकाश के लिए आपसे पैसों की डिमांड तो नहीं होती तो 35 शिक्षकों ने माना कि हां डिमांड होती है। 242 शिक्षकों ने इससे इनकार किया।
इन्होंने भी घूस की बात मानी
जिला शिक्षक
इटावा 6
फर्रुखाबाद 17
फतेहपुर 27
हमीरपुर 6
कन्नौज 17
लखीमपुर 38
कानपुर देहात 10
कानपुर नगर 14
महोबा 5
घूस के रेट अलग-अलग
नाम न छापने की शर्त पर शिक्षकों ने बताया कि अवकाश के हिसाब से घूस के रेट तय हैं। किसी नए भर्ती होने वाले शिक्षक-शिक्षिका को अपनी शादी के लिए एक हफ्ते का लगातार अवकाश लेना हो तो शुल्क दोगुना हो जाता है। आम अवकाश में प्रतिदिन 500 से 1000 रुपये तक देने पड़ जाते हैं। बिना बीमारी के अगर चिकित्सकीय अवकाश कोई लेता है, उसके रेट अलग हैं।

बीएसए बोले, जानकारी नहीं पर चेतावनी जारी की
बीएसए हेमंत राव ने बताया कि मिडडे-मील संबंधित सूचनाओं के लिए आवीआरएस कॉल का प्रचलन शुरू किया गया। इधर बीच में पारदर्शिता लाने के लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद द्वारा इसी नेटवर्क से शिक्षकों से वार्ता की गई। उनको भी जिलावार जो रिपोर्ट तैयार की गई है, वह भेजी गई है। हालांकि अवकाश के लिए शुल्क लिए जाने वाली बात उनके संज्ञान में नहीं है। फिर भी उन्होंने शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों को चेतावनी जारी कर दी है।
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