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Hardoi News: रामगंगा में डूबे सगे भाई बहनों समेत तीनों बच्चों के शव मिले, कोहराम मचा
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हरपालपुर। रामगंगा नदी में नाव पलटने से डूबे सगे भाई बहन समेत तीनों बच्चों के शव सोमवार देर रात बरामद हो गए। शहर बाहर निकाले जाते ही कोहराम मच गया। चार लोगों की क्षमता वाली नाव में सात लोगों के बैठने के कारण नाव पलटने की बात सामने आई है।
अरवल थाना क्षेत्र के खद्दीपुर चैनसिंह निवासी दिवारी लाल (55) रामगंगा नदी के किनारे पलेज की खेती करते हैं। सोमवार को वह पत्नी सुमन (50), बहन निर्मला (35), पुत्री काजल (12), भाई, रामफेरे के पुत्र शिवम (14) और पुत्री सुनैना (8) व फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज थाना क्षेत्र के उगरापुर गांव निवासी भांजी सोनिका (13) नाव से नदी पार कर फसल की रखवाली करने गए थे। रात में वहां स वापस आते समय नाव पलट गई थी। घटना में ग्रामीणों ने दिवाली, सुमन, निर्मला और काजल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
शिवम, सुनैना और सोनिका गहरे पानी में डूब गई थी। घटना की जानकारी पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन समेत पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी देर रात में मौके पर पहुंच गए थे। गोताखोरों की मदद से रात एक बजे तक चले अभियान के दौरान तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए। एसडीएम संजय अग्रहरि ने बताया कि नदी में डूबे तीनों बच्चों के शव मिल गए हैं। बच्चों के परिजनों को नियमानुसार आपदा राहत कोष से मदद दिलाई जाएगी।
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शव मिलते ही परिजन हुए बदहवास
शिवम गांव में ही स्थित विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। उसकी छोटी बहन सुनैना कक्षा तीन की छात्रा थी। शिवम चार भाई बहनों में तीसरे नंबर का था और सुनैना सबसे छोटी थी। जब तक शव नहीं मिले तब तक परिजनों को उम्मीद थी कि सकुशल ही बाहर निकलेंगे, लेकिन जब शव निकले तो परिजन बदहवास हो गए। शिवम औ रसुनैना की मां मुन्नी देवी को संभालना मुश्किल हो गया। घटना के समय शिवम और सुनैना के पिता रामफेरे जयपुर में थे। वह वहां एक कंपनी में काम करता है। सूचना पाकर मंगलवार की सुबह घर पहुंचने पर उसका रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
टाइमलाइन
शाम 5 बजे- एक परिवार के सात लोग नाव पर सवार होकर नदी पार खेत में पलेज की फसल देखने गए थे।
रात 8 बजे - खरबूजा के खेत को देखकर परिवार के लोग वापस आ रहे थे।
रात 8:30 बजे- नाव पर एक साथ सात लोग सवार होने के कारण नदी के बीच धार में असंतुलित होकर पलट गई।
रात 8:40 बजे- शोर गुल होने पर गांव के लोग नदी के पास पहुंचे।
रात 8:50 बजे- नदी में डूब रहे चार लोगों को नदी से निकाला गया।
रात 9 बजे - ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।
रात 9:30 बजे- थानाध्यक्ष और पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
रात 9:45- बजे सीओ शिल्पा कुमारी पहुंची।
रात 9:50- बजे एसडीएम सवायजपुर संजय अग्रहरि पहुंचे।
रात 10 बजे - एएसपी पश्चिमी मार्तण्ड प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे।
रात 10:30 बजे - एसपी नीरज जादौन भी घटना स्थल पर पहुंचे।
रात 10:35 बजे - गोताखोरों ने नदी में जाल डाला।
रात 11 बजे - दो बच्चों के शव बरामद किए गए।
रात 1 बजे - तीसरे बच्चे का शव बरामद हुआ।
रात 2:30 बजे - तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए
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अरवल थाना क्षेत्र के खद्दीपुर चैनसिंह निवासी दिवारी लाल (55) रामगंगा नदी के किनारे पलेज की खेती करते हैं। सोमवार को वह पत्नी सुमन (50), बहन निर्मला (35), पुत्री काजल (12), भाई, रामफेरे के पुत्र शिवम (14) और पुत्री सुनैना (8) व फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज थाना क्षेत्र के उगरापुर गांव निवासी भांजी सोनिका (13) नाव से नदी पार कर फसल की रखवाली करने गए थे। रात में वहां स वापस आते समय नाव पलट गई थी। घटना में ग्रामीणों ने दिवाली, सुमन, निर्मला और काजल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
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शिवम, सुनैना और सोनिका गहरे पानी में डूब गई थी। घटना की जानकारी पर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन समेत पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी देर रात में मौके पर पहुंच गए थे। गोताखोरों की मदद से रात एक बजे तक चले अभियान के दौरान तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए। एसडीएम संजय अग्रहरि ने बताया कि नदी में डूबे तीनों बच्चों के शव मिल गए हैं। बच्चों के परिजनों को नियमानुसार आपदा राहत कोष से मदद दिलाई जाएगी।
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शव मिलते ही परिजन हुए बदहवास
शिवम गांव में ही स्थित विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। उसकी छोटी बहन सुनैना कक्षा तीन की छात्रा थी। शिवम चार भाई बहनों में तीसरे नंबर का था और सुनैना सबसे छोटी थी। जब तक शव नहीं मिले तब तक परिजनों को उम्मीद थी कि सकुशल ही बाहर निकलेंगे, लेकिन जब शव निकले तो परिजन बदहवास हो गए। शिवम औ रसुनैना की मां मुन्नी देवी को संभालना मुश्किल हो गया। घटना के समय शिवम और सुनैना के पिता रामफेरे जयपुर में थे। वह वहां एक कंपनी में काम करता है। सूचना पाकर मंगलवार की सुबह घर पहुंचने पर उसका रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
टाइमलाइन
शाम 5 बजे- एक परिवार के सात लोग नाव पर सवार होकर नदी पार खेत में पलेज की फसल देखने गए थे।
रात 8 बजे - खरबूजा के खेत को देखकर परिवार के लोग वापस आ रहे थे।
रात 8:30 बजे- नाव पर एक साथ सात लोग सवार होने के कारण नदी के बीच धार में असंतुलित होकर पलट गई।
रात 8:40 बजे- शोर गुल होने पर गांव के लोग नदी के पास पहुंचे।
रात 8:50 बजे- नदी में डूब रहे चार लोगों को नदी से निकाला गया।
रात 9 बजे - ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।
रात 9:30 बजे- थानाध्यक्ष और पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
रात 9:45- बजे सीओ शिल्पा कुमारी पहुंची।
रात 9:50- बजे एसडीएम सवायजपुर संजय अग्रहरि पहुंचे।
रात 10 बजे - एएसपी पश्चिमी मार्तण्ड प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे।
रात 10:30 बजे - एसपी नीरज जादौन भी घटना स्थल पर पहुंचे।
रात 10:35 बजे - गोताखोरों ने नदी में जाल डाला।
रात 11 बजे - दो बच्चों के शव बरामद किए गए।
रात 1 बजे - तीसरे बच्चे का शव बरामद हुआ।
रात 2:30 बजे - तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए