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Hardoi News: सगे भाइयों को पिता समेत आठ-आठ साल की सजा
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हरदोई। गैरइरादतन हत्या के छह साल पुराने मामले में जिला जज रीता कौशिक ने दो सगे भाइयों और उनके पिता को दोषी करार दिया। तीनों अभियुक्तों को आठ-आठ साल की सजा सुनाई। साथ ही 21 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। न देने पर अभियुक्तों को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
टड़ियावां थाना क्षेत्र के खाड़ाखेड़ा निवासी नत्थू लाल ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि तीन जनवरी 2020 की सुबह उसका भाई राकेश खेत देखकर घर लौट रहा था। रास्ते में गांव के रवि, रामपाल और उनके पिता टीकाराम ने उसे रोक लिया। कहा कि उसके मवेशियों ने उनकी फसल चर ली है। इसको लेकर कहासुनी होने के बाद तीनों आरोपियों ने लाठी-डंडों से राकेश पर हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोटें आने के कारण राकेश बेहोश हो गया। इलाज के दौरान सात जनवरी को उसकी मौत हो गई थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को पेश किया गया। 16 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। बचाव पक्ष ने दावा किया कि आवारा पशुओं के हमले में राकेश को चोटें लगी थीं और इलाज में लापरवाही के कारण उसकी मौत हुई है। मेडिकल साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही और विवेचना को अदालत ने भरोसेमंद बताते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता का तर्क खारिज कर दिया। गैरइरादतन हत्या के आरोप में जिला जज रीता कौशिक ने तीनों आरोपियों को सजा सुनाई।
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टड़ियावां थाना क्षेत्र के खाड़ाखेड़ा निवासी नत्थू लाल ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि तीन जनवरी 2020 की सुबह उसका भाई राकेश खेत देखकर घर लौट रहा था। रास्ते में गांव के रवि, रामपाल और उनके पिता टीकाराम ने उसे रोक लिया। कहा कि उसके मवेशियों ने उनकी फसल चर ली है। इसको लेकर कहासुनी होने के बाद तीनों आरोपियों ने लाठी-डंडों से राकेश पर हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोटें आने के कारण राकेश बेहोश हो गया। इलाज के दौरान सात जनवरी को उसकी मौत हो गई थी।
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अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को पेश किया गया। 16 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। बचाव पक्ष ने दावा किया कि आवारा पशुओं के हमले में राकेश को चोटें लगी थीं और इलाज में लापरवाही के कारण उसकी मौत हुई है। मेडिकल साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही और विवेचना को अदालत ने भरोसेमंद बताते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता का तर्क खारिज कर दिया। गैरइरादतन हत्या के आरोप में जिला जज रीता कौशिक ने तीनों आरोपियों को सजा सुनाई।
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