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श्रद्धालु नहीं कर सकेंगे सुनासीर नाथ मंदिर में पूजन-अर्चन
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मल्लावां। कोतवाली क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक और पौराणिक सुनासीर नाथ मंदिर के कपाट कोरोना संकट को देखते हुए बंद कर दिए गए हैं। पहली बार ऐसा होगा जब भक्त सावन में इस मंदिर के दर्शन नहीं कर सकेंगे। सोमवार को मंदिर पहुंचे भक्त निराश लौट गए। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
सुनासीर नाथ मंदिर में शिवलिंग स्थापित है। मान्यता है कि औरंगजेब ने इस शिवलिंग पर आरा चलवाया था, लेकिन फिर भी शिवलिंग को काट नहीं पाया था। आरे के निशान अब भी शिवलिंग पर मौजूद हैं। हर वर्ष सावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। इस बार सावन में मंदिर परिसर में एक बार में पांच लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति देने पर सहमति बनीं थी, लेकिन रविवार देर शाम श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में स्थित दुकानों के आसपास एकत्र होने लगी। सूचना पर सीओ बिलग्राम एसआर कुशवाहा, कोतवाल कमलेश यादव मौके पर पहुंचे और दुकानदारों से दुकानें बंद करने को कहा। इस पर कुछ दुकानदारों ने कहा कि मंदिर बंद कर देना भी उचित होगा। पुलिस अधिकारियों ने मंदिर कमेटी के लोगों से संपर्क किया और मंदिर बंद करने पर सहमति बन गई। मल्लावां कोतवाल कमलेश यादव ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर बंद किया गया है।
सकाहा मंदिर में नहीं चढ़े फूल और बेलपत्र
बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के ग्राम सकाहा स्थित पौराणिक शिव संकट हरण मंदिर में पांच-पांच श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया गया। पौराणिक महत्व के चलते आमतौर पर इस मंदिर में सावन के सोमवार को कई हजार श्रद्धालु आते थे, लेकिन कोरोना संकट के कारण कांवर यात्रा न निकाले जाने और मंदिरों में भीड़ न एकत्र होने देने के निर्णय के कारण श्रद्धालु भी कम रहे। मंदिर में बेलपत्र, फूल चढ़ाना वर्जित रहा। एसपी अमित कुमार ने भी सकाहा पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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सुनासीर नाथ मंदिर में शिवलिंग स्थापित है। मान्यता है कि औरंगजेब ने इस शिवलिंग पर आरा चलवाया था, लेकिन फिर भी शिवलिंग को काट नहीं पाया था। आरे के निशान अब भी शिवलिंग पर मौजूद हैं। हर वर्ष सावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। इस बार सावन में मंदिर परिसर में एक बार में पांच लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति देने पर सहमति बनीं थी, लेकिन रविवार देर शाम श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में स्थित दुकानों के आसपास एकत्र होने लगी। सूचना पर सीओ बिलग्राम एसआर कुशवाहा, कोतवाल कमलेश यादव मौके पर पहुंचे और दुकानदारों से दुकानें बंद करने को कहा। इस पर कुछ दुकानदारों ने कहा कि मंदिर बंद कर देना भी उचित होगा। पुलिस अधिकारियों ने मंदिर कमेटी के लोगों से संपर्क किया और मंदिर बंद करने पर सहमति बन गई। मल्लावां कोतवाल कमलेश यादव ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर बंद किया गया है।
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सकाहा मंदिर में नहीं चढ़े फूल और बेलपत्र
बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के ग्राम सकाहा स्थित पौराणिक शिव संकट हरण मंदिर में पांच-पांच श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया गया। पौराणिक महत्व के चलते आमतौर पर इस मंदिर में सावन के सोमवार को कई हजार श्रद्धालु आते थे, लेकिन कोरोना संकट के कारण कांवर यात्रा न निकाले जाने और मंदिरों में भीड़ न एकत्र होने देने के निर्णय के कारण श्रद्धालु भी कम रहे। मंदिर में बेलपत्र, फूल चढ़ाना वर्जित रहा। एसपी अमित कुमार ने भी सकाहा पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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