सवायजपुर के सिंह नगर में रविवार से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हो गया। वृंदावन से आईं कथा व्यास भास्कर नंदिनी मोनिका शुक्ला ने पहले दिन गुरु की महिमा का बखान किया। कहा कि गुरु वह शक्ति है जो अज्ञानता से दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है। गुरु अपने शिष्य को केवल ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि अपनी कृपा और छांव से उसके समस्त पापों का हरण भी कर लेता है।
कथा व्यास ने कहा कि जीवन में गुरु का महत्व विशेष है। गुरु ही वह मार्गदर्शक होता है, जो अपने शिष्य को सही व गलत में अंतर करना सिखाता है। कहा कि भगवान की लीला अपरंपार है। वह अपनी लीलाओं के माध्यम से मनुष्यों और देवताओं को धर्म का अनुपालन करने के लिए प्रेरित करते हैं।
कहा कि श्रीमद्भागवत में जीवन का सार तत्व मौजूद है। आवश्यकता है निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण की। यहीं वजह है कि न तो उसे जीवन में प्रभु की कृपा प्राप्त होती है। इस मौके पर ब्रज किशोर दीक्षित, राजवर्धन सिंह राजू, चक्रपाल, धर्म सिंह, गौतम सिंह, राजेश, राजा व शोभित आदि मौजूद रहे।