{"_id":"6589cb71dee0fe415203e61f","slug":"bera-test-will-start-in-the-district-from-the-new-year-hardoi-news-c-213-1-sknp1042-8453-2023-12-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: नए साल से जिले में होने लगेगा बेरा टेस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: नए साल से जिले में होने लगेगा बेरा टेस्ट
विज्ञापन
हरदोई। अनुराधा और सूरजमुखी जैसे श्रवण बाधित लोगाें के लिए राहत भरी खबर है। श्रवण संबंधी दिव्यांगता की जांच के लिए उन्हें वर्ष 2030 तक इंतजार नहीं करना होगा। नए साल में स्वास्थ्य विभाग को बेरा मशीन और साउंड प्रूफ रूम की सौगात मिल जाएगी। इससे कानाें की जांच यहीं हो सकेगी।
डीएम एमपी सिंह के अनुरोध पर सांसद जय प्रकाश ने अपनी सांसद निधि से उक्त मशीन और रूम के लिए 16.50 लाख रुपये से अधिक का बजट देने की स्वीकृति दे दी है। डीएम की पूरी कोशिश है कि अगले एक पखवारे में निविदा प्रक्रिया पूरी कर 26 जनवरी तक हर हाल में उक्त सुविधा जिले के लोगों को उपलब्ध हो जाए।
श्रवण बाधित दिव्यांगों का परीक्षण करने के लिए कुछ विशेष उपकरणों की जरूरत होती है। आम बाेलचाल की भाषा में इसे बेरा टेस्ट कहते हैं और इसमें उपयोग की जाने वाली मशीन को बेरा मशीन कहते हैं। इस मशीन से यह पता चल जाता है कि किसी व्यक्ति तक आवाज की तरंगें किस स्तर तक पहुंच रही हैं। इसकी रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी होती है। इस रिपोर्ट के बिना श्रवण बाधित लोगों को श्रवण यंत्र नहीं मिल पाते।
विज्ञापन
डीएम एमपी सिंह के पास बड़ी संख्या में ऐसे लोग पहुंचे थे, जिन्हें श्रवण संबंधी परेशानी थी, लेकिन बेरा टेस्ट न होने के कारण कोई सहायक उपकरण नहीं मिल पा रहा था। इसको देखते हुए डीएम एमपी सिंह ने सांसद जय प्रकाश से उक्त मशीन के लिए विकास निधि से बजट देने का आग्रह किया, तो व्यापक जनहित को देखकर सांसद जय प्रकाश ने भी देरी नहीं की और बजट देने की हामी भर दी। अब 26 जनवरी से पहले ही यह मशीन जिले में लग जाएगी। सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में उक्त मशीन और साउंड प्रूफ रूम स्थापित होगा।
सेवारामपुरवा निवासी अनुराधा को सही ढंग से सुनाई नहीं देता। श्रवण यंत्र के लिए उन्होंने दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। उनका स्वास्थ्य परीक्षण करने वाले चिकित्सक ने पर्चे पर लिख दिया कि बेरा मशीन से टेस्ट की जरूरत है और तभी दिव्यांगता की स्थिति स्पष्ट होगी। मशीन हरदोई में है नहीं, तो डाॅ. राम मनोहर लोहिया संस्थान के लिए रेफर कर दिया गया। अनुराधा बड़ी मशक्कत के बाद वह लखनऊ पहुंचीं तो उन्हें परीक्षण के लिए नौ अक्तूबर 2030 की तारीख दे दी गई।
खंदेरिया निवासी सूरजमुखी को भी श्रवण यंत्र की आवश्यकता है। उन्हें सही ढंग से सुनाई नहीं देता। दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वह लखनऊ रोड स्थित सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय गईं, तो पता चला कि बेरा टेस्ट कराना होगा और तभी दिव्यांगता के बारे में पता चल पाएगा। उन्हें भी डाॅ. राम मनोहर लोहिया संस्थान बेरा टेस्ट के लिए रेफर कर दिया गया। कई लोगों के सहयोग से सूरजमुखी लखनऊ के लोहिया संस्थान पहुंची, यहां उन्हें 11 अक्तूबर 2030 की तारीख बेरा परीक्षण के लिए दी गई।
स्थानीय लोगों की परेशानियों को देखते हुए सांसद से अनुरोध किया था। सांसद ने इस पर न सिर्फ सहमति दी, बल्कि आवश्यकता के अनुसार बजट भी उपलब्ध करा दिया है। पूरा प्रयास है कि जनवरी में ही लोगों को जांच की सुविधा मिल जाए।
- एमपी सिंह, जिलाधिकारी
जनपद में बेरा मशीन न होने और इसके टेस्ट के लिए जनपद वासियों को लखनऊ तक दौड़ने की जानकारी डीएम से मिली थी। बेरा मशीन के लिए अपनी निधि से बजट दे दिया है। डीएम खुद मशीन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर हैं। निश्चित ही जिले को लाभ मिलेगा।
- जय प्रकाश, सांसद हरदोई
विज्ञापन
डीएम एमपी सिंह के अनुरोध पर सांसद जय प्रकाश ने अपनी सांसद निधि से उक्त मशीन और रूम के लिए 16.50 लाख रुपये से अधिक का बजट देने की स्वीकृति दे दी है। डीएम की पूरी कोशिश है कि अगले एक पखवारे में निविदा प्रक्रिया पूरी कर 26 जनवरी तक हर हाल में उक्त सुविधा जिले के लोगों को उपलब्ध हो जाए।
विज्ञापन
श्रवण बाधित दिव्यांगों का परीक्षण करने के लिए कुछ विशेष उपकरणों की जरूरत होती है। आम बाेलचाल की भाषा में इसे बेरा टेस्ट कहते हैं और इसमें उपयोग की जाने वाली मशीन को बेरा मशीन कहते हैं। इस मशीन से यह पता चल जाता है कि किसी व्यक्ति तक आवाज की तरंगें किस स्तर तक पहुंच रही हैं। इसकी रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी होती है। इस रिपोर्ट के बिना श्रवण बाधित लोगों को श्रवण यंत्र नहीं मिल पाते।
विज्ञापन
डीएम एमपी सिंह के पास बड़ी संख्या में ऐसे लोग पहुंचे थे, जिन्हें श्रवण संबंधी परेशानी थी, लेकिन बेरा टेस्ट न होने के कारण कोई सहायक उपकरण नहीं मिल पा रहा था। इसको देखते हुए डीएम एमपी सिंह ने सांसद जय प्रकाश से उक्त मशीन के लिए विकास निधि से बजट देने का आग्रह किया, तो व्यापक जनहित को देखकर सांसद जय प्रकाश ने भी देरी नहीं की और बजट देने की हामी भर दी। अब 26 जनवरी से पहले ही यह मशीन जिले में लग जाएगी। सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में उक्त मशीन और साउंड प्रूफ रूम स्थापित होगा।
सेवारामपुरवा निवासी अनुराधा को सही ढंग से सुनाई नहीं देता। श्रवण यंत्र के लिए उन्होंने दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। उनका स्वास्थ्य परीक्षण करने वाले चिकित्सक ने पर्चे पर लिख दिया कि बेरा मशीन से टेस्ट की जरूरत है और तभी दिव्यांगता की स्थिति स्पष्ट होगी। मशीन हरदोई में है नहीं, तो डाॅ. राम मनोहर लोहिया संस्थान के लिए रेफर कर दिया गया। अनुराधा बड़ी मशक्कत के बाद वह लखनऊ पहुंचीं तो उन्हें परीक्षण के लिए नौ अक्तूबर 2030 की तारीख दे दी गई।
खंदेरिया निवासी सूरजमुखी को भी श्रवण यंत्र की आवश्यकता है। उन्हें सही ढंग से सुनाई नहीं देता। दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वह लखनऊ रोड स्थित सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय गईं, तो पता चला कि बेरा टेस्ट कराना होगा और तभी दिव्यांगता के बारे में पता चल पाएगा। उन्हें भी डाॅ. राम मनोहर लोहिया संस्थान बेरा टेस्ट के लिए रेफर कर दिया गया। कई लोगों के सहयोग से सूरजमुखी लखनऊ के लोहिया संस्थान पहुंची, यहां उन्हें 11 अक्तूबर 2030 की तारीख बेरा परीक्षण के लिए दी गई।
स्थानीय लोगों की परेशानियों को देखते हुए सांसद से अनुरोध किया था। सांसद ने इस पर न सिर्फ सहमति दी, बल्कि आवश्यकता के अनुसार बजट भी उपलब्ध करा दिया है। पूरा प्रयास है कि जनवरी में ही लोगों को जांच की सुविधा मिल जाए।
- एमपी सिंह, जिलाधिकारी
जनपद में बेरा मशीन न होने और इसके टेस्ट के लिए जनपद वासियों को लखनऊ तक दौड़ने की जानकारी डीएम से मिली थी। बेरा मशीन के लिए अपनी निधि से बजट दे दिया है। डीएम खुद मशीन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर हैं। निश्चित ही जिले को लाभ मिलेगा।
- जय प्रकाश, सांसद हरदोई