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भाकृद का अनशन दूसरे दिन भी जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 04 Jul 2015 11:44 PM IST
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किसानों को मुआवजे की राशि शीघ्र मुहैया कराने की मांग को लेकर भारतीय कृषक दल का अनशन दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। ज्ञात
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हो कि पांचवें दिन धरने को भाकृद पदाधिकारियों ने आमरण अनशन में तब्दील कर
दिया था।
इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज दीक्षित ने कहा कि प्रदेश व केंद्र की सरकार पर काबिज दलों ने किसानों को झूठे वादों का सहारा देकर वोट ले सिंहासन पर काबिज हो गए, पर जब यही किसान प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुआ तो सरकारें किसानों की मौतों, रोटी पर राजनीति करने लगी।
दल इन झूठे वादों वाली सरकारों को जनता के सामने बेनकाब करेगी। कहा कि जिले के प्रत्येक किसान को वाजिब मुआवजा मिले तथा फसली ऋण की माफी, शुद्ध बीज, रसायन को निशुल्क दिया जाए। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे और अधिकारी अपने पदों का निर्वहन ईमानदारी से करें, अन्यथा की स्थिति में कृषक दल उनको कुर्सी पर नहीं बैठने देगा।
चक्रपाणि अवस्थी ने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता तभी दूर होगी, जब किसान अपने उत्पाद की आपूर्ति शहरों के लिए बंद कर दें। उन्होंने कहा कि सरकार को अविलंब किसानों को मुआवजा देकर अन्नदाता का सम्मान करना चाहिए। इस मौके पर रामदत्त शुक्ला, संजय सिंह, राजेश्वरी देवी, अनारकली, रामदेवी, अभिराम, गगन तिवारी, महेश, गया प्रसाद, दीनदयाल आदि मौजूद थे।
उधर, एडीएम लक्ष्मी शंकर सिंह के किसानों की समस्याओं का निस्तारण जल्द कराने के आश्वासन पर सामाजिक कार्यकर्ता श्यामाकांत दीक्षित, गिरीश बाजपेयी, योगेंद्र बाजपेयी, दीपक शुक्ला आदि ने राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज दीक्षित को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यदि किसानों की मांगों का निस्तारण समय पर नहीं किया गया तो वह 9 अगस्त को दोबारा आंदोलन करेंगे।
इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज दीक्षित ने कहा कि प्रदेश व केंद्र की सरकार पर काबिज दलों ने किसानों को झूठे वादों का सहारा देकर वोट ले सिंहासन पर काबिज हो गए, पर जब यही किसान प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुआ तो सरकारें किसानों की मौतों, रोटी पर राजनीति करने लगी।
दल इन झूठे वादों वाली सरकारों को जनता के सामने बेनकाब करेगी। कहा कि जिले के प्रत्येक किसान को वाजिब मुआवजा मिले तथा फसली ऋण की माफी, शुद्ध बीज, रसायन को निशुल्क दिया जाए। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे और अधिकारी अपने पदों का निर्वहन ईमानदारी से करें, अन्यथा की स्थिति में कृषक दल उनको कुर्सी पर नहीं बैठने देगा।
चक्रपाणि अवस्थी ने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता तभी दूर होगी, जब किसान अपने उत्पाद की आपूर्ति शहरों के लिए बंद कर दें। उन्होंने कहा कि सरकार को अविलंब किसानों को मुआवजा देकर अन्नदाता का सम्मान करना चाहिए। इस मौके पर रामदत्त शुक्ला, संजय सिंह, राजेश्वरी देवी, अनारकली, रामदेवी, अभिराम, गगन तिवारी, महेश, गया प्रसाद, दीनदयाल आदि मौजूद थे।
उधर, एडीएम लक्ष्मी शंकर सिंह के किसानों की समस्याओं का निस्तारण जल्द कराने के आश्वासन पर सामाजिक कार्यकर्ता श्यामाकांत दीक्षित, गिरीश बाजपेयी, योगेंद्र बाजपेयी, दीपक शुक्ला आदि ने राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज दीक्षित को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यदि किसानों की मांगों का निस्तारण समय पर नहीं किया गया तो वह 9 अगस्त को दोबारा आंदोलन करेंगे।