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बारिश में टपकती स्कूल की छत
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हरियावां। ब्लॉक की ग्राम सभा रनियामऊ के मजरा हिल्लापुर में प्राथमिक विद्यालय के भवन का घटिया निर्माण होने के चलते बारिश में छत टपकने लगती है। वहीं, प्लास्टर नहीं हुआ है और न ही रसोई घर बना है।
हैंडपंप भी खराब है। अव्यवस्थाएं होने से परिजन बच्चों को पढ़ने के लिए भेजने से कतराते हैं। हिल्लापुर के प्राथमिक विद्यालय के भवन का निर्माण लगभग 10 वर्ष पहले कराया गया था। घटिया निर्माण से बरसात में पूरा स्कूल टपकता है, क्योंकि छत चटक चुकी है।
शिक्षक शिवम ने बताया कि बरसात के समय बच्चों के साथ टिनशेड के नीचे बैठना पड़ता है। छत गिरने की आशंका रहती है। बच्चों के ऊपर छत की रेत गिरती है। इससे बच्चे कम संख्या में आते हैं। भवन का प्लास्टर अब तक नहीं हुआ।
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रसोई घर नहीं बना, इससे खाना दूसरे कमरे में बनाना पड़ता है। एक कक्ष में पढ़ाई कराई जाती है। इस समय स्कूल की हालत देखकर यही लगता है कि ऐसा स्कूल जनपद के अंदर दूसरा नहीं हो सकता है।
भवन की दोबारा पुताई नहीं हुई है। इस समय पर 41 बच्चे हैं। जिसमें एक प्रधानाध्यापक व एक सहायक शिक्षक की तैनाती है। स्कूल की तरफ जाने के लिए एक कच्ची रास्ता है, जिस पर बबूल के पेड़ लगे हैं।
स्कूल के बाहर एक टूटा हैंडपंप लगा है, लेकिन रिबोर नहीं है। यहां बिजली भी नहीं है। शिक्षकों ने चंदा करके नल स्कूल के अंदर लगवाया है। स्कूल की प्रधानाध्यापक पूनम गौतम से संपर्क करने के बाद भी बात नहीं हो पाई।
वहीं, बीईओ फूलचंद्र ने बताया कि इस समय उनकी ड्यूटी चुनावों में लगी है। जानकारी की जाएगी। रनियामऊ के प्रधान रोशन लाल ने बताया कि प्राथमिक स्कूल लगभग 10 वर्ष पूर्व बनवाया गया था, उस समय वह प्रधान नहीं थे।
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हैंडपंप भी खराब है। अव्यवस्थाएं होने से परिजन बच्चों को पढ़ने के लिए भेजने से कतराते हैं। हिल्लापुर के प्राथमिक विद्यालय के भवन का निर्माण लगभग 10 वर्ष पहले कराया गया था। घटिया निर्माण से बरसात में पूरा स्कूल टपकता है, क्योंकि छत चटक चुकी है।
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शिक्षक शिवम ने बताया कि बरसात के समय बच्चों के साथ टिनशेड के नीचे बैठना पड़ता है। छत गिरने की आशंका रहती है। बच्चों के ऊपर छत की रेत गिरती है। इससे बच्चे कम संख्या में आते हैं। भवन का प्लास्टर अब तक नहीं हुआ।
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रसोई घर नहीं बना, इससे खाना दूसरे कमरे में बनाना पड़ता है। एक कक्ष में पढ़ाई कराई जाती है। इस समय स्कूल की हालत देखकर यही लगता है कि ऐसा स्कूल जनपद के अंदर दूसरा नहीं हो सकता है।
भवन की दोबारा पुताई नहीं हुई है। इस समय पर 41 बच्चे हैं। जिसमें एक प्रधानाध्यापक व एक सहायक शिक्षक की तैनाती है। स्कूल की तरफ जाने के लिए एक कच्ची रास्ता है, जिस पर बबूल के पेड़ लगे हैं।
स्कूल के बाहर एक टूटा हैंडपंप लगा है, लेकिन रिबोर नहीं है। यहां बिजली भी नहीं है। शिक्षकों ने चंदा करके नल स्कूल के अंदर लगवाया है। स्कूल की प्रधानाध्यापक पूनम गौतम से संपर्क करने के बाद भी बात नहीं हो पाई।
वहीं, बीईओ फूलचंद्र ने बताया कि इस समय उनकी ड्यूटी चुनावों में लगी है। जानकारी की जाएगी। रनियामऊ के प्रधान रोशन लाल ने बताया कि प्राथमिक स्कूल लगभग 10 वर्ष पूर्व बनवाया गया था, उस समय वह प्रधान नहीं थे।