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Hardoi News: जिले के 23 अस्पतालों में एक भी मरीज नहीं हुआ आयुष्मान भव
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हरदोई। हर जरूरतमंद को पांच लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना की स्थिति जिले में ठीक नहीं है। आयुष्मान कार्ड बनाए जाने से लेकर योजना में पंजीकृत अस्पतालों में उपचार तक की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पा रही है। आयुष्मान भारत में उपचार के लिए पंजीकृत 59 अस्पतालों में से 23 अस्पतालों ने तो एक भी आयुष्मान कार्ड धारक का इलाज ही नहीं किया।
आयुष्मान भारत योजना के तहत वर्ष 2011 में हुई सामाजिक आर्थिक जनगणना में पात्र पाए गए परिवारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने का निर्णय हुआ था। इसी क्रम में जनपद में 4,01,827 परिवारों के 17,56,587 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने थे। अब तक 11 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाकर वितरित किए जा चुके हैं।
योजना के तहत परिवार के एक सदस्य या कई सदस्यों के इलाज पर पांच लाख रुपये तक का खर्च सरकार ही उठाती है। योजना के अंतर्गत जिले में कुल 59 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें 15 निजी अस्पताल और 44 सरकारी चिकित्सालय हैं। खास बात यह है कि 59 में से 23 चिकित्सालय ऐसे हैं जिनमें आयुष्मान भारत योजना के तहत एक भी मरीज का इलाज नहीं हुआ है। इन 23 चिकित्सालयों में कुछ प्राइवेट तो कुछ सरकारी अस्पताल भी शामिल हैं।
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46,560 को मिला योजना का लाभ
जनपद के 46,560 आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज की सुविधा मिली है। न सिर्फ जनपद के अस्पतालों में बल्कि गैर जनपदों के अस्पतालों में भी हरदोई के आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज मिला है। 10,902 आयुष्मान कार्ड धारकों ने जनपद के प्राइवेट अस्पतालों में और 9,366 लोगों ने सरकारी अस्पतालों में उपचार कराया है। इन लोगों के उपचार पर 75 करोड़ 30 लाख रुपये सरकार ने खर्च किए हैं।
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आयुष्मान भारत योजना के तहत वर्ष 2011 में हुई सामाजिक आर्थिक जनगणना में पात्र पाए गए परिवारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने का निर्णय हुआ था। इसी क्रम में जनपद में 4,01,827 परिवारों के 17,56,587 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने थे। अब तक 11 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाकर वितरित किए जा चुके हैं।
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योजना के तहत परिवार के एक सदस्य या कई सदस्यों के इलाज पर पांच लाख रुपये तक का खर्च सरकार ही उठाती है। योजना के अंतर्गत जिले में कुल 59 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें 15 निजी अस्पताल और 44 सरकारी चिकित्सालय हैं। खास बात यह है कि 59 में से 23 चिकित्सालय ऐसे हैं जिनमें आयुष्मान भारत योजना के तहत एक भी मरीज का इलाज नहीं हुआ है। इन 23 चिकित्सालयों में कुछ प्राइवेट तो कुछ सरकारी अस्पताल भी शामिल हैं।
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46,560 को मिला योजना का लाभ
जनपद के 46,560 आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज की सुविधा मिली है। न सिर्फ जनपद के अस्पतालों में बल्कि गैर जनपदों के अस्पतालों में भी हरदोई के आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज मिला है। 10,902 आयुष्मान कार्ड धारकों ने जनपद के प्राइवेट अस्पतालों में और 9,366 लोगों ने सरकारी अस्पतालों में उपचार कराया है। इन लोगों के उपचार पर 75 करोड़ 30 लाख रुपये सरकार ने खर्च किए हैं।