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आयोजनों से होता है कलाओं का विकास
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 20 Dec 2014 12:12 AM IST
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राजकीय महाविद्यालय में लघु कथा लेखन, गायन, पोस्टर एवं ग्रीटिंग कार्ड मेकिंग प्रतियोगिताओं के साथ दो दिवसीय युवा महोत्सव का शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर प्राचार्य डा. सुधीर चौहान ने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में कई कलाओं का विकास होता है। विद्यार्थियाें को अपनी रुचि के अनुसार विद्या का चुनाव करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान करना चाहिए।
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वरिष्ठ प्राध्यापक डा. एमसी यादव ने कहा कि शिक्षा ज्ञान के अदान-प्रदान का उचित माध्यम है। दूरस्थ क्षेत्रों में महाविद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण परिवेश के युवाओं को ज्ञानार्जन एवं अध्ययन कराना है। डा. विवेक तिवारी ने कहा कि देश को युवाओं से बहुत अपेक्षाएं हैं। उन्होंने टीचरों व विद्यार्थियों के बीच पारस्परिक संवाद एवं उचित मार्गदर्शन को समय की जरूरत बताया।
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संचालन कर रहे डा. गगन कुमार ने कहा कि शिक्षणेत्तर गतिविधियों में विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने को समय-समय पर ऐसे आयोजन होते हैं। इनसे विद्यार्थियों की प्रतिभाओं में भी निखार आता है। आशीष सिंह ने शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों की स्थापना की जरूरत पर बल दिया। दो दिवसीय युवा महोत्सव के पहले दिन डा. सरिता सिंह व सुरेंद्र कुमार के निर्देशन में हुईं ग्रीटिंग कार्ड मेकिंग प्रतियोगिता में रेनू देवी प्रथम रहीं।
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संध्या दूसरे व प्रियंका तीसरे स्थान पर रहीं। पोस्टर प्रतियोगिता में जंत्री देवी अव्वल रहीं। शिवानी मिश्रा ने दूसरा स्थान हासिल किया। गायन में दीक्षा मिश्रा को पहला स्थान मिला। शिवानी मिश्रा दूसरे एवं कीर्ति देवी तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय स्टाफ व अन्य विद्यार्थी मौजूद थे। उधर, युवा महोत्सव के दौरान ही प्राचार्य एवं अन्य टीचरों ने महाविद्यालय की पत्रिका ‘पिहानिका’ का भी विमोचन किया गया।
इस वार्षिक प्रतियोगिता में स्टाफ के साथ ही छात्र-छात्राओं द्वारा रचित कविताओं, गजलों, लेख, और कहानियाें का शामिल किया गया है।