फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   " Arms - scriptures were confluence Parshuram '

‘शस्त्र-शास्त्रों का संगम थे परशुराम’

Wed, 22 Apr 2015 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Wed, 22 Apr 2015 12:13 AM IST
विज्ञापन
" Arms - scriptures were confluence Parshuram '

अक्षय तृतीया पर मंगलवार को भगवान परशुराम की जयंती

विज्ञापन
घंटाघर में बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाई गई। संस्कार महोत्सव के दौरान वक्ताओं ने कहा कि संस्कार न हो तो मानव पशु समान हैं, इसलिए युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति व संस्कार को अवश्य अपनाना चाहिए।

भगवान परशुराम प्रेरणा ट्रस्ट के तत्वावधान में घंटाघर परिसर में भगवान परशुराम की जयंती पर मुख्य अतिथि एमएलसी डा. अशोक बाजपेयी ने कहा कि भगवान परशुराम ने शास्त्र के माध्यम से समाज को संस्कार दिए हैं और जब अन्याय और अत्याचार बढ़े हैं तो उन्हें शस्त्र उठाने को भी बाध्य होना पड़ा है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यज्ञोपवीत सिर्फ एक सामाजिक संस्कार तक ही सीमित नहीं वरन मानव जीवन को समाज, राष्ट्र, के प्रति जवाबदेह बनाने की एक सामाजिक प्रक्रिया है। विशिष्ट अतिथि न्यायाधीश अविनाश पांडे ने चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल आदि का उदाहरण देते हुए ब्राह्मण परिवारों के बच्चों को महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने की सीख दी।

ट्रस्ट अध्यक्ष पूर्व विधायक लालन शर्मा ने कहा कि हर ब्राह्मण को उनके आदर्शों पर चलकर अन्याय और उत्पीड़न का विरोध करना चाहिए। इस मौके पर पूर्व चेयरमैन सुख सागर मिश्र, अतिरिक्त सालिसिटर जनरल सूर्यभान पांडे ने भी संबोधित किया।

इस मौके पर अरुणेश बाजपेई, कमलेश पाठक, अवनिकांत बाजपेई, पारुल दीक्षित, ओपी तिवारी, कमलेश पाठक, रामेश्वर प्रसाद बाजपेई, राजीव रंजन मिश्र, अखिलेश पाठक, महेश मिश्र आदि मौजूद थे।

उधर, ट्रस्ट द्वारा 105 बटुकों का सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार काशी के आचार्य डा. उदय नारायण पांडे, काठमांडू के आचार्य ओमप्रकाश देव कोटा, प्रयाग के तारा प्रसाद, कुशीनगर के राजेश चौबे, विमलेश दीक्षित ने कराया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed