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Hardoi News: चार मार्गों के चौड़ीकरण के लिए स्वीकृति, 1.82 अरब का आएगा खर्च
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फोटो 17: परचरल रसूलपुर मार्ग। संवाद
हरदोई। जिले के चार और मार्गों के चौड़ीकरण की शासन ने स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री की तरफ से दी गई मार्गों की स्वीकृति में जिले के चार मार्ग शामिल हैं। मार्गों के चौड़ीकरण पर करीब एक अरब, 82 करोड़, 64 लाख रुपये का खर्च आएगा। प्रस्तावों पर स्वीकृति मिलने से अब जल्द ही वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति जारी होना बाकी है।
मुख्य जिला मार्ग संडीला-बेनीगंज मार्ग से निकलने वाले कोथावां-माल रोड की लंबाई करीब 32.40 किलोमीटर है। यह मार्ग लखनऊ के कस्बा मार्ग को जोड़ते हुए एनएच-731 से मलिहाबाद पर मिलता है। इसी मार्ग पर हत्याहरण तीर्थ भी है। चौरासी कोसीय परिक्रमा करने आने वाले श्रद्धालुओं को इस मार्ग के चौड़ीकरण से आसानी होगी। मार्ग को सात मीटर चौड़ा बनाए जाने के लिए शासन ने स्वीकृति दी है। इस पर करीब 65 करोड़, 46 लाख रुपये खर्च होंगे।
परचल रसूलपुर मार्ग की लंबाई करीब 17 किलोमीटर है। यह मार्ग नगर निकाय और ब्लॉक माधौगंज से अमर सेना नरपति सिंह रैकवार स्मारक संस्थान रुइयागढ़ी होते हुए शुक्लापुर भगत, भिखारीपुर, सैदनाखेड़ा होते हुए अन्य जिला मार्ग सुरसा-बीकापुर-बन्नापुर मार्ग को जोड़ते हुए एनएच-330 डी को जोड़ता है जिससे यह मार्ग बिलग्राम-उन्नाव-इलाहाबाद मार्ग के लिए बाईपास का भी काम करेगा।
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परचल रसूलपुर मार्ग के चौड़ीकरण से भारी वाहनों और लंबी दूरी के यात्रियों को बिलग्राम और माधौगंज कस्बा की घनी आबादी और जाम से छुटकारा मिल जाएगा। वहीं, रुइयागढ़ी की दूरी में भी छह किलोमीटर की लंबाई कम हो जाएगी। लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 38 करोड़, 11 लाख, रुपये की कार्ययोजना शासन को भेजी है।
सांडी-बघौली मार्ग के चौड़ीकरण से दो राष्ट्रीय राजमार्ग और एक अन्य जिला मार्ग से आवागमन करने वाले यात्रियों को आसानी होगी। सांडी-बघौली मार्ग की लंबाई करीब 18.450 किलोमीटर है। लोक निर्माण विभाग ने मार्ग पर वाहनों और यातायात के दबाव के संबंध में रिपोर्ट देते हुए मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने मार्ग के चौड़ीकरण के लिए हरी झंडी दे दी है। सांडी-बघौली मार्ग का चौड़ीकरण करीब 30 से अधिक गांवों, स्कूल और विश्व प्रसिद्ध नैमिषारण्य तीर्थ जाने के लिए लोगों को आसानी होगी। साथ ही मेहंदीघाट और कुसुमखोर घाट पर गंगा स्नान के समय मेला और अन्य आयोजनों में धार्मिक और व्यापारिक उपयोग के लिए भी महत्वपूर्ण है। शासन से स्वीकृति मिल गई है। मार्ग के चौड़ीकरण पर 41 करोड़, सात लाख रुपये का खर्च आएगा।
पिहानी-गोपामऊ मार्ग की लंबाई करीब 14 किलोमीटर है। प्रमुख जिला मार्ग हरदोई-पिहानी-चपरतला मार्ग पिहानी से निकलकर इटौली-गोपामऊ-पिसावां मार्ग को जोड़ता है। यह मार्ग पिसावां से आगे लखनऊ-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ता है। गन्ना की खेती अधिक होने के कारण गन्ना किसानों के लिए मार्ग का चौड़ीकरण लाभकारी साबित होगा। इस मार्ग पर कुल्लही, बदुली, मझिया, बधरिया, हिल्लापुर, रनियामऊ, जुड़ौरा, टंडौरा, दौलतपुर और पिलवानखेड़ा आदि गांवों की करीब 15 हजार से अधिक आबादी को आवागमन में आसानी होगी। पिहानी-गोपामऊ मार्ग पर चिकित्सालय, स्वास्थ्य केंद्र और हरियावां चीनी मिल भी जुड़ता है। शासन ने मार्ग के चौड़ीकरण की स्वीकृति दी है, जिस पर करीब 38 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
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मुख्यमंत्री ने मार्गों के चौड़ीकरण को हरी झंडी दे दी है। अब मार्गों पर काम कराए जाने के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति होना बाकी है। काम कराने के लिए रुपये मिलने पर निविदा आदि की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। चार मार्गों के चौड़ीकरण से तीर्थ यात्रियों, गन्ना किसानों सहित आमजन को आवागमन में आसानी होगी। -आरके मौर्य, नोडल अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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मुख्य जिला मार्ग संडीला-बेनीगंज मार्ग से निकलने वाले कोथावां-माल रोड की लंबाई करीब 32.40 किलोमीटर है। यह मार्ग लखनऊ के कस्बा मार्ग को जोड़ते हुए एनएच-731 से मलिहाबाद पर मिलता है। इसी मार्ग पर हत्याहरण तीर्थ भी है। चौरासी कोसीय परिक्रमा करने आने वाले श्रद्धालुओं को इस मार्ग के चौड़ीकरण से आसानी होगी। मार्ग को सात मीटर चौड़ा बनाए जाने के लिए शासन ने स्वीकृति दी है। इस पर करीब 65 करोड़, 46 लाख रुपये खर्च होंगे।
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परचल रसूलपुर मार्ग की लंबाई करीब 17 किलोमीटर है। यह मार्ग नगर निकाय और ब्लॉक माधौगंज से अमर सेना नरपति सिंह रैकवार स्मारक संस्थान रुइयागढ़ी होते हुए शुक्लापुर भगत, भिखारीपुर, सैदनाखेड़ा होते हुए अन्य जिला मार्ग सुरसा-बीकापुर-बन्नापुर मार्ग को जोड़ते हुए एनएच-330 डी को जोड़ता है जिससे यह मार्ग बिलग्राम-उन्नाव-इलाहाबाद मार्ग के लिए बाईपास का भी काम करेगा।
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परचल रसूलपुर मार्ग के चौड़ीकरण से भारी वाहनों और लंबी दूरी के यात्रियों को बिलग्राम और माधौगंज कस्बा की घनी आबादी और जाम से छुटकारा मिल जाएगा। वहीं, रुइयागढ़ी की दूरी में भी छह किलोमीटर की लंबाई कम हो जाएगी। लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 38 करोड़, 11 लाख, रुपये की कार्ययोजना शासन को भेजी है।
सांडी-बघौली मार्ग के चौड़ीकरण से दो राष्ट्रीय राजमार्ग और एक अन्य जिला मार्ग से आवागमन करने वाले यात्रियों को आसानी होगी। सांडी-बघौली मार्ग की लंबाई करीब 18.450 किलोमीटर है। लोक निर्माण विभाग ने मार्ग पर वाहनों और यातायात के दबाव के संबंध में रिपोर्ट देते हुए मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने मार्ग के चौड़ीकरण के लिए हरी झंडी दे दी है। सांडी-बघौली मार्ग का चौड़ीकरण करीब 30 से अधिक गांवों, स्कूल और विश्व प्रसिद्ध नैमिषारण्य तीर्थ जाने के लिए लोगों को आसानी होगी। साथ ही मेहंदीघाट और कुसुमखोर घाट पर गंगा स्नान के समय मेला और अन्य आयोजनों में धार्मिक और व्यापारिक उपयोग के लिए भी महत्वपूर्ण है। शासन से स्वीकृति मिल गई है। मार्ग के चौड़ीकरण पर 41 करोड़, सात लाख रुपये का खर्च आएगा।
पिहानी-गोपामऊ मार्ग की लंबाई करीब 14 किलोमीटर है। प्रमुख जिला मार्ग हरदोई-पिहानी-चपरतला मार्ग पिहानी से निकलकर इटौली-गोपामऊ-पिसावां मार्ग को जोड़ता है। यह मार्ग पिसावां से आगे लखनऊ-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ता है। गन्ना की खेती अधिक होने के कारण गन्ना किसानों के लिए मार्ग का चौड़ीकरण लाभकारी साबित होगा। इस मार्ग पर कुल्लही, बदुली, मझिया, बधरिया, हिल्लापुर, रनियामऊ, जुड़ौरा, टंडौरा, दौलतपुर और पिलवानखेड़ा आदि गांवों की करीब 15 हजार से अधिक आबादी को आवागमन में आसानी होगी। पिहानी-गोपामऊ मार्ग पर चिकित्सालय, स्वास्थ्य केंद्र और हरियावां चीनी मिल भी जुड़ता है। शासन ने मार्ग के चौड़ीकरण की स्वीकृति दी है, जिस पर करीब 38 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
मुख्यमंत्री ने मार्गों के चौड़ीकरण को हरी झंडी दे दी है। अब मार्गों पर काम कराए जाने के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति होना बाकी है। काम कराने के लिए रुपये मिलने पर निविदा आदि की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। चार मार्गों के चौड़ीकरण से तीर्थ यात्रियों, गन्ना किसानों सहित आमजन को आवागमन में आसानी होगी। -आरके मौर्य, नोडल अभियंता, लोक निर्माण विभाग

फोटो 17: परचरल रसूलपुर मार्ग। संवाद