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Hardoi News: ब्लॉक कार्यालय के काम को सात और लाइट के काम को 10 टुकड़ों में बांटकर बना दी कार्ययोजना
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हरदोई। माधौगंज के बाद अब बेहंदर ने कामों को टुकड़ों कर कार्ययोजना बना दी है।
राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग के रुपयों को खर्च करने में पंचायत के जिम्मेदार मनमानी कर रहे हैं। 10 से अधिक की लागत वाले कामों की पत्रावली अनुमोदन के लिए डीएम की नजरों से बचाने के लिए काम को टुकड़ों में कर कार्ययोजना बनाई जा रही हैं। विकास खंड बेहंदर में क्षेत्र पंचायत की कार्ययोजना में ब्लॉक कार्यालय के काम को सात और सोलर लाइट के काम को 10 टुकड़ों में बांटा गया है।
बेहंदर में दो करोड़ से अधिक रुपये की क्षेत्र पंचायत की कार्ययोजना बनाई गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में सोलर लाइट के काम को टुकड़ों में बांटा गया था। उस समय जांच और कार्रवाई भी हुई, लेकिन जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना में कुल 79 आईडी जारी की गईं। ब्लॉक कार्यालय में गेट, चारदीवारी, सीसीटीवी कैमरा, अतिरिक्त कक्ष, सभागार की मरम्मत और जीर्णोद्धार, कार्यालय की मरम्मत और रंगाई-पुताई, कार्यालय में स्टाफ कक्ष बनवाए जाने के काम को एक साथ कार्ययोजना में शामिल नहीं किया है।
इन कामों के लिए पांच-पांच लाख रुपये की सात आईडी बनाई गई हैं। ऐसे ही ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर लाइटों को लगवाए जाने के काम की 10 आईडी बनाई गई हैं। 10 टुकड़ों में कराए जाने वाले काम में प्रत्येक काम को चार लाख, 50 हजार रुपये दर्शाया गया है। ऐसे ही अन्य कामों को भी क्षेत्र पंचायत की गाइडलाइन में न होते हुए भी काम शामिल किए गए है। हैंडपंप की मरम्मत की जिम्मेदारी शासन ने ग्राम पंचायतों को सौंपी है, जबकि कार्ययोजना में क्षेत्र पंचायत ने भी शामिल किया है।
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पंचायतीराज विभाग के माध्यम से राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग की मद में मिलने वाले रुपये से कराए जाने वाले काम में क्षेत्र पंचायत के जिम्मेदार गड़बड़ी से नहीं चूक रहे हैं। एक से अधिक गांवों के लोगों को सुविधा और सहूलियत से जुड़े कामों के स्थान पर केवल एक ही ग्राम पंचायत में कराए जाने वाले कामों को भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है।
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भुगतान में बिल-वाउचर के स्थान पर लगाई जा रही एमबी
क्षेत्र पंचायत निधि से कराए जाने वाले कामों के भुगतान में भी ग्राम पंचायतों की भांति ऑनलाइन बिल-वाउचर लगाया जाना अनिवार्य है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर भुगतान की प्रक्रिया से संबंधित फर्म के बिल-वाउचर के स्थान पर एमबी आदि को फीड किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में बेहंदर में क्षेत्र पंचायत निधि से करीब दो करोड़, 76 लाख, 40 हजार, 307 रुपये का भुगतान किया गया। जनवरी 2025 से बिल-वाउचर फीड किया जाना अनिवार्य किया गया। जिम्मेदारों ने एमबी, एस्टीमेट और कुछ में तो सादा पेज ही फीड कर दिया है। खास बात यह है कि भुगतान की प्रक्रिया में साल 2023-24 और 2024-25 में कुछ चुनिंदा लोगों और फर्मों को ही काम मिलता रहा।
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दस लाख रुपये से अधिक की लागत वाले कामों की पत्रावलियां ब्लॉक से जिला मुख्यालय पर परीक्षण और अनुमोदन के लिए भिजवाए जाने की व्यवस्था है। एक प्रकृति और एक ही स्थान पर होने वाले कामों की कार्ययोजना तोड़ी गई है, तो यह गाइडलाइन और शासनादेश के विपरीत है। ऐसा है तो कार्ययोजना का परीक्षण कराय जाएगा और संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी। -सौम्या गुरूरानी, सीडीओ
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राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग के रुपयों को खर्च करने में पंचायत के जिम्मेदार मनमानी कर रहे हैं। 10 से अधिक की लागत वाले कामों की पत्रावली अनुमोदन के लिए डीएम की नजरों से बचाने के लिए काम को टुकड़ों में कर कार्ययोजना बनाई जा रही हैं। विकास खंड बेहंदर में क्षेत्र पंचायत की कार्ययोजना में ब्लॉक कार्यालय के काम को सात और सोलर लाइट के काम को 10 टुकड़ों में बांटा गया है।
बेहंदर में दो करोड़ से अधिक रुपये की क्षेत्र पंचायत की कार्ययोजना बनाई गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में सोलर लाइट के काम को टुकड़ों में बांटा गया था। उस समय जांच और कार्रवाई भी हुई, लेकिन जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना में कुल 79 आईडी जारी की गईं। ब्लॉक कार्यालय में गेट, चारदीवारी, सीसीटीवी कैमरा, अतिरिक्त कक्ष, सभागार की मरम्मत और जीर्णोद्धार, कार्यालय की मरम्मत और रंगाई-पुताई, कार्यालय में स्टाफ कक्ष बनवाए जाने के काम को एक साथ कार्ययोजना में शामिल नहीं किया है।
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इन कामों के लिए पांच-पांच लाख रुपये की सात आईडी बनाई गई हैं। ऐसे ही ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर लाइटों को लगवाए जाने के काम की 10 आईडी बनाई गई हैं। 10 टुकड़ों में कराए जाने वाले काम में प्रत्येक काम को चार लाख, 50 हजार रुपये दर्शाया गया है। ऐसे ही अन्य कामों को भी क्षेत्र पंचायत की गाइडलाइन में न होते हुए भी काम शामिल किए गए है। हैंडपंप की मरम्मत की जिम्मेदारी शासन ने ग्राम पंचायतों को सौंपी है, जबकि कार्ययोजना में क्षेत्र पंचायत ने भी शामिल किया है।
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पंचायतीराज विभाग के माध्यम से राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग की मद में मिलने वाले रुपये से कराए जाने वाले काम में क्षेत्र पंचायत के जिम्मेदार गड़बड़ी से नहीं चूक रहे हैं। एक से अधिक गांवों के लोगों को सुविधा और सहूलियत से जुड़े कामों के स्थान पर केवल एक ही ग्राम पंचायत में कराए जाने वाले कामों को भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है।
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भुगतान में बिल-वाउचर के स्थान पर लगाई जा रही एमबी
क्षेत्र पंचायत निधि से कराए जाने वाले कामों के भुगतान में भी ग्राम पंचायतों की भांति ऑनलाइन बिल-वाउचर लगाया जाना अनिवार्य है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर भुगतान की प्रक्रिया से संबंधित फर्म के बिल-वाउचर के स्थान पर एमबी आदि को फीड किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में बेहंदर में क्षेत्र पंचायत निधि से करीब दो करोड़, 76 लाख, 40 हजार, 307 रुपये का भुगतान किया गया। जनवरी 2025 से बिल-वाउचर फीड किया जाना अनिवार्य किया गया। जिम्मेदारों ने एमबी, एस्टीमेट और कुछ में तो सादा पेज ही फीड कर दिया है। खास बात यह है कि भुगतान की प्रक्रिया में साल 2023-24 और 2024-25 में कुछ चुनिंदा लोगों और फर्मों को ही काम मिलता रहा।
दस लाख रुपये से अधिक की लागत वाले कामों की पत्रावलियां ब्लॉक से जिला मुख्यालय पर परीक्षण और अनुमोदन के लिए भिजवाए जाने की व्यवस्था है। एक प्रकृति और एक ही स्थान पर होने वाले कामों की कार्ययोजना तोड़ी गई है, तो यह गाइडलाइन और शासनादेश के विपरीत है। ऐसा है तो कार्ययोजना का परीक्षण कराय जाएगा और संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी। -सौम्या गुरूरानी, सीडीओ