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अमृत देगी शहर के 30 हजार घरों को यूनिक पहचान

Sat, 13 Mar 2021 11:20 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Mar 2021 11:20 PM IST
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Amrit will give unique identity to 30 thousand houses in the city
फोटो-5-चर्चा में आया अपना शहर। संवाद - फोटो : HARDOI
हरदोई। सूबे के अमृत शहर में शुमार अपने शहर के हर घर को अलग पहचान मिलेगी। हर घर का यूनिक आईडी कोड होगा। नगर पालिका भी सिर्फ एक क्लिक से पालिका क्षेत्र के किसी भी मकान का पूरा आंकलन कर सकेगी। नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि सर्वे शुरू हो गया है। शहर के करीब तीस हजार मकानों को यूनिक आईडी मिलेगी तो पालिका को उचित टैक्स की प्राप्ति भी हो सकेगी।
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डोर टू डोर हो रहे सर्वे में अपट्रान पॉवरट्रॉनिक्स लिमिटेड के कर्मी घर जाएंगे। कर्मचारी हर घर का दरवाजा खटखटाएंगे। संपत्ति की तस्वीर लेंगे, घर मालिक-किरायेदार की जानकारी के साथ पूरी डिटेल सॉफ्टवेयर पर अपलोड करेंगे।
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इसके बाद संपत्ति कर की चोरी नहीं की जा सकेगी। शहर की आबादी डेढ़ लाख से अधिक है। अभी तक 30 हजार परिवार शहर में रह रहे हैं, लेकिन पंजीकरण इससे भी काफी कम है। सर्वे के बाद जहां शहर के लोगों को अपने मकान, दुकान और कांप्लेक्स का यूनिक आईडी नंबर मिलेगा, वहीं पालिका को भी बढ़े हुए मकान, दुकान का पूरा सर्वे प्राप्त होगा और इसकी मदद से उन्हें टैक्स लेने में भी आसानी होगी।
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नगर पालिका ईओ रविशंकर शुक्ल का कहना है कि यह शहर अमृत शहर की श्रेणी में शामिल हैं। सूबे के कई शहरों ने इस सर्वे को पूरा करा लिया है। यहां भी सर्वे शुरू कर दिया गया है। शुरुआत आवास विकास कालोनी से हो गई है। एजेंसी के कर्मचारियों को आईडी कार्ड दिए गए हैं, जो घर-घर पहुंचेंगे। शहरवासी सर्वे में अपना सहयोग करें ताकि सर्वे जल्द से पूर्ण हो सके।
जीआईएस सर्वे रोकेगा टैक्स चोरी
कर्मचारियों के वेतन समेत खर्चे इन्हें संपत्तिकर, जल कर समेत अन्य करों से निकालने होते हैं, इसलिए अब इनके सामने चुनौती है कि ये टैक्स चोरी रोकें, यही वजह है कि अब आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। जीआईएस सर्वे उसी में से एक है।
शहर में अभी करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की टैक्स वसूली की जाती है, लेकिन कई गुना चोरी हो जाती है। उम्मीद है कि इस सर्वे से पालिका का टैक्स 10 गुना से अधिक बढ़ जाएगा।
पालिका की संपत्ति रहेगी अतिक्रमणमुक्त
इस सर्वे के बाद पालिका की संपत्ति भी सुरक्षित रहेगी जो अभी अतिक्रमण में है उसे भी मुक्त करा लिया जाएगा। भविष्य में भी पालिका की जमीन पर अतिक्रमण करना लोगों को काफी मुश्किल होगा।
ये सारी डिटेल देनी होंगी
ईओ रविशंकर शुक्ल ने बताया कि सर्वे के दौरान मकान मालिक का नाम, आधार कार्ड और पहचानपत्र के साथ। पूर्व में किए गए संपत्ति कर का भुगतान की रसीद देनी होगी। प्लॉट एरिया और कंस्ट्रक्शन एरिया, जिसकी फोटोग्राफी की जाएगी। नल कनेक्शन है तो उसकी भी जानकारी देनी होगी।

एक क्लिक पर मिलेगी जानकारी
सर्वे के दौरान कंपनी के कर्मचारी प्रत्येक व्यक्ति से एक प्रारूप भरवाएंगे और उस प्रारूप को सॉफ्टवेयर में अपलोड करेंगे। इससे एक यूनिक आईडी जनरेट होगी, जो संबंधित को आवंटित कर दी जाएगी। जिसके जरिए वह संपत्ति की तमाम डिटेल एक क्लिक में हासिल कर सकेगा।
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