{"_id":"698cbacf19a411c15a033cd2","slug":"all-wards-in-the-160-bed-ipd-block-will-be-operational-in-march-preparations-are-in-full-swing-hardoi-news-c-213-1-hra1004-144772-2026-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: मार्च में 160 बेड के आईपीडी ब्लॉक में शुरू हो जाएंगे सभी वार्ड, तैयारियां तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: मार्च में 160 बेड के आईपीडी ब्लॉक में शुरू हो जाएंगे सभी वार्ड, तैयारियां तेज
विज्ञापन
फोटो-08- मेडिकल कॉलेज की आईपीडी भवन में रखी सामग्री। संवाद
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की राह देख रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। मेडिकल कॉलेज परिसर में नवनिर्मित 160 बेड का आईपीडी भवन मार्च के दूसरे सप्ताह से पूरी तरह क्रियाशील होने की उम्मीद है। उच्च क्षमता के विद्युत कनेक्शन की कमी के कारण भवन का पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा था। बिजली कनेक्शन की बाधा दूर होते ही अब वार्ड में शिफ्टिंग का काम तेज करा दिया गया है।
अत्याधुनिक व्यवस्थाओं से लैस 160 बेड का आईपीडी भवन बनकर तैयार हुए दो साल बीत गए हैं लेकिन भवन में अभी सभी वार्ड संचालित नहीं हुए। सिर्फ हड्डी विभाग को शुरू किया गया है। उच्च क्षमता के विद्युत कनेक्शन के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने करीब 13 करोड़ रुपये से नए विद्युत उपकेंद्र का प्रस्ताव भी दिया है। इसके बाद भी काम समय से पूरा नहीं हुआ।
हालांकि, अब विद्युत निगम के अधिकारियों ने मार्च के दूसरे सप्ताह तक एक 1230 केवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित कर आईपीडी भवन को उच्च विद्युत क्षमता का कनेक्शन देने का भरोसा दिया है। विद्युत निगम से आश्वस्त होने के बाद अब मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने नए भवन में वार्डों को शिफ्ट करने की तैयारियां तेज कर दी है। मार्च तक सभी वार्डाें में मरीजों के बेड और उपकरण लगाने का काम पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
गंभीर मरीजों के लिए 20 बेड होंगे रिजर्व
नवीन आईपीडी भवन में मरीजों के लिए कुल 160 बेड निर्धारित किए गए हैं। इनमें 130 बेड सामान्य रोगियों के लिए रहेंगे। वहीं, 20 बेड आकस्मिक विभाग के लिए आरक्षित किए गए हैं। 10 बेडों को प्री-ऑपरेटिव व ऑपरेशन के बाद मरीज की प्रारंभिक निगरानी के लिए रिजर्व किए गए हैं। भवन में चार मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, डेमोंस्ट्रेशन और व्याख्यान कक्ष, डॉक्टरों के लिए कक्ष, सेमिनार हॉल, भोजन की पैंट्री और लांड्री की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
सीटी स्कैन और एक्सरे मशीन का इंस्टालेशन शुरू
नए आईपीडी भवन में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए एक्सरे और सीटी स्कैन की व्यवस्था अलग ही रहेगी। नए भवन में डायग्नोस्टिक विभाग अलग से बनाया गया है। इसके लिए डिजिटल सीटी स्कैन और 100 एमए की एक्सरे मशीन का इंस्टालेशन का काम भी शुरू करवा दिया गया है। भर्ती होने वाले मरीजों को अब जांच कराने के लिए ओपीडी के मरीजों के बीच नंबर नहीं लगाना पड़ेगा।
विद्युत निगम से मार्च तक कनेक्शन मिलने की बात कही गई है। नए भवन में वार्डों को व्यवस्थित करने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही सभी विभागों की शिफ्टिंग पूरी कर ली जाएगी ताकि मरीजों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
अत्याधुनिक व्यवस्थाओं से लैस 160 बेड का आईपीडी भवन बनकर तैयार हुए दो साल बीत गए हैं लेकिन भवन में अभी सभी वार्ड संचालित नहीं हुए। सिर्फ हड्डी विभाग को शुरू किया गया है। उच्च क्षमता के विद्युत कनेक्शन के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने करीब 13 करोड़ रुपये से नए विद्युत उपकेंद्र का प्रस्ताव भी दिया है। इसके बाद भी काम समय से पूरा नहीं हुआ।
विज्ञापन
हालांकि, अब विद्युत निगम के अधिकारियों ने मार्च के दूसरे सप्ताह तक एक 1230 केवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित कर आईपीडी भवन को उच्च विद्युत क्षमता का कनेक्शन देने का भरोसा दिया है। विद्युत निगम से आश्वस्त होने के बाद अब मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने नए भवन में वार्डों को शिफ्ट करने की तैयारियां तेज कर दी है। मार्च तक सभी वार्डाें में मरीजों के बेड और उपकरण लगाने का काम पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
गंभीर मरीजों के लिए 20 बेड होंगे रिजर्व
नवीन आईपीडी भवन में मरीजों के लिए कुल 160 बेड निर्धारित किए गए हैं। इनमें 130 बेड सामान्य रोगियों के लिए रहेंगे। वहीं, 20 बेड आकस्मिक विभाग के लिए आरक्षित किए गए हैं। 10 बेडों को प्री-ऑपरेटिव व ऑपरेशन के बाद मरीज की प्रारंभिक निगरानी के लिए रिजर्व किए गए हैं। भवन में चार मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, डेमोंस्ट्रेशन और व्याख्यान कक्ष, डॉक्टरों के लिए कक्ष, सेमिनार हॉल, भोजन की पैंट्री और लांड्री की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
सीटी स्कैन और एक्सरे मशीन का इंस्टालेशन शुरू
नए आईपीडी भवन में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए एक्सरे और सीटी स्कैन की व्यवस्था अलग ही रहेगी। नए भवन में डायग्नोस्टिक विभाग अलग से बनाया गया है। इसके लिए डिजिटल सीटी स्कैन और 100 एमए की एक्सरे मशीन का इंस्टालेशन का काम भी शुरू करवा दिया गया है। भर्ती होने वाले मरीजों को अब जांच कराने के लिए ओपीडी के मरीजों के बीच नंबर नहीं लगाना पड़ेगा।
विद्युत निगम से मार्च तक कनेक्शन मिलने की बात कही गई है। नए भवन में वार्डों को व्यवस्थित करने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही सभी विभागों की शिफ्टिंग पूरी कर ली जाएगी ताकि मरीजों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज